अध्याय: पारिस्थितिक तंत्र (Ecosystem) - त्वरित पुनरीक्षण नोट्स
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1. परिचय (Introduction)
- पारिस्थितिक तंत्र: यह जैविक (biotic) और अजैविक (abiotic) घटकों का एक कार्यात्मक इकाई है, जहाँ जीव आपस में और अपने पर्यावरण के भौतिक वातावरण के साथ अंतःक्रिया (interaction) करते हैं।
- शब्द का पहली बार उपयोग: आर्थर टांसले (Arthur Tansley) द्वारा 1935 में किया गया था।
- प्रकार:
- प्राकृतिक: वन, तालाब, झील, समुद्र।
- कृत्रिम (मानव निर्मित): फसल का खेत, एक्वेरियम।
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2. पारिस्थितिक तंत्र के घटक (Components of Ecosystem)
#### क. अजैविक घटक (Abiotic Components)
- भौतिक कारक: तापमान, प्रकाश, मृदा, जल, वायुमंडलीय दाब।
- अकार्बनिक पदार्थ: नाइट्रोजन, फास्फोरस, कार्बन डाइऑक्साइड, जल।
- कार्बनिक पदार्थ: प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा (जीवों के मृत शरीर का निर्माण)।
#### ख. जैविक घटक (Biotic Components)
1. उत्पादक (Producers):
- सभी हरे पौधे और कुछ बैक्टीरिया जो प्रकाश संश्लेषण द्वारा अपना भोजन स्वय बनाते हैं (स्वपोषी / Autotrophs)।
2. उपभोक्ता (Consumers):
- जो अपने भोजन के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उत्पादकों पर निर्भर रहते हैं (विषपोषी / Heterotrophs)।
- प्राथमिक उपभोक्ता (शाकाहारी): गाय, खरगोश, टिड्डी।
- द्वितीयक उपभोक्ता (मांसाहारी): मेंढक, छिपकली (शाकाहारी को खाने वाले)।
- तृतीयक / शीर्ष मांसाहारी: शेर, चीता, बाज (बड़े मांसाहारी)।
3. अपघटक (Decomposers):
- कवक (Fungi) और बैक्टीरिया (Bacteria) जो मृत कार्बनिक पदार्थों को सरल अकार्बनिक पदार्थों में बदलते हैं। इन्हें मृदा के सफाईकर्मी भी कहते हैं।
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3. पारिस्थितिक तंत्र की कार्यात्मक इकाइयाँ (Functional Units)
पारिस्थितिक तंत्र चार प्रमुख कार्यों द्वारा संचालित होता है:
1. उत्पादकता (Productivity)
2. अपघटन (Decomposition)
3. ऊर्जा प्रवाह (Energy Flow)
4. पोषक चक्रण (Nutrient Cycling)
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4. उत्पादकता (Productivity)
- प्राथमिक उत्पादकता (Primary Productivity): प्रकाश संश्लेषण के दौरान पौधों द्वारा प्रति इकाई क्षेत्र में बायोमास या ऊर्जा के निर्माण की दर।
- सकल प्राथमिक उत्पादकता (GPP - Gross Primary Productivity): प्रकाश संश्लेषण के दौरान कुल有機 पदार्थ (organic matter) के उत्पादन की दर।
- शुद्ध प्राथमिक उत्पादकता (NPP - Net Primary Productivity):
NPP = GPP - R (जहाँ R = श्वसन में खर्च ऊर्जा)। यह शाकाहियों और अपघटकों के लिए उपलब्ध बायोमास है।
- द्वितीयक उत्पादकता (Secondary Productivity): उपभोक्ताओं द्वारा नए कार्बनिक पदार्थों के संश्लेषण की दर।
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5. अपघटन (Decomposition)
मृत कार्बनिक पदार्थों (डेट्रिटस) को सरल अकार्बनिक पदार्थों में बदलने की प्रक्रिया।
1. खंडन (Fragmentation): डेट्रिटिवोर्स (जैसे केंचुआ) द्वारा डेट्रिटस को छोटे टुकड़ों में तोड़ना।
2. निक्षालन (Leaching): जल-विलेय अकार्बनिक पोषक तत्वों का रिसकर मृदा की निचली परतों में चले जाना।
3. अपचयन (Catabolism): जीवाणु और कवक एंजाइमों द्वारा डेट्रिटस को सरल अकार्बनिक पदार्थों में बदलना।
4. हुमिफिकेशन (Humification): ह्यूमस का निर्माण (गहरे भूरे रंग का amorphous पदार्थ, जो सूक्ष्मजीवों के प्रति प्रतिरोधी होता है)।
5. खनिजीकरण (Mineralization): ह्यूमस से अकार्बनिक पोषक तत्वों की मुक्त होने की प्रक्रिया।
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6. ऊर्जा प्रवाह (Energy Flow)
- ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय (Unidirectional) होता है।
- सूर्य ऊर्जा का एकमात्र मुख्य स्रोत है।
- ऊष्मप्रवैगिकी का प्रथम नियम: ऊर्जा का न तो निर्माण होता है और न ही विनाश, इसका रूप बदला जा सकता है।
- लिंडमैन का 10% का नियम (10% Law): एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर केवल 10% ऊर्जा ही स्थानांतरित होती है, शेष 90% ऊर्जा श्वसन और मेटाबोलिज्म में नष्ट हो जाती है।
अगले स्तर की ऊर्जा = पिछले स्तर की ऊर्जा का 10%
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7. पारिस्थितिक पिरामिड (Ecological Pyramids)
विभिन्न पोषण स्तरों के जीवों की संख्या, बायोमास या ऊर्जा का graphical representation।
1. संख्या का पिरामिड (Pyramid of Numbers):
- सामान्यतः सीधा होता है (घास के मैदान में)।
- वृक्ष पारिस्थितिक तंत्र में यह उल्टा हो सकता है।
2. बायोमास का पिरामिड (Pyramid of Biomass):
- स्थलीय पारिस्थितिक तंत्र में सीधा होता है।
- जलीय पारिस्थितिक तंत्र (तालाब/समुद्र) में यह उल्टा होता है (फाइटोप्लांकटन का बायोमास छोटी मछलियों से कम होता है)।
3. ऊर्जा का पिरामिड (Pyramid of Energy):
- हमेशा सीधा होता है क्योंकि ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय होता है और हर स्तर पर ऊर्जा घटती जाती है।
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8. पारिस्थितिक अनुक्रमण (Ecological Succession)
किसी क्षेत्र में मिलने वाली जातियों की संरचना में समय के साथ क्रमिक और अनुमानित परिवर्तन।
- प्राथमिक अनुक्रमण (Primary Succession): जहाँ पहले कभी जीवन नहीं था (नग्न चट्टान, ठंडा लावा)। इसमें बहुत समय लगता है।
- द्वितीयक अनुक्रमण (Secondary Succession): जहाँ पहले जीवन था लेकिन किसी आपदा (बाढ़, आग, वनों की कटाई) के कारण नष्ट हो गया। यह तेज होता है।
- पायनियर स्पीशीज़ (Pioneer Species): किसी नग्न क्षेत्र में बसने वाली पहली प्रजाति (जैसे- लाइकेन)।
- क्लाइमैक्स कम्युनिटी (Climax Community): अनुक्रमण की अंतिम स्थिर अवस्था।
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9. पोषक चक्रण / जैव-भू-रासायनिक चक्र (Nutrient Cycling)
पारिस्थितिक तंत्र में पोषक तत्वों की गति।
- अवसादी चक्र (Sedimentary Cycle): फास्फोरस, सल्फर चक्र (भंडार मृदा/चट्टान)।
- गैसीय चक्र (Gaseous Cycle): नाइट्रोजन, कार्बन चक्र (भंडार वायुमंडल)।