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पुष्पी पादपों में लैंगिक जनन

Subject: जीव विज्ञान | Class: Class 12 | Syllabus Year: 2026
मुख्य सूत्र (Key Formulas)
अध्याय: पुष्पीय पादों में लैंगिक जनन (Sexual Reproduction in Flowering Plants)

कक्षा: 12वीं - जीव विज्ञान (MP बोर्ड)


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1. पुष्प की संरचना (Structure of a Flower)

पुष्प आवृतबीजियों (Angiosperms) में लैंगिक जनन का मुख्य अंग है। एक आदर्श पुष्प में चार मुख्य चक्र होते हैं:


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2. नर जनन अंग: पुमंग (Androecium & Microsporangium)

1. बाह्यत्वचा (Epidermis) - सुरक्षा

2. अंतःस्थिसीय (Endothecium) - स्फुटन में सहायता

3. मध्य परतें (Middle layers) - पोषण (अस्थाई)

4. टैपीटम (Tapetum) - विकासशील परागकणों को पोषण प्रदान करती है। यह बहुकेंद्रकीय (multinucleate) और सघन जीवद्रव्य वाली होती है।


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3. नर युग्मकोद्भिद: परागकण (Male Gametophyte: Pollen Grain)

1. कायिक कोशिका (Vegetative Cell): बड़ी होती है, इसमें प्रचुर खाद्य भंडार और अनियमित आकार का केंद्रक होता है।

2. जनन कोशिका (Generative Cell): छोटी होती है और कायिक कोशिका के जीवद्रव्य में तैरती रहती है। यह विभाजित होकर दो नर युग्मक बनाती है।

(नोट: 60% से अधिक आवृतबीजी पादपों में परागकण 2-कोशिकीय अवस्था में झड़ते हैं, शेष में 3-कोशिकीय अवस्था में।)


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4. मादा जनन अंग: जायांग (Gynoecium & Megasporangium)

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5. मादा युग्मकोद्भिद: भ्रूणकोष (Female Gametophyte / Embryo Sac)

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6. परागण (Pollination)

परागकणों का परागाशय से वर्तिकाग्र तक स्थानांतरण परागण कहलाता है।

1. स्वयुग्मन (Autogamy): एक ही पुष्प के परागकण का उसी पुष्प के वर्तिकाग्र पर पहुँचना (उदा. चिया, कमेंलिना)।

2. सजातपुष्पी परागण (Geitonogamy): एक ही पौधे के एक पुष्प के परागकण का दूसरे पुष्प के वर्तिकाग्र पर जाना (यह आनुवंशिक रूप से स्व-परागण जैसा है)।


#### परागण के कारक (Agents of Pollination):

1. जैविक कारक (Biotic Agents):

2. अजैविक कारक (Abiotic Agents):


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7. निषेचन पूर्व घटनाएँ: पराग-स्त्रीसंकर परस्पर क्रिया (Pollen-Pistil Interaction)

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8. दोहरा निषेचन (Double Fertilization)

यह आवृतबीजी पौधों की एक अद्वितीय विशेषता है। इसकी खोज नवाश्चिन (Navaschin) ने की थी।

इसमें दो मुख्य प्रक्रियाएँ होती हैं:

1. संयुग्मन / सत्य निषेचन (Syngamy / True Fertilization):

2. त्रिक संलयन (Triple Fusion):


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9. निषेचन पश्च घटनाएँ (Post-Fertilization Events)

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10. विशेष जनन विधियाँ (Special Modes of Reproduction)

1. असंजनन (Apomixis): बिना निषेचन के बीज बनने की प्रक्रिया (यह लैंगिक जनन का नकल है लेकिन अलैంగिक जनन जैसा फल देता है, उदा. घास, एस्टेरेसी)।

2. संगुणता / बहुभ्रूणता (Polyembryony): एक ही बीजांड या बीज में एक से अधिक भ्रूण का पाया जाना (उदा. नींबू, संतरा, आम)।

माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 पुष्पीय पादपों में लैंगिक जनन
Overview
प्रस्तावना फूल की संरचना लैंगिक जनन की मुख्य घटनाएँ पूर्व-निषेचन: संरचनाएँ और घटनाएँ नर जननांग (पुमंग) पुंकेसर की संरचना परागकोश का विन्यास परागकोश की सूक्ष्मसंरचना भित्ति परतें (एपिडर्मिस, एंडोथीसियम, मध्य परतें, टैपीटम) बीजाणुजन ऊतक लघुबीजाणुजनन परागकणों का विकास परागकण की संरचना (बाह्यचोल, अंतःचोल) नर युग्मकोद्भिद का विकास मादा जननांग (जायांग) स्त्रीकेशर (कार्पेल) बीजांड (गुरुबीजाणुधानी) की संरचना बीजांडवृंत, हाइलम, माइक्रोपाइल भ्रूणकोष (मादा युग्मकोद्भिद) गुरुबीजाणुजनन भ्रूणकोष का विकास (मोनोस्पोरिक विकास) 7-कोशकीय और 8-न्यूक्लियस अवस्था परागण (Pollination) परागण के प्रकार स्वपरागण (ऑटोगैमी, गिटेनोगैमी) परपरागण (जीनोगैमी) परागण के कारक (एजेंट) अजैविक कारक (वायु, जल) जैविक कारक (कीट, पक्षी, चमगादड़) आउटब्रीडिंग डिवाइसेज़ (बहिःप्रजनन युक्तियाँ) पराग-स्त्रीकेशर परस्पर क्रिया निषेचन और पश्च-निषेचन घटनाएँ दोहरे निषेचन की प्रक्रिया सिनगैमी (युग्मक संलयन) - युग्मज निर्माण त्रिसंलयन (Triple Fusion) - प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक (PEN) Syngamy और Triple Fusion का महत्व पश्च-निषेचन संरचनाएँ और घटनाएँ भ्रूणपोष (Endosperm) का विकास भ्रूण (Embryo) का विकास द्विबीजपत्री भ्रूण एकबीजपत्री भ्रूण बीजांड का बीज में परिवर्तन अंडाशय का फल में परिवर्तन विशेष जनन प्रणालियाँ असंगजनन (Apomixis) बहुभ्रूणता (Polyembryony) अनिषेकबीजफलन (Parthenocarpy)
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
Q1. अनिषेकफलित फल, जैसे केला, बिना निषेचन के विकसित होते हैं और सामान्यतः होते हैं: 1 Marks
उत्तर (Answer): अनिषेकफलन बिना निषेचन के फल का विकास है। अनिषेकफलन द्वारा निर्मित फल **बीजहीन (Seedless)** होते हैं (जैसे केला)।
Q2. 60% से अधिक आवृतबीजी (एंजियोस्पर्म) पौधों में, परागकण किस कोशिकीय अवस्था में झड़ते (मोचित होते) हैं? 1 Marks
उत्तर (Answer): 60% से अधिक आवृतबीजी पौधों में, परागकण **2-कोशिकीय अवस्था** (एक कायिक कोशिका और एक जनन कोशिका) में मोचित होते हैं।
Q3. अध्यावरण (Integuments) बीजांड को एक छोटे छिद्र को छोड़कर पूरी तरह से घेरते हैं, उस छिद्र को क्या कहा जाता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): अध्यावरण बीजांडकाय को पूरी तरह घेरते हैं, केवल शीर्ष पर एक छोटा सा छिद्र छोड़ देते हैं जिसे **बीजांडद्वार (Micropyle)** कहा जाता है।
Q4. निम्नलिखित में से कौन सा गैर-भ्रूणपोषी (अभ्रूणपोषी / Exalbuminous) बीज का उदाहरण है? 1 Marks
उत्तर (Answer): **मटर** के बीज गैर-भ्रूणपोषी (अभ्रूणपोषी) होते हैं क्योंकि बीज के परिपक्व होने से पहले विकसित भ्रूण द्वारा भ्रूणपोष पूरी तरह से उपभोग कर लिया जाता है।
Q5. एक कार्यशील गुरुबीजाणु (functional megaspore) से परिपक्व 8-केंद्रकीय भ्रूणकोष बनाने के लिए कितने क्रमिक समसूत्री (mitotic) विभाजनों की आवश्यकता होती है? 1 Marks
उत्तर (Answer): कार्यशील गुरुबीजाणु का केंद्रक समसूत्री विभाजन करके दो केंद्रक बनाता है (पहला विभाजन)। इसके बाद दो और क्रमिक समसूत्री विभाजनों के परिणामस्वरूप 4-केंद्रकीय और 8-केंद्रकीय अवस्थाएँ बनती हैं। इस प्रकार, **3 समसूत्री विभाजन** होते हैं।
Q6. परागकोश भित्ति की कौन सी परत में अल्फा-सेल्यूलोस के रेशेदार स्थूलन होते हैं और जो स्फुटन में सहायता करती है? 1 Marks
उत्तर (Answer): **अंतःस्थीशियम (Endothecium)** की परत एपिडर्मिस के अंदर होती है। इसकी कोशिकाओं में रेशेदार मोटाई विकसित होती है और ये आर्द्रताग्राही होती हैं, जो परागकणों को मुक्त करने के लिए परागकोश के स्फुटन में मदद करती हैं।
Q7. एक ही बीज में एक से अधिक भ्रूणों की उपस्थिति, जो साइट्रस (नींबू वंश) प्रजातियों में आम है, कहलाती है: 1 Marks
उत्तर (Answer): एक बीज में एक से अधिक भ्रूणों की उपस्थिति को **बहुभ्रूणता (Polyembryony)** कहा जाता है। नींबू और आम की किस्मों में, बीजांडकाय कोशिकाएं विभाजित होकर भ्रूणकोष में उभरती हैं और अनेक भ्रूण बनाती हैं।
Q8. विशिष्ट आवृतबीजी (एंजियोस्पर्म) पौधों में प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक (PEN) की गुणता (Ploidy level) क्या होती है? 1 Marks
उत्तर (Answer): प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक (PEN) त्रिसंलयन द्वारा बनता है जिसमें तीन अगुणित केंद्रक (एक नर युग्मक + दो ध्रुवीय केंद्रक) संलयित होते हैं, जिससे यह **त्रिगुणित (3n)** हो जाता है।
Q9. बिना निषेचन के बीज निर्माण की परिघटना को क्या कहा जाता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): **असंगजनन (Apomixis)** अलैंगिक जनन का एक रूप है जो लैंगिक जनन का अनुकरण करता है, जहाँ बिना निषेचन के ही बीजों का उत्पादन होता है (जैसे एस्टरेसी और घास परिवार की प्रजातियों में)।
Q10. एकबीजपत्री बीजों में, मूलांकुर (radicle) और मूल गोप (root cap) एक अविभेदित आवरण से ढके होते हैं, जिसे कहते हैं: 1 Marks
उत्तर (Answer): एकबीजपत्री में भ्रूणीय अक्ष के निचले सिरे पर, मूलांकुर और मूल गोप एक अविभेदित आवरण में बंद होते हैं जिसे **मूलांकुरचोल (Coleorhiza)** कहा जाता है।
Q11. कच्चे नारियल का पानी (नारियल जल) किस प्रकार के भ्रूणपोष को दर्शाता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): कच्चे नारियल का पानी **मुक्त-नाभिकीय भ्रूणपोष (Free-nuclear endosperm)** है जो हजारों मुक्त केंद्रकों से बना होता है, जबकि आसपास का सफेद गूदा कोशिकीय भ्रूणपोष को दर्शाता है।
Q12. कृत्रिम संकरण के दौरान स्फुटन से पहले मादा जनक पुष्प की कलिका से परागकोशों को हटाने की प्रक्रिया को क्या कहा जाता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): यदि मादा जनक में द्विलिंगी पुष्प होते हैं, तो परागकोश के स्फुटित होने से पहले चिमटी की मदद से पुष्प कलिका से परागकोशों को हटाने की प्रक्रिया को **विपुंसन (Emasculation)** कहा जाता है।
Q13. एकबीजपत्री (घास कुल) के भ्रूण में पाया जाने वाला एकल ढ़ाल के आकार का बीजपत्र क्या कहलाता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): एकबीजपत्री पौधों के भ्रूण में केवल एक बीजपत्र होता है। घास कुल में, इस बीजपत्र को **वरूथ (Scutellum)** कहा जाता है जो भ्रूणीय अक्ष के एक तरफ (पाश्र्व में) स्थित होता है।
Q14. काली मिर्च और चुकंदर के बीजों में पाया जाने वाला अवशिष्ट बीजांडकाय (nucellus) क्या कहलाता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): काली मिर्च और चुकंदर जैसे कुछ बीजों में बीजांडकाय (nucellus) के अवशेष बने रहते हैं। इस अवशिष्ट, स्थायी बीजांडकाय को **परिभ्रूणपोष (Perisperm)** कहा जाता है।
Q15. निम्नलिखित में से कौन सा पौधा जल द्वारा परागित (जल-परागण/Hydrophily) होता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): **वेलिसनेरिया** (Vallisneria) एक जलमग्न ताजे पानी का पौधा है जिसमें मादा पुष्प लंबे डंठल द्वारा जल की सतह पर पहुंचते हैं और परागकण जल की सतह पर छोड़े जाते हैं।