त्वरित पुनरावलोकन नोट्स (Quick Revision Notes)
कक्षा: 11वीं
विषय: भूगोल
अध्याय: अपवाह तंत्र (Drainage System)
---
### मुख्य परिभाषाएँ (Key Definitions)
1. अपवाह (Drainage):
एक क्षेत्र के नदी तंत्र द्वारा जल का प्रवाह अपवाह कहलाता है।
2. अपवाह तंत्र (Drainage System):
एक निश्चित वाहिकाओं (Channels) के माध्यम से किसी मुख्य नदी और उसकी सहायक नदियों द्वारा जल का प्रवाह 'अपवाह तंत्र' कहलाता है।
3. अपवाह द्रोणी (Drainage Basin):
एक नदी तंत्र द्वारा जिस क्षेत्र का जल बहाकर ले जाया जाता है, उसे उस नदी की 'अपवाह द्रोणी' कहते हैं।
4. जल-विभाजक (Water Divide):
दो पड़ोसी अपवाह द्रोणियों को अलग करने वाली उच्च भूमि या पर्वत श्रृंखला को 'जल-विभाजक' कहते हैं (जैसे- पश्चिमी घाट)।
5. नदी द्रोणी (River Basin):
बड़ी नदियों के अपवाह क्षेत्र को 'नदी द्रोणी' कहा जाता है, जबकि छोटी नदियाँ और नाले 'जल संभर' (Watershed) कहलाते हैं।
---
### भारत के अपवाह तंत्र का वर्गीकरण (Classification of Drainage Systems in India)
भारतीय अपवाह तंत्र को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा गया है:
#### 1. उद्गम के आधार पर (Based on Origin):
- हिमालय की नियाँ (Himalayan Rivers):
- ये बारहमासी (Perennial) होती हैं क्योंकि इन्हें बर्फ पिघलने और वर्षा दोनों से जल मिलता है।
- उदाहरण: गंगा, ब्रह्मपुत्र, और सिंधु नदी तंत्र।
- प्रायद्वीपीय नदियाँ (Peninsular Rivers):
- ये मौसमी (Seasonal) होती हैं क्योंकि इनका प्रवाह पूरी तरह वर्षा पर निर्भर करता है।
- उदाहरण: नर्मदा, तापी, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी, महानदी।
#### 2. जल विसर्जन के आधार पर (Based on Water Dispersal / Sea Orientation):
- अरब सागर अपवाह तंत्र (Arabian Sea Drainage):
- कुल जल का लगभग 23% भाग अरब सागर में गिरता है।
- प्रमुख नदियाँ: सिंधु, नर्मदा, तापी, माही, और पेरियार।
- बंगाल की खाड़ी अपवाह तंत्र (Bay of Bengal Drainage):
- कुल जल का लगभग 77% भाग बंगाल की खाड़ी में गिरता है।
- प्रमुख नदियाँ: गंगा, ब्रह्मपुत्र, महानदी, गोदावरी, कृष्णा, और कावेरी।
---
### प्रमुख नदी तंत्र (Major River Systems)
#### 1. सिंधु नदी तंत्र (Indus River System):
- उद्गम: तिब्बत में मानसरोवर झील के निकट (बोखू-चू के पास)।
- प्रमुख सहायक नदियाँ: झेलम, चिनाव, रावी, व्यास, और सतलुज।
- विशेषता: यह पाकिस्तान से होते हुए अरब सागर में गिरती है। 'सिंधु जल संधि' (1960) के अनुसार भारत इसके 20% जल का उपयोग करता है।
#### 2. गंगा नदी तंत्र (Ganga River System):
- उद्गम: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री ग्लेशियर के पास भागीरथी के रूप में (अलकनंदा से मिलने के बाद गंगा कहलाती है)।
- प्रमुख सहायक नदियाँ:
- बाएँ तट की नदियाँ: रामगंगा, गोमती, घाघरा, गंडक, कोसी, महानंदा।
- दाएँ तट की नदियाँ: यमुना (सबसे बड़ी सहायक नदी), सोन।
- विशेषता: यह भारत की सबसे लंबी नदी है (लगभग 2525 किमी)। यह बांग्लादेश में 'पद्मा' के नाम से बहती है और ब्रह्मपुत्र के साथ मिलकर विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा 'सुंदरवन डेल्टा' बनाती है।
#### 3. ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र (Brahmaputra River System):
- उद्गम: तिब्बत में मानसरोवर झील के निकट (यहाँ इसे 'त्सांगपो' कहा जाता है)।
- प्रवेश: यह अरुणाचल प्रदेश में 'दिहांग' नाम से भारत में प्रवेश करती है। असम में इसे ब्रह्मपुत्र कहा जाता है।
- विशेषता: यह विश्व के सबसे बड़े नदी द्वीपों में से एक 'माजुली' का निर्माण करती है। बांग्लादेश में इसे 'जमुना' कहा जाता है।
#### 4. प्रायद्वीपीय नदियाँ (Peninsular Rivers):
- नर्मदा (Narmada): अमरकंटक पठार से निकलती है। यह भ्रंश घाटी (Rift Valley) से बहती हुई अरब सागर में गिरती है और ज्वारनदमुख (Estuary) बनाती है।
- तापी (Tapi): बैतूल (मध्य प्रदेश) से निकलती है और यह भी भ्रंश घाटी से बहते हुए अरब सागर में गिरती है।
- गोदावरी (Godavari): इसे 'दक्षिण गंगा' या 'वृद्ध गंगा' भी कहा जाता है। यह प्रायद्वीपीय भारत की सबसे बड़ी नदी है। यह महाराष्ट्र के नासिक से निकलती है।
- कृष्णा (Krishna): महाबलेश्वर (महाराष्ट्र) के पास से निकलती है।
- कावेरी (Kaveri): ब्रह्मगिरी पहाड़ियों से निकलती है और वर्ष भर इसमें जल रहता है।
- महानदी (Mahanadi): छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में सिहावा के पास से निकलती है।
---
### अपवाह प्रतिरूप (Drainage Patterns)
नदियों के द्वारा धरातल पर बनाए जाने वाले ज्यामितीय आकार को अपवाह प्रतिरूप कहते हैं:
1. द्रुमाकृतिक प्रतिरूप (Dendritic Pattern):
पेड़ की शाखाओं जैसा दिखने वाला प्रतिरूप। (उदाहरण: उत्तर भारत की अधिकांश नदियाँ जैसे गंगा)।
2. अपकेंद्रीय प्रतिरूप (Radial Pattern):
जब नदियाँ किसी केंद्रीय पहाड़ी या चोटी से चारों दिशाओं में बहती हैं। (उदाहरण: अमरकंटक क्षेत्र की नदियाँ)।
3. जालीनुमा प्रतिरूप (Trellis Pattern):
जब मुख्य नदियाँ एक-दूसरे के समानांतर बहती हैं और सहायक नदियाँ उनसे समकोण पर मिलती हैं।
4. आयताकार प्रतिरूप (Rectangular Pattern):
कठोर चट्टानी क्षेत्रों में जहाँ धाराएँ समकोण पर मुड़ती हैं।
---
### परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु (Important Points for Exam)
- भारत में नदी जोड़ो परियोजना (Inter-linking of Rivers) का उद्देश्य जल की कमी वाले क्षेत्रों में जल पहुँचाना है।
- नमामि गंगे कार्यक्रम एक एकीकृत संरक्षण मिशन है जिसे गंगा नदी के प्रदूषण को कम करने और इसके कायाकल्प के लिए शुरू किया गया था।
- डेल्टा प्रायः बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियाँ बनाती हैं, जबकि ज्वारनदमुख (Estuary) अरब सागर में गिरने वाली नदियाँ (जैसे नर्मदा और तापी) बनाती हैं।