यह नोट्स माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्य प्रदेश (MP Board) के कक्षा 12वीं के जीव विज्ञान के पाठ्यक्रम पर आधारित हैं।
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1. पारिस्थितिकी (Ecology): जीव विज्ञान की वह शाखा जिसके अंतर्गत जीवों तथा उनके अजैव (भौतिक) और जैव पर्यावरण के बीच पारस्परिक संबंधों का अध्ययन किया जाता है।
2. समष्टि (Population): एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में एक समय में रहने वाली एक ही जाति (Species) के कुल जीवों का समूह।
3. समुदाय (Community): एक ही क्षेत्र में निवास करने वाली विभिन्न जातियों की समष्टियों का समूह जो आपस में परस्पर क्रिया करती हैं।
4. बायोम (Biome): पृथ्वी पर एक बहुत बड़ा पारिस्थितिक तंत्र जिसमें विशेष प्रकार की जलवायु, वनस्पति और जीव-जंतु पाए जाते हैं (जैसे- टुंड्रा, मरुस्थल, वन)।
5. निकेत (Niche): किसी जीव का पारिस्थितिक तंत्र में उसका कार्यात्मक स्थान या स्थिति, जिसमें उसके संसाधन उपयोग और पर्यावरण के साथ संबंध शामिल होते हैं।
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जीव तापमान सहनशीलता के आधार पर दो प्रकार के होते हैं:
1. पृथुतातापी (Eurythermal): वे जीव जो तापमान की एक विस्तृत (wide) परास को सहन कर सकते हैं (जैसे- अधिकांश स्तनधारी और पक्षी)।
2. तनुतातापी (Stenothermal): वे जीव जो तापमान की एक संकीर्ण (narrow) परास को ही सहन कर सकते हैं (जैसे- प्रवाल या कोरल, पोलर बियर)।
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1. निलंबन (Suspension): प्रतिकूल परिस्थितियों से बचने के लिए जीवों द्वारा अपनी चयापचय (metabolic) गतिविधियों को धीमा कर लेना।
2. प्रवास (Migration): जीवों द्वारा प्रतिकूल और तनावपूर्ण स्थानीय पर्यावरण से कुछ समय के लिए दूर किसी अधिक अनुकूल क्षेत्र में चले जाना और अनुकूल स्थिति आने पर वापस लौटना (जैसे- पक्षियों का प्रवास)।
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समष्टि का घनत्व (N) समय के साथ बदलता रहता है। मुख्य रूप से दो प्रकार के वृद्धि मॉडल होते हैं:
#### 1. चरघातांकी वृद्धि (Exponential Growth)
जब संसाधन (भोजन और स्थान) असीमित होते हैं।
dN / dt = rNNt = N0 * e^(rt)N = समष्टि घनत्व समय t परN0 = प्रारंभिक समष्टि घनत्व (t = 0 पर)r = प्राकृतिक वृद्धि दर (Intrinsic rate of natural increase)e = प्राकृतिक लघुगणक का आधार (Base of natural logarithms, = 2.718)#### 2. संभार तंत्र वृद्धि (Logistic Growth)
जब संसाधन सीमित होते हैं, तो समष्टि वृद्धि अंततः 'वाहन क्षमता' (Carrying capacity, K) तक पहुँच जाती है। इसे 'वेर्हल्स्ट-परल लॉजिस्टिक वृद्धि' भी कहते हैं।
dN / dt = rN * (K - N) / KN = समष्टि घनत्व समय t परr = प्राकृतिक वृद्धि दरK = वाहन क्षमता (Carrying capacity)---
दो अलग-अलग जातियों के बीच होने वाली पारस्परिक क्रियाएँ धनात्मक (+), ऋणात्मक (-) या तटस्थ (0) हो सकती हैं:
| क्रम | पारस्परिक क्रिया का प्रकार | जाति 'A' पर प्रभाव | जाति 'B' पर प्रभाव | उदाहरण |
| :--- | :--- | :---: | :---: | :--- |
| 1. | सहजीवािता (Mutualism) | + | + | लाइकेन (कवक और शैवाल), माइकोराइजा |
| 2. | स्पर्धा (Competition) | - | - | घास के मैदानों में शाकाहारी जीव |
| 3. | परभक्षण (Predation) | + | - | शेर और हिरण, बाघ और बकरी |
| 4. | परजीविता (Parasitism) | + | - | अमरबेल (Cuscuta), मनुष्य के आंत में कृमि |
| 5. | सहभोजिता (Commensalism) | + | 0 | आम की शाखा पर ऑर्किड, व्हेल पर बार्नेकल |
| 6. | असहभोजिता / अदम्य प्रभाव (Amensalism) | - | 0 | पेनिसिलिन द्वारा बैक्टीरिया की वृद्धि रोकना |
(नोट: (+) लाभ, (-) हानि, (0) न लाभ न हानि)