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जीव और समष्टियाँ

Subject: जीव विज्ञान | Class: Class 12 | Syllabus Year: 2026
मुख्य सूत्र (Key Formulas)
अध्याय: जीव और समष्टियाँ (Organisms and Populations) - त्वरित पुनरावृत्ति नोट्स

यह नोट्स माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्य प्रदेश (MP Board) के कक्षा 12वीं के जीव विज्ञान के पाठ्यक्रम पर आधारित हैं।


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मुख्य परिभाषाएँ (Key Definitions)

1. पारिस्थितिकी (Ecology): जीव विज्ञान की वह शाखा जिसके अंतर्गत जीवों तथा उनके अजैव (भौतिक) और जैव पर्यावरण के बीच पारस्परिक संबंधों का अध्ययन किया जाता है।

2. समष्टि (Population): एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में एक समय में रहने वाली एक ही जाति (Species) के कुल जीवों का समूह।

3. समुदाय (Community): एक ही क्षेत्र में निवास करने वाली विभिन्न जातियों की समष्टियों का समूह जो आपस में परस्पर क्रिया करती हैं।

4. बायोम (Biome): पृथ्वी पर एक बहुत बड़ा पारिस्थितिक तंत्र जिसमें विशेष प्रकार की जलवायु, वनस्पति और जीव-जंतु पाए जाते हैं (जैसे- टुंड्रा, मरुस्थल, वन)।

5. निकेत (Niche): किसी जीव का पारिस्थितिक तंत्र में उसका कार्यात्मक स्थान या स्थिति, जिसमें उसके संसाधन उपयोग और पर्यावरण के साथ संबंध शामिल होते हैं।


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तापमान और जीव (Temperature and Organisms)

जीव तापमान सहनशीलता के आधार पर दो प्रकार के होते हैं:

1. पृथुतातापी (Eurythermal): वे जीव जो तापमान की एक विस्तृत (wide) परास को सहन कर सकते हैं (जैसे- अधिकांश स्तनधारी और पक्षी)।

2. तनुतातापी (Stenothermal): वे जीव जो तापमान की एक संकीर्ण (narrow) परास को ही सहन कर सकते हैं (जैसे- प्रवाल या कोरल, पोलर बियर)।


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जीवों के अनुकूलन (Adaptations in Organisms)

1. निलंबन (Suspension): प्रतिकूल परिस्थितियों से बचने के लिए जीवों द्वारा अपनी चयापचय (metabolic) गतिविधियों को धीमा कर लेना।

2. प्रवास (Migration): जीवों द्वारा प्रतिकूल और तनावपूर्ण स्थानीय पर्यावरण से कुछ समय के लिए दूर किसी अधिक अनुकूल क्षेत्र में चले जाना और अनुकूल स्थिति आने पर वापस लौटना (जैसे- पक्षियों का प्रवास)।


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समष्टि की विशेषताएँ और विशेषता सूचक (Population Attributes)


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समष्टि वृद्धि समीकरण (Population Growth Equations)

समष्टि का घनत्व (N) समय के साथ बदलता रहता है। मुख्य रूप से दो प्रकार के वृद्धि मॉडल होते हैं:


#### 1. चरघातांकी वृद्धि (Exponential Growth)

जब संसाधन (भोजन और स्थान) असीमित होते हैं।


#### 2. संभार तंत्र वृद्धि (Logistic Growth)

जब संसाधन सीमित होते हैं, तो समष्टि वृद्धि अंततः 'वाहन क्षमता' (Carrying capacity, K) तक पहुँच जाती है। इसे 'वेर्हल्स्ट-परल लॉजिस्टिक वृद्धि' भी कहते हैं।


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समष्टि पारस्परिक क्रियाएँ (Population Interactions)

दो अलग-अलग जातियों के बीच होने वाली पारस्परिक क्रियाएँ धनात्मक (+), ऋणात्मक (-) या तटस्थ (0) हो सकती हैं:


| क्रम | पारस्परिक क्रिया का प्रकार | जाति 'A' पर प्रभाव | जाति 'B' पर प्रभाव | उदाहरण |

| :--- | :--- | :---: | :---: | :--- |

| 1. | सहजीवािता (Mutualism) | + | + | लाइकेन (कवक और शैवाल), माइकोराइजा |

| 2. | स्पर्धा (Competition) | - | - | घास के मैदानों में शाकाहारी जीव |

| 3. | परभक्षण (Predation) | + | - | शेर और हिरण, बाघ और बकरी |

| 4. | परजीविता (Parasitism) | + | - | अमरबेल (Cuscuta), मनुष्य के आंत में कृमि |

| 5. | सहभोजिता (Commensalism) | + | 0 | आम की शाखा पर ऑर्किड, व्हेल पर बार्नेकल |

| 6. | असहभोजिता / अदम्य प्रभाव (Amensalism) | - | 0 | पेनिसिलिन द्वारा बैक्टीरिया की वृद्धि रोकना |


(नोट: (+) लाभ, (-) हानि, (0) न लाभ न हानि)

माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 जीव और समष्टियाँ
Overview
जीव और पर्यावरण जैव कारक अजैव कारक तापमान जल प्रकाश मृदा पर्यावरण के प्रति प्रतिक्रियाएँ समस्थापन (होमियोस्टैसिस) संरूपण (कन्फर्म) नियमन (रेगुलेट) प्रवास (माइग्रेट) निलंबन (सस्पेंड) अनुकूलन (अडॉप्टेशन) मरुद्भिद अनुकूलन जलीय अनुकूलन शरीरक्रियात्मक अनुकूलन समष्टि विशेषताएँ (पॉपुलेशन एट्रीब्यूट्स) जन्म दर (नेटेलिटी) मृत्यु दर (मॉर्टेलिटी) लिंग अनुपात आयु पिरामिड वर्धमान स्थिर ह्रासमान समष्टि घनत्व समष्टि वृद्धि (पॉपुलेशन ग्रोथ) वृद्धि को प्रभावित करने वाले कारक जन्म मृत्यु आप्रवासन उत्प्रवासन वृद्धि मॉडल चरघातांकी वृद्धि (एक्सपोनेंशियल ग्रोथ) लॉजिस्टिक वृद्धि (लॉजिस्टिक ग्रोथ) वहन क्षमता (कैरीइंग कैपेसिटी) समष्टि पारस्परिक क्रियाएँ (पॉपुलेशन इंटरेक्शन) सहोपकारिता (म्यूचुअलिज्म) उदाहरण: लाइकेन, माइकोराइजा स्पर्धा (कंपीटिशन) गॉस का प्रतिस्पर्धी अपवर्जन सिद्धांत परभक्षण (प्रिडेशन) उदाहरण: बाघ और हिरण परजीविता (पैरासिटिज्म) अंतः परजीवी बाह्य परजीवी brood परजीविता सहभोजिता (कमसलिज्म) उदाहरण: ऑर्किड और आम अमंसलिज्म (एमेंसलिज्म) उदाहरण: पेनिसिलिन और बैक्टीरिया
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
Q1. ऐलन के नियम (Allen's Rule) के अनुसार, ठंडे वातावरण (जलवायु) में रहने वाले स्तनधारियों में सामान्यतः पाया जाता है: 1 Marks
उत्तर (Answer): **सही उत्तर:** **(A) ऊष्मा की हानि को कम करने के लिए छोटे कान और छोटे पाद (अंग)** **व्याख्या:**\nऐलन के नियम के अनुसार, ठंडी जलवायु (ध्रुवीय या ठंडे क्षेत्रों) में पाए जाने वाले स्तनधारियों के कान और अंग (पाद) सामान्यतः छोटे होते हैं ताकि शरीर से ऊष्मा की हानि को न्यूनतम किया जा सके। छोटे अंग शरीर के आयतन की तुलना में पृष्ठीय क्षेत्रफल को कम कर देते हैं, जिससे अत्यधिक ठंड में शरीर का ताप बना रहता है।
Q2. आम के पेड़ की शाखा पर उगने वाला अधिपादप (Epiphyte) आर्किड किसका उदाहरण है? 1 Marks
उत्तर (Answer): आम की शाखा पर अधिपादप के रूप में उगने वाला आर्किड आम के पेड़ को नुकसान पहुंचाए बिना केवल सहारा पाता है, जो सहभोजिता (Commensalism) को दर्शाता है।
Q3. वह अंतःक्रिया जिसमें एक जाति को हानि होती है जबकि दूसरी अप्रभावित (न तो लाभ न ही हानि) रहती है, कहलाती है: 1 Marks
उत्तर (Answer): अमैंसलिज्म (Amensalism) (-, 0) एक ऐसी अंतःक्रिया है जिसमें एक जाति को नुकसान होता है जबकि दूसरी जाति अप्रभावित रहती है (उदा. *Penicillium* कवक द्वारा पेनिसिलिन स्रावित करना जिससे जीवाणु नष्ट होते हैं)।
Q4. निम्नलिखित में से कौन सा समीकरण समष्टि के चरघातांकी वृद्धि मॉडल (Exponential Growth Model) को सही ढंग से निरूपित करता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): असीमित संसाधनों की उपस्थिति में समष्टि के चरघातांकी वृद्धि का अवकलन समीकरण $dN/dt = rN$ होता है।
Q5. झीलों और तालाबों में प्राणीप्लवक (Zooplankton) की कई प्रजातियां प्रतिकूल परिस्थितियों में निलंबित विकास के चरण में प्रवेश करती हैं, जिसे कहते हैं: 1 Marks
उत्तर (Answer): प्रतिकूल परिस्थितियों में झीलों और तालाबों में प्राणीप्लवक की अनेक प्रजातियाँ उपरति (Diapause) में चली जाती हैं, जो कि निलंबित विकास की एक अवस्था है।
Q6. वे जीव जो लवणता की एक संकीर्ण परास (सीमा) तक ही सीमित रहते हैं, कहलाते हैं: 1 Marks
उत्तर (Answer): तनुलवणी (Stenohaline) जीव लवणता की संकीर्ण सीमा तक ही सीमित रहते हैं। पृथुलवणी (Euryhaline) जीव लवणता की व्यापक परास को सहन कर सकते हैं।
Q7. *नागफनी (Opuntia)* में, पत्तियां मुख्य रूप से किसलिए कांटों (शूलों) में रूपांतरित हो जाती हैं? 1 Marks
उत्तर (Answer): *नागफनी (Opuntia)* में, वाष्पोत्सर्जन से होने वाले जल के नुकसान को कम करने और चरने वाले पशुओं से सुरक्षा के लिए पत्तियां कांटों में बदल जाती हैं।
Q8. *अमरबेल (Cuscuta)* जैसे परजीवी पौधे विशेष जड़ों के माध्यम से परपोषी पौधों से पोषण प्राप्त करते हैं, जिन्हें कहते हैं: 1 Marks
उत्तर (Answer): *अमरबेल (Cuscuta)* में पर्णहरित नहीं होता; यह परपोषी पौधे के संवहन ऊतकों से जल और पोषक तत्व प्राप्त करने के लिए चूषकांग (Haustoria) नामक विशेष संरचनाएं विकसित करती है।
Q9. लाइकेन (Lichens) किनके बीच एक अनिवार्य सहोपकारी संबंध का प्रतिनिधित्व करते हैं? 1 Marks
उत्तर (Answer): लाइकेन एक कवक (Fungus) और प्रकाश संश्लेषी शैवाल (Alga) या सायनोबैक्टीरिया के बीच सहजीवी सहोपकारी संबंध को दर्शाते हैं।
Q10. प्रतिकूल परिस्थितियों में, भालू ठंड के मौसम से बचने के लिए शीत-निद्रा में चले जाते हैं। इस अवस्था को कहते हैं: 1 Marks
उत्तर (Answer): भालू शीतकाल में शीत-निद्रा (Hibernation) में चले जाते हैं। घोंघे और मछलियां गर्मी से बचने के लिए ग्रीष्म-निद्रा (Aestivation) में जाती हैं।
Q11. कोयल द्वारा कौए के घोंसले में अंडे देना किसका एक क्लासिक उदाहरण है? 1 Marks
उत्तर (Answer): कोयल कौए के घोंसले में अपने अंडे देती है ताकि कौआ उन्हें से सके। इस घटना को अंड परजीविता (Brood parasitism) कहा जाता है।
Q12. वह अंतःक्रिया जिसमें एक जाति को लाभ होता है और दूसरी जाति को न तो कोई हानि होती है और न ही लाभ (+, 0), कहलाती है: 1 Marks
उत्तर (Answer): सहभोजिता (Commensalism) (+, 0) एक ऐसी अंतःक्रिया है जहाँ एक जीव को लाभ होता है जबकि दूसरे को न तो लाभ होता है और न ही नुकसान।
Q13. वर्हुल्स्ट-पर्ल लॉजिस्टिक वृद्धि समीकरण $dN/dt = rN(K-N)/K$ में, 'K' क्या दर्शाता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): लॉजिस्टिक वृद्धि में, 'K' 'पोषण क्षमता' (Carrying Capacity) को दर्शाता है, जो उपलब्ध संसाधनों के साथ किसी पर्यावरण द्वारा सहन की जा सकने वाली अधिकतम समष्टि संख्या है।
Q14. समष्टि वृद्धि समीकरणों में 'r' प्रतीक किसके लिए प्रयुक्त होता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): वृद्धि समीकरणों में पैरामीटर 'r' 'प्राकृतिक वृद्धि की अंतर्निहित दर' (Intrinsic rate of natural increase) को दर्शाता है।
Q15. कृषि कीट नियंत्रण में उपयोग की जाने वाली जैविक नियंत्रण विधियां किस समष्टि अंतःक्रिया पर आधारित हैं? 1 Marks
उत्तर (Answer): कृषि में जैविक नियंत्रण उपाय परभक्षण (Predation) के प्राकृतिक सिद्धांत पर आधारित होते हैं, जहाँ कीटों की समष्टि को नियंत्रित रखने के लिए प्राकृतिक परभक्षियों का उपयोग किया जाता है।