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पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन

Subject: गणित | Class: Class 10 | Syllabus Year: 2026
मुख्य सूत्र (Key Formulas)
कक्षा 10 गणित: पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन (Surface Areas and Volumes) - त्वरित संशोधन नोट्स

यह त्वरित संशोधन नोट्स मध्य प्रदेश बोर्ड (MP Board) के कक्षा 10 के विद्यार्थियों के लिए "पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन" अध्याय को आसानी से समझने और याद रखने के लिए तैयार किए गए हैं।


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मुख्य परिभाषाएँ और बातें

1. पृष्ठीय क्षेत्रफल (Surface Area): किसी त्रि-विमीय (3D) वस्तु की सभी सतहों का कुल क्षेत्रफल। यह दो प्रकार का होता है:

2. आयतन (Volume): किसी वस्तु द्वारा त्रि-विमीय स्थान में घेरी गई कुल जगह की मात्रा। इसकी इकाई घन (Cubic) इकाइयों में होती है।


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महत्वपूर्ण ठोस आकृतियों के सूत्र

#### 1. घनाभ (Cuboid)

यदि घनाभ की लंबाई = l, चौड़ाई = b, और ऊँचाई = h हो, तो:


#### 2. घन (Cube)

यदि घन की प्रत्येक भुजा की लंबाई = a हो, तो:


#### 3. लंब वृत्तीय बेलन (Right Circular Cylinder)

यदि बेलन के आधार की त्रिज्या = r और ऊँचाई = h हो, तो:

(नोट: pi का मान सामान्यतः 22/7 या 3.14 होता है)


#### 4. लंब वृत्तीय शंकु (Right Circular Cone)

यदि शंकु की त्रिज्या = r, ऊँचाई = h, और तिर्यक ऊँचाई (Slant Height) = l हो, तो:


#### 5. गोला (Sphere)

यदि गोले की त्रिज्या = r हो, तो:


#### 6. अर्द्धगोला (Hemisphere)

यदि अर्द्धगोले की त्रिज्या = r हो, तो:


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महत्वपूर्ण बिंदु (परीक्षा के लिए टिप्स)

1. मात्रक (Units):

2. संयोजन आकृतियाँ (Combined Figures): जब दो या दो से अधिक ठोसों को मिलाया जाता है (जैसे लट्टू, तंबू, या कैप्सूल), तो कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए केवल बाहरी सतहों के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफलों को जोड़ा जाता है, आंतरिक सतहों को नहीं।

3. रूपान्तरण (Conversion): जब एक आकार की वस्तु को पिघलाकर दूसरे आकार में बदला जाता है, तो दोनों आकृतियों का आयतन हमेशा बराबर (समान) होता है।

(आयतन 1 = आयतन 2)

माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन
Overview
ठोस आकृतियों का संयोजन (Combination of Solids) दो ठोसों को मिलाना (जैसे: बेलन पर अर्धगोला) कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात करना (केवल बाहरी पृष्ठों का क्षेत्रफल जोड़ना) उदाहरण: लट्टू, तंबू, कैप्सूल ठोस का एक आकार से दूसरे आकार में रूपांतरण (Conversion of Solids) पिघलाना और ढालना (Melting and Recasting) आयतन का संरक्षण (संरक्षित आयतन = अपरिवर्तित आयतन) उदाहरण: गोले को पिघलाकर बेलन बनाना शंकु का छिन्नक (Frustum of a Cone) परिचय: शंकु को आधार के समानांतर समतल से काटना मुख्य विमाएँ: ऊँचाई ($h$), तिरछी ऊँचाई ($l$), त्रिज्याएँ ($r1$ और $r2$) सूत्र: तिरछी ऊँचाई ($l$): $\sqrt{h^2 + (r1 - r2)^2}$ वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल: $\pi l (r1 + r2)$ कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल: $\pi l (r1 + r2) + \pi r1^2 + \pi r2^2$ आयतन: $\frac{1}{3} \pi h (r1^2 + r2^2 + r1 r2)$ महत्वपूर्ण सूत्र (Important Formulas) घनाभ (Cuboid) पृष्ठीय क्षेत्रफल: $2(lb + bh + hl)$ आयतन: $l \times b \times h$ घन (Cube) पृष्ठीय क्षेत्रफल: $6a^2$ आयतन: $a^3$ बेलन (Cylinder) वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल: $2\pi rh$ कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल: $2\pi r(r + h)$ आयतन: $\pi r^2 h$ शंकु (Cone) वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल: $\pi rl$ कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल: $\pi r(r + l)$ आयतन: $\frac{1}{3} \pi r^2 h$ गोला (Sphere) पृष्ठीय क्षेत्रफल: $4\pi r^2$ आयतन: $\frac{4}{3} \pi r^3$ अर्धगोला (Hemisphere) वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल: $2\pi r^2$ कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल: $3\pi r^2$ आयतन: $\frac{2}{3} \pi r^3$
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
Q1. कक्षा 10 गणित में अध्ययन किए गए संयुक्त ठोस आकृतियों के पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन की मूल अवधारणाओं की व्याख्या कीजिए। चर्चा कीजिए कि जब दो या दो से अधिक मानक ठोस आकृतियों (जैसे बेलन, शंकु, गोले, अर्धगोले और घनाभ) को संयोजित किया जाता है, तो कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल और कुल आयतन की गणना कैसे की जाती है। मानक सूत्रों और सामान्य पद्धति के साथ अपनी व्याख्या का समर्थन कीजिए। 5 Marks
उत्तर (Answer): ### संयुक्त ठोसों के पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन \nदैनिक जीवन में, हम कई ऐसी वस्तुओं का सामना करते हैं जो दो या दो से अधिक बुनियादी ज्यामितीय आकृतियों के संयोजन हैं। कक्षा 10 के गणित में मेंसुरेशन के महत्वपूर्ण अनुप्रयोग के रूप में इनके पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन को ज्ञात करना सीखा जाता है। #### 1. संयुक्त ठोसों में आयतन की अवधारणा - **योगात्मक प्रकृति:** दो या दो से अधिक बुनियादी ठोसों को मिलाकर बनाए गए ठोस का आयतन केवल व्यक्तिगत घटकों के आयतन का योग होता है। - **सूत्र:** $\text{कुल आयतन} = \text{ठोस 1 का आयतन} + \text{ठोस 2 का आयतन} + \dots$ - आकृतियाँ चाहे जैसे भी जुड़ी हों, उनके द्वारा घेरा गया कुल स्थान संचयी होता है। #### 2. संयुक्त ठोसों में पृष्ठीय क्षेत्रफल की अवधारणा - **कुल क्षेत्रफल के लिए गैर-योगात्मक प्रकृति:** आयतन के विपरीत, एक संयुक्त ठोस का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल व्यक्तिगत भागों के कुल पृष्ठीय पृष्ठों का योग **नहीं** होता है। - **केवल खुले हुए पृष्ठ:** जब दो ठोसों को आपस में जोड़ा जाता है, तो उनके पृष्ठों के कुछ हिस्से आंतरिक हो जाते हैं और बाहर से दिखाई नहीं देते। - **सूत्र:** $\text{कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल (TSA)} = \text{उन वक्र और समतल पृष्ठों का योग जो वास्तव में बाहर की ओर दिखाई देते हैं या खुले हैं।}$ #### 3. मानक घटक और उनके सूत्र - **बेलन:** वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = $2\pi rh$, आयतन = $\pi r^2h$ - **शंकु:** वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = $\pi rl$, आयतन = $\frac{1}{3}\pi r^2h$ - **गोला:** पृष्ठीय क्षेत्रफल = $4\pi r^2$, आयतन = $\frac{4}{3}\pi r^3$ - **अर्धगोला:** वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = $2\pi r^2$, कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = $3\pi r^2$, आयतन = $\frac{2}{3}\pi r^3$ #### 4. समस्या समाधान के लिए सामान्य पद्धति - **चरण 1:** समस्या को ध्यान से पढ़ें और घटक आकृतियों की पहचान करने के लिए संयुक्त ठोस का चित्र बनाएं। - **चरण 2:** सामान्य आयामों जैसे कि साझा त्रिज्या या व्यास की पहचान करें। - **चरण 3:** पृष्ठीय क्षेत्रफल के लिए केवल बाहरी सीमाओं और आयतन के लिए संचयी योग को ध्यान में रखते हुए उचित सूत्र लागू करें। - **चरण 4:** इकाइयों में एकरूपता बनाए रखें (गणना से पहले सभी आयामों को मीटर या सेंटीमीटर में बदलें)।
Q2. एक ठोस खिलौना एक अर्धगोले पर खड़े एक समकोण शंकु के आकार का है। शंकु की ऊँचाई 2 cm है और आधार का व्यास 4 cm है। इस खिलौने का आयतन निर्धारित कीजिए। ($\pi = 3.14$ लीजिए)। साथ ही, इस खिलौने को परिबद्ध करने वाले बेलन का आयतन ज्ञात कीजिए। बेलन और खिलौने के आयतन के बीच का अंतर ज्ञात कीजिए। 5 Marks
उत्तर (Answer): ### चरण-दर-चरण हल: **1. दिए गए आंकड़े:** - आधार का व्यास ($d$) = 4 cm - आधार की त्रिज्या ($r$) = $\frac{4}{2} = 2$ cm - शंकु की ऊँचाई ($h$) = 2 cm - अर्धगोले की त्रिज्या = शंकु की त्रिज्या ($r$) = 2 cm **2. प्रयुक्त सूत्र:** - शंकु का आयतन = $\frac{1}{3} \pi r^2 h$ - अर्धगोले का आयतन = $\frac{2}{3} \pi r^3$ - खिलौने का आयतन = शंकु का आयतन + अर्धगोले का आयतन **3. खिलौने के आयतन की गणना:** - शंकु का आयतन = $\frac{1}{3} \times 3.14 \times (2)^2 \times 2$ $= \frac{1}{3} \times 3.14 \times 4 \times 2$ $= \frac{25.12}{3} = 8.373$ $cm^3$ - अर्धगोले का आयतन = $\frac{2}{3} \times 3.14 \times (2)^3$ $= \frac{2}{3} \times 3.14 \times 8$ $= \frac{50.24}{3} = 16.747$ $cm^3$ - खिलौने का आयतन = $8.373 + 16.747 = 25.12$ $cm^3$ **4. परिबद्ध बेलन के आयतन की गणना:** - बेलन की ऊँचाई ($H$) = शंकु की ऊँचाई + अर्धगोले की त्रिज्या = $2 + 2 = 4$ cm - बेलन की त्रिज्या ($r$) = 2 cm - बेलन का आयतन = $\pi r^2 H = 3.14 \times (2)^2 \times 4$ $= 3.14 \times 4 \times 4 = 50.24$ $cm^3$ **5. आयतनों का अंतर:** - अंतर = बेलन का आयतन - खिलौने का आयतन $= 50.24 - 25.12 = 25.12$ $cm^3$ **उत्तर:**\nखिलौने का आयतन $25.12$ $cm^3$ है और बेलन तथा खिलौने के आयतन का अंतर भी $25.12$ $cm^3$ है।
Q3. कोई तंबू एक बेलन के आकार का है जिस पर एक शंकु अध्यारोपित है। यदि बेलनाकार भाग की ऊँचाई और व्यास क्रमशः 2.1 m और 4 m हैं, तथा शंकु की तिर्यक ऊँचाई 2.8 m है, तो इस तंबू को बनाने में प्रयुक्त कैनवास (त्रिपाल) का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। साथ ही, रु 500 प्रति $m^2$ की दर से इसमें प्रयुक्त कैनवास की लागत ज्ञात कीजिए। (ध्यान दीजिए कि तंबू के आधार को कैनवास से नहीं ढका जाता है।) 5 Marks
उत्तर (Answer): ### चरण-दर-चरण हल: **1. दिए गए आंकड़े:** - बेलनाकार भाग का व्यास ($d$) = 4 m - बेलनाकार भाग की त्रिज्या ($r$) = $\frac{4}{2} = 2$ m - बेलनाकार भाग की ऊँचाई ($h$) = 2.1 m - श्ंक्वाकार भाग की तिर्यक ऊँचाई ($l$) = 2.8 m **2. शंकु की त्रिज्या:** - चूंकि शंकु बेलन पर अध्यारोपित है, इसलिए शंकु की त्रिज्या बेलन की त्रिज्या के समान होगी, अर्थात $r = 2$ m। **3. प्रयुक्त सूत्र:** - बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA) = $2\pi rh$ - शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA) = $\pi rl$ - कैनवास का कुल क्षेत्रफल = बेलन का CSA + शंकु का CSA **4. गणना:** - बेलन का CSA = $2 \times \frac{22}{7} \times 2 \times 2.1$ $= 2 \times \frac{22}{7} \times 4.2$ $= 2 \times 22 \times 0.6 = 26.4$ $m^2$ - शंकु का CSA = $\frac{22}{7} \times 2 \times 2.8$ $= \frac{22}{7} \times 5.6$ $= 22 \times 0.8 = 17.6$ $m^2$ - कैनवास का कुल क्षेत्रफल = $26.4 + 17.6 = 44$ $m^2$ **5. लागत की गणना:** - कैनवास की दर = रु 500 प्रति $m^2$ - कुल लागत = कुल क्षेत्रफल $\times$ दर $= 44 \times 500$ = रु 22,000 **उत्तर:**\nप्रयुक्त कैनवास का क्षेत्रफल $44$ $m^2$ है और कुल लागत रु 22,000 है।
Q4. शंकु के छिन्नक (frustum) के कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन को ज्ञात करने में शामिल गणितीय अवधारणाओं और व्युत्पत्ति चरणों को विस्तार से समझाइए। उपयुक्त सूत्रों को शामिल करें और सभी मापदंडों को स्पष्ट रूप से नामित करें। 5 Marks
उत्तर (Answer): ### शंकु के छिन्नक का परिचय\nजब किसी लंब वृत्तीय शंकु को उसके आधार के समानांतर एक तल द्वारा काटा जाता है, तो काटने वाले तल और आधार के बीच शेष बचे भाग को शंकु का छिन्नक कहा जाता है। इसके विभिन्न त्रिज्याओं के दो वृत्ताकार आधार और एक वक्र पृष्ठ होता है। ### छिन्नक के मापदंड\nमान लीजिए कि ऊपरी वृत्ताकार आधार की त्रिज्या $r_1$ है, निचले वृत्ताकार आधार की त्रिज्या $r_2$ है (जहाँ $r_2 > r_1$), छिन्नक की ऊर्ध्वाधर ऊँचाई $h$ है, और तिर्यक ऊँचाई $l$ है। ### 1. छिन्नक की तिर्यक ऊँचाई ($l$)\nछिन्नक के अक्ष वाले अनुप्रस्थ काट में पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करने पर: $$l = \sqrt{h^2 + (r_2 - r_1)^2}$$ ### 2. वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA)\nवक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल को दो समान शंकुओं के बीच के अंतर के रूप में मानकर प्राप्त किया जाता है। सूत्र है: $$\text{CSA} = \pi (r_1 + r_2) l$$ ### 3. कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल (TSA)\nकुल पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए, हम वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल में दोनों वृत्ताकार आधारों (ऊपरी और निचले) के क्षेत्रफ़लों को जोड़ते हैं: $$\text{TSA} = \pi (r_1 + r_2) l + \pi r_1^2 + \pi r_2^2$$ ### 4. छिन्नक का आयतन ($V$)\nआयतन दो पूर्ण शंकुओं के आयतनों के अंतर से प्राप्त होता है। मानक सूत्र है: $$V = \frac{1}{3} \pi h (r_1^2 + r_2^2 + r_1 r_2)$$ ### अनुप्रयोगों का सारांश\nछिन्नक आमतौर पर बाल्टी, पीने के गिलास और कीप (funnel) जैसी दैनिक वस्तुओं में देखे जाते हैं। इन सूत्रों को समझने से जटिल औद्योगिक और वास्तुशिल्प मापन समस्याओं को कुशलतापूर्वक हल करने में मदद मिलती है।
Q5. दिया गया डेटा: - शंकु के आधार का व्यास ($d$) = $6\text{ cm}$ - शंकु और अर्धगोले की त्रिज्या ($r$) = $\frac{6}{2} = 3\text{ cm}$ - शंकु की ऊँचाई ($h$) = $4\text{ cm}$ - $\pi = 3.14$ \nचरण 1: शंकु की तिर्यक ऊँचाई ($l$) ज्ञात कीजिए।\nतिर्यक ऊँचाई का सूत्र है: $$l = \sqrt{r^2 + h^2}$$ $r$ और $h$ के मान रखने पर: $$l = \sqrt{3^2 + 4^2} = \sqrt{9 + 16} = \sqrt{25} = 5\text{ cm}$$ \nचरण 2: शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA) ज्ञात कीजिए। $$\text{शंकु का CSA} = \pi rl = 3.14 \times 3 \times 5 = 47.1\text{ cm}^2$$ \nचरण 3: अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA) ज्ञात कीजिए। $$\text{अर्धगोले का CSA} = 2\pi r^2 = 2 \times 3.14 \times (3)^2 = 2 \times 3.14 \times 9 = 56.52\text{ cm}^2$$ \nचरण 4: खिलौने का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। $$\text{कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल} = \text{शंकु का CSA} + \text{अर्धगोले का CSA}$$ $$\text{कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल} = 47.1 + 56.52 = 103.62\text{ cm}^2$$ \nउत्तर:\nखिलौने का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल $103.62\text{ cm}^2$ है। 3 Marks
उत्तर (Answer): Given data: - Diameter of the cone's base ($d$) = $6\text{ cm}$ - Radius of the cone and hemisphere ($r$) = $\frac{d}{2} = \frac{6}{2} = 3\text{ cm}$ - Height of the cone ($h$) = $4\text{ cm}$ - Value of $\pi = 3.14$ \nStep 1: Find the slant height ($l$) of the cone.\nThe formula for slant height is: $$l = \sqrt{r^2 + h^2}$$\nSubstitute the values of $r$ and $h$: $$l = \sqrt{3^2 + 4^2}$$ $$l = \sqrt{9 + 16}$$ $$l = \sqrt{25} = 5\text{ cm}$$ \nStep 2: Calculate the curved surface area (CSA) of the cone. $$\text{CSA of cone} = \pi rl$$ $$\text{CSA of cone} = 3.14 \times 3 \times 5$$ $$\text{CSA of cone} = 3.14 \times 15 = 47.1\text{ cm}^2$$ \nStep 3: Calculate the curved surface area (CSA) of the hemisphere. $$\text{CSA of hemisphere} = 2\pi r^2$$ $$\text{CSA of hemisphere} = 2 \times 3.14 \times (3)^2$$ $$\text{CSA of hemisphere} = 2 \times 3.14 \times 9$$ $$\text{CSA of hemisphere} = 18 \times 3.14 = 56.52\text{ cm}^2$$ \nStep 4: Calculate the total surface area of the toy. $$\text{Total Surface Area} = \text{CSA of cone} + \text{CSA of hemisphere}$$ $$\text{Total Surface Area} = 47.1 + 56.52 = 103.62\text{ cm}^2$$ \nAnswer:\nThe total surface area of the toy is $103.62\text{ cm}^2$.
Q6. ठोसों के संयोजन के पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन की अवधारणा को समझाइए। एक अर्धगोले और एक शंकु को मिलाकर बनाए गए खिलौने का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल आप कैसे ज्ञात करते हैं? सैद्धांतिक दृष्टिकोण और सूत्र की व्युत्पत्ति को स्पष्ट रूप से समझाइए। 3 Marks
उत्तर (Answer): जब दो या दो से अधिक बुनियादी ठोस आकृतियाँ, जैसे कि एक शंकु, एक बेलन, एक अर्धगोला, एक घन, या एक गोला, आपस में जुड़ जाती हैं, तो परिणामी वस्तु को ठोसों का संयोजन कहा जाता है। ऐसे संयुक्त ठोस का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए, हमें सावधानीपूर्वक यह विश्लेषण करना चाहिए कि व्यक्तिगत सतहों के कौन से हिस्से वास्तव में बाहर की ओर खुले हैं। छात्रों के बीच एक बहुत ही आम गलतफहमी यह है कि वे केवल व्यक्तिगत घटक आकृतियों के कुल पृष्ठीय को जोड़ देते हैं। हालाँकि, यह गलत है क्योंकि जब ठोसों को आपस में मिलाया जाता है, तो उनके पृष्ठीय क्षेत्रफल का एक निश्चित हिस्सा संपर्क बिंदु पर छुप जाता है और अब सतह पर दिखाई नहीं देता है। \nआइए एक अर्धगोले के ऊपर एक लंब वृत्तीय शंकु को रखकर बनाए गए खिलौने का एक विशिष्ट उदाहरण लें। शंकु का आधार अर्धगोले के सपाट वृत्ताकार आधार के साथ पूरी तरह से मेल खाता है। इसलिए, इस संयुक्त खिलौने का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल शंकु और अर्धगोले के कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल का योग नहीं होगा। इसके बजाय, यह शंकु के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA) और अर्धगोले के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA) के योग के बराबर है। \nमान लीजिए कि अर्धगोले के आधार और शंकु के आधार की त्रिज्या $r$ है, शंकु की ऊँचाई $h$ है, और शंकु की तिर्यक ऊँचाई $l$ है। शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल सूत्र $\pi rl$ द्वारा दिया जाता है, जहाँ $l = \sqrt{r^2 + h^2}$ है। अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल $2\pi r^2$ द्वारा दिया जाता है। इस प्रकार, खिलौने का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल इस प्रकार व्यक्त किया जाता है: $$\text{कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल} = \text{शंकु का CSA} + \text{अर्धगोले का CSA} = \pi rl + 2\pi r^2 = \pi r(l + 2r)$$. \nनिष्कर्ष में, संयुक्त ठोसों का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए अंधेरे में सूत्र लागू करने के बजाय ज्यामितीय विज़ुअलाइज़ेशन की आवश्यकता होती है। हम आंतरिक संपर्क क्षेत्रों को अनदेखा करते हुए केवल दृश्य बाहरी सीमाओं की गणना करते हैं।
Q7. From a solid cylinder whose height is $2.4\text{ cm}$ and diameter $1.4\text{ cm}$, a conical cavity of the same height and same diameter is hollowed out. Find the total surface area of the remaining solid to the nearest $\text{cm}^2$. 3 Marks
उत्तर (Answer): दिया गया है:\nबेलन की ऊँचाई ($h$) = $2.4\text{ सेमी}$\nबेलन का व्यास = $1.4\text{ सेमी}$, अतः त्रिज्या ($r$) = $0.7\text{ सेमी}$\nशंकुकार गुहा की ऊँचाई = $2.4\text{ सेमी}$ \nशंकु की तिर्यक ऊँचाई ($l$): $l = \sqrt{(0.7)^2 + (2.4)^2} = \sqrt{6.25} = 2.5\text{ सेमी}$ \nशेष ठोस का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल: $= \text{बेलन का वक्र पृष्ठ} + \text{आधार का क्षेत्रफल} + \text{शंकु का वक्र पृष्ठ}$ $= 2\pi rh + \pi r^2 + \pi rl$ \nमान रखने पर ($\pi = \frac{22}{7}$): $= 10.56 + 0.22 + 5.5 = 16.28\text{ सेमी}^2$ \nनिकटतम $\text{सेमी}^2$ तक, यह $16\text{ सेमी}^2$ है। \nउत्तर:\nशेष बचे ठोस का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल लगभग $16\text{ सेमी}^2$ है।
Q8. Explain the step-by-step geometric derivation of the formula for the curved surface area of a right circular cone. Detail how the sector of a circle relates to the cone's slant height and base circumference. 3 Marks
उत्तर (Answer): लंब वृत्तीय शंकु के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल को शंकु के पार्श्व पृष्ठ को वृत्त के त्रिज्यखंड से संबंधित करके सुंदर ढंग से व्युत्पन्न किया जा सकता है। अपनी तिर्यक ऊँचाई के अनुदिश खुले लंब वृत्तीय शंकु को काटने और उसे 2D तल पर पूरी तरह से समतल बिछाने की कल्पना करें। खोलने पर, शंकु का वक्र पृष्ठ स्वाभाविक रूप से एक बड़े वृत्त के त्रिज्यखंड में बदल जाता है। इस बड़े वृत्त की त्रिज्या ठीक शंकु की तिर्यक ऊँचाई ($l$) के बराबर होती है। इसके अलावा, इस वृत्तीय त्रिज्यखंड की वक्र सीमा चाप की लंबाई शंकु के वृत्तीय आधार की परिधि के बिल्कुल बराबर होती है, जो $2\pi r$ द्वारा दी जाती है, जहाँ $r$ आधार की त्रिज्या है। इस त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए, हम याद करते हैं कि त्रिज्या $l$ वाले एक पूर्ण वृत्त का क्षेत्रफल $\pi l^2$ है, और इसकी कुल परिधि $2\pi l$ है। त्रिज्यखंड के चाप की लंबाई का बड़े वृत्त की कुल परिधि से अनुपात लेकर और फिर वृत्त के कुल क्षेत्रफल से गुणा करके त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल ज्ञात किया जा सकता है। इस प्रकार, वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल की गणना इस प्रकार की जाती है: $\text{CSA} = \left(\frac{2\pi r}{2\pi l}\right) \times \pi l^2 = \pi r l।$ यह किसी भी लंब वृत्तीय शंकु के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल के लिए मानक सूत्र प्रदान करता है।
Q9. A tent is in the shape of a cylinder surmounted by a conical top. If the height and diameter of the cylindrical part are $2.1\text{ m}$ and $4\text{ m}$ respectively, and the slant height of the top is $2.8\text{ m}$, find the area of the canvas used for making the tent. 3 Marks
उत्तर (Answer): दिया गया है:\nबेलनाकार भाग का व्यास = $4\text{ मी}$\nत्रिज्या ($r$) = $\frac{4}{2} = 2\text{ मी}$\nबेलनाकार भाग की ऊँचाई ($h$) = $2.1\text{ मी}$\nशंकुकार भाग की तिर्यक ऊँचाई ($l$) = $2.8\text{ मी}$ \nप्रयुक्त कैनवास का क्षेत्रफल = बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल + शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल $= 2\pi rh + \pi rl = \pi r (2h + l)$ \nमान रखने पर ($\pi = \frac{22}{7}$): $= \frac{22}{7} \times 2 \times (2(2.1) + 2.8)$ $= \frac{44}{7} \times 7 = 44\text{ मी}^2$ \nउत्तर:\nतंबू को बनाने में प्रयुक्त कैनवास का क्षेत्रफल $44\text{ मी}^2$ है।
Q10. Discuss the principle of conservation of volume when a solid object is converted from one shape to another. Explain how this principle is applied to solve complex 3D mensuration problems in mathematics. 3 Marks
उत्तर (Answer): आयतन के संरक्षण का सिद्धांत मेंसुरेशन और 3D ज्यामिति के अध्ययन में एक बुनियादी अवधारणा है। यह बताता है कि जब किसी आघातवर्धनीय या पिघलने योग्य सामग्री—जैसे मोम, मिट्टी, धातु या कांच—से बनी किसी ठोस वस्तु को फिर से आकार दिया जाता है, ढाला जाता है, पिघलाया जाता है, या एक या एक से अधिक नए ठोस आकारों में बदला जाता है, तो वस्तु को बनाने वाली सामग्री की कुल मात्रा पूरी तरह से स्थिर रहती है। परिणामस्वरूप, किसी भी परिवर्तन से पहले मूल ठोस वस्तु का कुल आयतन परिवर्तन के बाद बनने वाली सभी नई ठोस वस्तुओं के आयतन के योग के ठीक बराबर होना चाहिए। बाहरी आयामों, पृष्ठीय क्षेत्रफलों या ज्यामितीय वर्गीकरणों में परिवर्तन के बावजूद यह संरक्षण नियम सार्वभौमिक रूप से सत्य रहता है। गणितीय समस्या-समाधान में, यह सिद्धांत एक शक्तिशाली विश्लेषणात्मक उपकरण के रूप में कार्य करता है। जब किसी जटिल समस्या का सामना करना पड़ता है जहाँ किसी गोले जैसी वस्तु को तार, शंकु या कई छोटे गोलों में बदलने के लिए पिघलाया जाता है, तो छात्र संबंधित आयतन सूत्रों को बराबर कर सकते हैं। प्रारंभिक आकृति के आयतन को अंतिम आकृति (या आकृतियों) के आयतन के बराबर निर्धारित करके, ऊँचाई, त्रिज्या या वस्तुओं की संख्या जैसे अज्ञात चर युक्त एक समीकरण स्थापित किया जाता है। इस परिणामी बीजगणितीय समीकरण को हल करने से हमें वांछित अज्ञात पैरामीटर को सटीक रूप से खोजने की अनुमति मिलती है।
Q11. A metallic sphere of radius $4.2\text{ cm}$ is melted and recast into the shape of a cylinder of radius $6\text{ cm}$. Find the height of the cylinder. 3 Marks
उत्तर (Answer): दिया गया है:\nगोले की त्रिज्या ($r_1$) = $4.2\text{ सेमी} = \frac{42}{10}\text{ सेमी}$\nबेलन की त्रिज्या ($r_2$) = $6\text{ सेमी}$ \nचूंकि गोले को पिघलाकर बेलन बनाया जाता है, इसलिए गोले का आयतन बेलन के आयतन के बराबर होगा। \nगोले का आयतन = $\frac{4}{3} \pi r_1^3$\nबेलन का आयतन = $\pi r_2^2 h$ \nदोनों को बराबर करने पर: $\frac{4}{3} \pi r_1^3 = \pi r_2^2 h$ $\frac{4}{3} r_1^3 = r_2^2 h$ \nमान रखने पर: $\frac{4}{3} \times \left(\frac{42}{10}\right)^3 = 36 \times h$ $h = \frac{74088}{36000} = 2.744\text{ सेमी}$ \nउत्तर:\nबेलन की ऊँचाई $2.744\text{ सेमी}$ है।
Q12. Explain the concept of combination of solids. Describe how the total surface area of a toy formed by combining a hemisphere and a cone is determined without simply adding their individual surface areas. 3 Marks
उत्तर (Answer): पृष्ठ क्षेत्रफल और आयतन के अध्ययन में, ठोसों का संयोजन एक ऐसी ज्यामितीय प्रक्रिया को संदर्भित करता है जहाँ दो या दो से अधिक अलग-अलग बुनियादी 3D आकृतियाँ—जैसे बेलन, शंकु, गोले, अर्धगोले और घनाभ—एक नए मिश्रित ठोस का निर्माण करने के लिए अपने सामान्य फलकों के साथ जुड़ जाती हैं। जब हमारे सामने कोई मिश्रित ठोस आता है, तो उसके कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल को निर्धारित करने के लिए सावधानीपूर्वक विश्लेषणात्मक सोच की आवश्यकता होती है। छात्रों के बीच एक आम गलत धारणा यह है कि वे केवल व्यक्तिगत घटक आकृतियों के कुल पृष्ठीय क्षेत्रफलों को जोड़ देते हैं। हालाँकि, यह दृष्टिकोण मौलिक रूप से गलत है। एक संयुक्त ठोस का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल विशेष रूप से उन सभी व्यक्तिगत भागों के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफलों या दृश्यमान बाहरी क्षेत्रों के योग के बराबर होता है जो वास्तव में बाहरी वातावरण के संपर्क में होते हैं। आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल या सामान्य सीमा फलक जहाँ दो अलग-अलग ठोस आपस में जुड़े होते हैं, बाहर से छिप जाते हैं और इसलिए उन्हें गणना से पूरी तरह बाहर रखा जाना चाहिए। उदाहरण के लिए, एक अर्धगोले के ऊपर एक लंब वृत्तीय शंकु को रखकर बनाए गए खिलौने पर विचार करें। इस खिलौने का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल शंकु और अर्धगोले के कुल पृष्ठीय क्षेत्रफलों का योग नहीं है। इसके बजाय, इसकी गणना शंकु के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल और अर्धगोले के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल के योग के रूप में की जाती है। शंकु का वृत्तीय आधार और अर्धगोले का वृत्तीय शीर्ष एक दूसरे से मिल जाते हैं और आंतरिक रूप से विलीन हो जाते हैं, जिसका अर्थ है कि वह फलक अब बाहर दिखाई नहीं देता है और खिलौने के बाहरी पृष्ठीय क्षेत्रफल में योगदान नहीं देता है।
Q13. शंकु के छिन्नक (Frustum) को परिभाषित कीजिए। दैनिक जीवन की उन स्थितियों को बताइए जहाँ छिन्नक देखा जाता है और समझाइए कि इसकी तिर्यक ऊँचाई इसकी त्रिज्या और ऊँचाई से किस प्रकार संबंधित है। 3 Marks
उत्तर (Answer): शंकु का छिन्नक एक ठोस लंब वृत्तीय शंकु का वह भाग होता है जो उसके ऊपरी हिस्से को उसके आधार के समानांतर एक तल द्वारा काटने पर शेष बचता है। जब एक लंब वृत्तीय शंकु को उसके वृत्तीय आधार के समानांतर एक क्षैतिज तल द्वारा काटा जाता है, तो दो अलग-अलग भाग बनते हैं: ऊपर एक छोटा शंकु और नीचे का कटा हुआ भाग जिसे छिन्नक कहा जाता है। हमारे दैनिक जीवन में, कई सामान्य वस्तुएं शंकु के छिन्नक के आकार की होती हैं। उदाहरणों में घरेलू कामों के लिए उपयोग की जाने वाली सामान्य बाल्टियाँ, पीने के गिलास, गमले, पारंपरिक टोपियाँ और संकीर्ण बर्तनों में तरल पदार्थ डालने के लिए उपयोग किया जाने वाला कीप शामिल हैं। छिन्नक के ज्यामितीय गुणों को समझने के लिए, हम इसके आयामों पर विचार करते हैं। मान लीजिए कि वृत्तीय आधार की त्रिज्या $r_1$ है, ऊपरी वृत्तीय शीर्ष की त्रिज्या $r_2$ है, छिन्नक की ऊर्ध्वाधर ऊँचाई $h$ है, और तिर्यक ऊँचाई $l$ है। तिर्यक ऊँचाई, ऊर्ध्वाधर ऊँचाई और दोनों त्रिज्याओं का अंतर छिन्नक के अंदर एक समकोण त्रिभुज बनाते हैं। इस समकोण त्रिभुज पर पाइथागोरस प्रमेय लागू करने पर, संबंध गणितीय रूप से $l = \sqrt{h^2 + (r_1 - r_2)^2}$ के रूप में व्यक्त किया जाता है। यह मौलिक सूत्र हमें तब तिर्यक ऊँचाई की गणना करने की अनुमति देता है जब ऊर्ध्वाधर ऊँचाई और दोनों त्रिज्याएँ ज्ञात होती हैं।
Q14. 'शंकु के छिन्नक' (Frustum of a Cone) शब्द को परिभाषित कीजिए और समझाइए कि यह एक संपूर्ण लंब वृत्तीय शंकु से कैसे बनता है। 2 Marks
उत्तर (Answer): जब किसी लंब वृत्तीय शंकु को उसके वृत्ताकार आधार के समानांतर एक तल द्वारा काटा जाता है, तो शीर्ष वाले ऊपरी हिस्से को हटा दिया जाता है, और पीछे बचा हुआ निचला हिस्सा शंकु का छिन्नक कहलाता है। एक छिन्नक में अलग-अलग त्रिज्याओं के दो समानांतर वृत्ताकार आधार होते हैं, जिन्हें आमतौर पर '$r_1$' और '$r_2$' के रूप में दर्शाया जाता है, साथ ही एक तिरछी ऊँचाई '$l$' और एक लंबवत ऊँचाई '$h$' होती है। यह अनूठी ज्यामितीय आकृति बाल्टी, गमले और गिलास जैसी आम रोजमर्रा की वस्तुओं से मिलती जुलती है, और इसके विशेष पृष्ठीय क्षेत्रफल तथा आयतन के सूत्रों का उपयोग इस अध्याय में व्यावहारिक गणनाओं के लिए व्यापक रूप से किया जाता है।
Q15. समान आधार त्रिज्या और समान ऊँचाई वाले एक शंकु और एक बेलन के आयतन के बीच के संबंध को बताइए। 2 Marks
उत्तर (Answer): एक लंब वृत्तीय शंकु का आयतन एक लंब वृत्तीय बेलन के आयतन का ठीक एक तिहाई होता है, जब दोनों ठोसों की आधार त्रिज्या '$r$' और लंबवत ऊँचाई '$h$' बिल्कुल समान होती है। गणितीय रूप से, यदि बेलन का आयतन सूत्र $V_{\text{cylinder}} = \pi r^2 h$ द्वारा दिया जाता है, तो शंकु का आयतन $V_{\text{cone}} = \frac{1}{3}\pi r^2 h$ के रूप में व्यक्त किया जाता है। यह मूलभूत ज्यामितीय संबंध यह दर्शाता है कि तरल या महीन सामग्री से पूरी तरह भरे हुए तीन शंकु समान आयामों के एक बेलन को ठीक से भर सकते हैं, जो क्षेत्रमिति की समस्याओं के लिए पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन अध्याय में सिखाया जाने वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण अवधारणा है।