मुख्य सूत्र (Key Formulas)
कक्षा 10 अंग्रेजी (कविता: फॉर ऐनी ग्रेगरी) - त्वरित पुनरीक्षण नोट्स
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कविता का परिचय (Introduction)
यह कविता विलियम बटलर येट्स (William Butler Yeats) द्वारा र लिखी गई है। यह कविता एक युवा युवती ऐनी ग्रेगरी (Anne Gregory) और कवि के बीच एक संवाद (dialogue) के रूप में है। इसमें सच्चे प्रेम और बाहरी सुंदरता (physical beauty) के बीच के अंतर को बहुत सुंदर ढंग से समझाया गया है।
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मुख्य विषय और संदेश (Central Theme & Message)
- बाहरी सुंदरता का भ्रम: लोग अक्सर किसी व्यक्ति की बाहरी सुंदरता (जैसे उसके सुनहरे बाल) से आकर्षित होते हैं, न कि उसके आंतरिक गुणों (inner qualities) से।
- ईश्वर का प्रेम: केवल ईश्वर ही एक ऐसा है जो मनुष्य से बिना किसी स्वार्थ और उसकी आंतरिक आत्मा से प्रेम करता है, कोई मनुष्य ऐसा नहीं कर सकता।
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महत्वपूर्ण शब्दावली (Important Vocabulary)
- Honey-coloured (हनी-कलर्ड): शहद जैसे सुनहरे रंग के (यहाँ बालों के रंग के लिए प्रयुक्त)।
- Ramarts (रैपार्ट्स): किले की दीवारें (यहाँ ऐनी के कानों के पास लटकने वाले बालों के लिए रूपक)।
- Despair (डिस्पेयर): निराशा।
- Religious (रिलिजियस): धार्मिक या यहाँ ईश्वर के प्रति समर्पित/सच्चा प्रेम।
- Text (टेक्स्ट): धार्मिक ग्रंथ या कोई लिखित प्रमाण।
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कविता के मुख्य बिंदु (Key Points to Remember)
1. ऐनी के बालों का रंग: ऐनी के बाल बहुत सुंदर और 'शहद जैसे रंग' (honey-coloured) के हैं।
2. युवकों की दीवानगी: कवि कहता है कि कोई भी युवा युवक उसके सुंदर बालों के रंग को देखकर निराश हो सकता है (यानी उसके प्रेम में पागल हो सकता है) क्योंकि वह सिर्फ उसके बालों से प्रेम करता है, उसके व्यक्तित्व से नहीं।
3. बालों का रंग बदलना (ऐनी का उत्तर): ऐनी कहती है कि वह अपने बालों का रंग बदल सकती है (उन्हें भूरा, काला या गाजर के रंग का करवा सकती है), जिससे यह साबित हो सके कि युवक केवल उसके बाहरी रूप से प्यार करते हैं, उससे नहीं।
4. अंतिम संदेश (ईश्वर का प्रेम): कविता के अंत में एक बूढ़े धार्मिक व्यक्ति (old religious man) का हवाला दिया जाता है जो रात को एक पुस्तक पढ़ रहा था। उसने साबित किया कि केवल ईश्वर ही ऐसा है जो इंसानों से उनकी आत्मा (inner soul) के कारण प्रेम करता है, उनके बाहरी रूप या 'सुनहरे बालों' के कारण नहीं।
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परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न (Important Points for Exams)
- कवि का नाम: W.B. Yeats (डब्ल्यू. बी. येट्स)
- कविता का केंद्रीय विचार: बाहरी सुंदरता नश्वर (temporary) है, जबकि आंतरिक सुंदरता और ईश्वर का प्रेम ही शाश्वत (permanent) है।
माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 कविता: फॉर ऐनी ग्रेगरी (For Anne Gregory)
कवि परिचय
रचयिता: विलियम बटलर यीट्ज़ (William Butler Yeats)
मुख्य विषय: बाहरी सुंदरता बनाम आंतरिक सौंदर्य और सच्चा प्रेम
कविता का मुख्य प्रसंग (संवाद)
कवि और ऐनी ग्रेगरी के बीच बातचीत
युवा पुरुष की दीवानगी का प्रसंग
ऐनी ग्रेगरी के बालों की विशेषता
रंग: शहद जैसा पीला (Honey-coloured)
प्रभाव: ऐसे बाल जो किसी भी युवा पुरुष को मोह लें
कवि की सलाह: इन बालों के कारण कोई सच्चा प्यार नहीं पा सकता
प्रेम की प्रकृति (प्रेम का स्वरूप)
झूठा प्रेम: केवल रूप-रंग और बाहरी सुंदरता पर आधारित प्रेम
सच्चा प्रेम: भगवान का प्रेम और आंतरिक गुणों से किया गया प्रेम
दृश्य परिवर्तन (दूसरा और तीसरा पद)
धार्मिक ग्रंथ का हवाला: एक पुराने धार्मिक ग्रंथ (Religious text) का उल्लेख
रंग परिवर्तन का विचार: यदि बाल पीले से गाजर जैसे लाल (carrot-coloured) कर लिए जाएं
निष्कर्ष व संदेश
बाहरी रूप बदला जा सकता है, पर स्वभाव नहीं
केवल ईश्वर ही मनुष्य से उसके आंतरिक रूप के लिए प्रेम करता है, मनुष्य नहीं
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
उत्तर (Answer): विलियम बटलर येट्स की कविता 'फॉर ऐनी ग्रेगरी' का केंद्रीय विषय सतही शारीरिक सुंदरता और सच्ची आंतरिक सुंदरता के बीच शाश्वत संघर्ष के इर्द-गिर्द घूमता है। मानवीय बातचीत के दौरान, लोग अक्सर आकर्षक चेहरे की विशेषताओं, रंग-रूप या बालों के रंग जैसे बाहरी दिखावे की ओर आकर्षित होते हैं, और इस क्षणिक शारीरिक आकर्षण को सच्चे प्यार की भूल कर बैठते हैं। कविता एक ऐसा संवाद प्रस्तुत करती है जहाँ एक युवक ऐनी ग्रेगरी के प्रति अपने तीव्र प्रेम की घोषणा करता है, लेकिन विशेष रूप से उसके शहद जैसे पीले बालों की प्रशंसा करता है, जिसका अर्थ है कि वह इस शारीरिक विशेषता के लिए उससे प्यार करता है। ऐनी चतुराई से यह कहकर इसका खंडन करती है कि उसके बालों को भूरे, काले या गाजर जैसे अन्य रंगों में रंगा जा सकता है, जिससे यह साबित होता है कि शारीरिक सुंदरता केवल एक अस्थायी मुखौटा है। वह जोर देकर कहती है कि केवल भगवान ही किसी व्यक्ति से उसके बाहरी स्वरूप से प्रभावित हुए बिना, अंदर से वह वास्तव में कौन है, उसके लिए प्यार कर सकता है। अंत में, कवि यह संदेश देता है कि सच्ची प्रशंसा और स्नेह किसी व्यक्ति की आत्मा, चरित्र और बुद्धि में निहित होना चाहिए, न कि सतही शारीरिक लक्षणों में, जो उम्र बढ़ने, क्षय और कृत्रिम परिवर्तन के अधीन हैं, जिससे वे स्थायी मानवीय संबंधों और बिना शर्त प्यार के लिए पूरी तरह से अविश्वसनीय आधार बन जाते हैं।
उत्तर (Answer): डब्लू.बी. येट्स द्वारा रचित कविता 'फॉर ऐनी ग्रेगरी' में, युवक ऐनी ग्रेगरी के आंतरिक व्यक्तित्व या आत्मा के कारण नहीं, बल्कि पूरी तरह से उसकी शारीरिक सुंदरता, विशेष रूप से उसके सुंदर, शहद जैसे पीले बालों के कारण उससे अत्यधिक आकर्षित है। वह यह साबित करना चाहता है कि वह उससे केवल उसके लिए प्यार करता है और दावा करता है कि वह निराश हो सकता है और ऐसे बालों वाली दूसरी महिला कभी नहीं पा सकता है, जिसका अर्थ है कि उसके बाल उसके प्यार के योग्य होने का अंतिम प्रमाण हैं। हालाँकि, ऐनी ग्रेगरी इस प्यार के सतहीपन को शानदार ढंग से उजागर करती है। वह उत्तर देती है कि उसके बाल केवल एक शारीरिक विशेषता है, एक रंग या एक सतही आवरण है, और वह आसानी से अपने बालों को भूरे, काले या गाजर के रंग में रंग सकती है। यह कहकर, वह यह गहरा दार्शनिक संदेश देना चाहती है कि सच्चा प्यार कभी भी अस्थायी शारीरिक दिखावे, बालों के रंग या बाहरी आकर्षण पर आधारित नहीं होना चाहिए, क्योंकि इन शारीरिक लक्षणों को समय के साथ आसानी से बदला, हेरफेर या नष्ट किया जा सकता है। किसी व्यक्ति को सतही बाहरी लक्षणों के बजाय उसके आंतरिक मूल्य, चरित्र और आध्यात्मिक सुंदरता के लिए प्यार किया जाना चाहिए, जो मानवीय रिश्तों में कपटपूर्ण और क्षणिक होते हैं।
उत्तर (Answer): मानवीय प्रेम और ईश्वर के प्रेम के बीच के मार्मिक कंट्रास्ट के माध्यम से, विलियम बटलर येट्स नश्वर स्नेह की सीमाओं के बारे में एक गहरा दार्शनिक सत्य व्यक्त करते हैं। मनुष्य स्वाभाविक रूप से त्रुटिपूर्ण होते हैं और बाहरी दिखावे, शारीरिक आकर्षण और किसी व्यक्ति के बालों के रंग, चेहरे की विशेषताओं या सांसारिक स्थिति जैसे सतही गुणों से आसानी से प्रभावित हो जाते हैं। कविता में युवक ऐनी ग्रेगरी के शानदार सुनहरे बालों से आगे देखकर उसकी आंतरिक आत्मा से प्रेम करने में असमर्थ है। इसके विपरीत, कवि एक पुराने धार्मिक ग्रंथ का उदाहरण प्रस्तुत करता है जो यह बताता है कि केवल ईश्वर के पास ही किसी इंसान को केवल उसके अपने लिए शुद्ध रूप से प्रेम करने की दिव्य कृपा होती है। ईश्वर नश्वर कमियों और सतही ग्लैमर से परे देखता है, मानवीय आत्मा के सच्चे सार को देखता है। इस प्रकार, कवि पाठकों को याद दिलाता है कि बिना शर्त, निस्वार्थ प्रेम दिव्य है और साधारण मनुष्यों के बीच खोजना असंभव है।
उत्तर (Answer): कविता 'फॉर ऐनी ग्रेगरी' की संरचना तीन छंदों में दो वक्ताओं के बीच एक जीवंत संवाद के रूप में की गई है, जो इसके नाटकीय आकर्षण और दार्शनिक गहराई को काफी हद तक बढ़ा देती है। पहला छंद एक युवक द्वारा बोला जाता है जो ऐनी के सुनहरे बालों के प्रति अपने गहरे प्रेम को व्यक्त करता है, जिससे शारीरिक सुंदरता के बारे में एक स्पष्ट संघर्ष पैदा होता है। दूसरे छंद में ऐनी ग्रेगरी के दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया जाता है, जहाँ वह अपने प्रेमियों की ईमानदारी का परीक्षण करने के लिए अपने बालों को रंगने का समझदारी भरा प्रस्ताव रखती है। अंततः, तीसरा छंद एक वृद्ध, अधिक समझदार वक्ता की आवाज़ को सामने लाता है जो मानवीय प्रेम बनाम दिव्य प्रेम के संबंध में एक धार्मिक और दार्शनिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। यह संवादात्मक आदान-प्रदान कविता को संवादात्मक, आकर्षक और गतिशील महसूस कराता है, जिससे कवि को उपदेशात्मक या नीरस लगे बिना मानव स्वभाव और स्नेह पर कई दृष्टिकोणों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की अनुमति मिलती है।
उत्तर (Answer): 'फॉर ऐनी ग्रेगरी' में वक्ता द्वारा प्रयुक्त वाक्यांश 'रैम्पार्ट्स एट योर इयर' एक शक्तिशाली रूपक है जो ऐनी ग्रेगरी के शानदार, शहद के रंग के सुनहरे बालों का वर्णन करता है जो उसके कानों और चेहरे के चारों ओर गिरते हैं। सैन्य शब्दों में, रैम्पार्ट किसी किले या गढ़ की एक रक्षात्मक दीवार होती है जो दुश्मनों को बाहर रखती है और अंदर की रक्षा करती है। इसी प्रकार, कवि इस चतुराईपूर्ण बिम्ब का उपयोग यह सुझाव देने के लिए करता है कि ऐनी के शानदार सुनहरे बाल एक सुरक्षात्मक दीवार या किले की तरह काम करते हैं जो उसके आंतरिक स्वरूप की रक्षा करते हैं। यह सभी युवा पुरुषों का तुरंत ध्यान आकर्षित करता है, उनकी नजरों को पूरी तरह से मोह लेता है ताकि वे उसकी सच्ची आत्मा को समझने के लिए उसकी शारीरिक सुंदरता से आगे न देख सकें। बाल आकर्षण की एक भारी बाधा के रूप में कार्य करते हैं, जो किसी को भी केवल उसके भीतर के स्वरूप के लिए प्यार करने से रोकते हैं, जिससे सतही बनाम आध्यात्मिक प्रेम के केंद्रीय विषय को बल मिलता है.
उत्तर (Answer): कविता में उद्धृत एक बूढ़े धार्मिक व्यक्ति के अनुसार, ईश्वर के प्रेम में एक अनूठा, दिव्य गुण होता है जो इसे साधारण मानवीय प्रेम से अलग करता है। बूढ़ा व्यक्ति दावा करता है कि कल रात उसे एक ग्रंथ या धार्मिक शास्त्र मिला जिससे यह साबित होता है कि केवल ईश्वर के पास ही किसी इंसान को उसकी अस्थायी शारीरिक सुंदरता के बजाय उसके भीतर के वास्तविक स्वरूप के लिए प्यार करने की सर्वोच्च क्षमता होती है। नश्वर पुरुषों के विपरीत जो चमकते सुनहरे बालों, चेहरे के आकर्षण और बाहरी दिखावे से आसानी से प्रभावित हो जाते हैं, ईश्वर सीधे किसी व्यक्ति की आत्मा में झांकता है। वह बाहरी ग्लैमर या शारीरिक कमियों से विचलित हुए बिना, मनुष्यों से शुद्ध रूप से, बिना किसी शर्त के और केवल उनके अपने लिए प्यार करता है। यह एक गहरा आध्यात्मिक संदेश उजागर करता है कि सच्चा, निस्वार्थ प्रेम केवल सृष्टिकर्ता में ही पाया जा सकता है, जबकि मानवीय स्नेह हमेशा सांसारिक आकर्षणों से जुड़ा होता है।
उत्तर (Answer): युवक एक गहरा बयान देता है कि वह कभी भी ऐनी ग्रेगरी को केवल उसके अपने लिए प्यार नहीं कर सकता क्योंकि वह उसकी आश्चर्यजनक शारीरिक उपस्थिति, विशेष रूप से उसके शहद के रंग के सुनहरे बालों से अत्यधिक मोहित है। जबकि ऐनी अपनी आत्मा और आंतरिक व्यक्तित्व के लिए प्यार पाने की इच्छा रखती है, युवक बाहरी सुंदरता के प्यार में पड़ने की आम मानवीय प्रवृत्ति का प्रतिनिधित्व करता है। वह उससे कहता है कि उसके शानदार सुनहरे बाल एक किले की दीवार की तरह काम करते हैं जो उसके ध्यान और दिल को बांध लेते हैं, जिससे उसके लिए उसके शारीरिक आकर्षण को उसके आंतरिक स्व से अलग करना असंभव हो जाता है। वह स्वीकार करता है कि यदि उसके बाल काले, भूरे या गाजर के रंग में रंगे जाएं, तो वह शायद निराशा का कारण ढूंढ सकता है या अपना मन बदल सकता है, जो यह साबित करता है कि उसका स्नेह उसके बाहरी रूप पर बहुत अधिक निर्भर है। इस प्रकार, कवि इस कठोर वास्तविकता को उजागर करता है कि मानवीय संबंधों में शारीरिक आकर्षण अक्सर भावनात्मक और आध्यात्मिक जुड़ाव पर भारी पड़ता है.
उत्तर (Answer): ऐनी ग्रेगरी यह परखने के लिए एक बहुत ही व्यावहारिक और आकर्षक समाधान प्रस्तुत करती है कि क्या कोई पुरुष उसे उसकी आकर्षक शारीरिक विशेषताओं के बजाय उसकी आंतरिक सुंदरता के लिए प्यार कर सकता है। वह बताती है कि वह आसानी से अपने शानदार, शहद के रंग वाले सुनहरे बालों को काले, भूरे या चमकीले गाजर जैसे किसी अन्य रंग में रंगवा सकती है। अपने बाहरी स्वरूप में भारी बदलाव करके, वह यह सुनिश्चित करना चाहती है कि जो भी पुरुष उससे प्यार करने का दावा करता है, वह केवल उसके मोहक सुनहरे बालों से मंत्रमुग्ध न हो। उसका मानना है कि यदि कोई प्रेमी वास्तव में उसकी आत्मा और व्यक्तित्व को महत्व देता है, तो उसका बदला हुआ रूप उसे रोक नहीं पाएगा। ऐनी का यह चालाक प्रस्ताव समाज और युवा पुरुषों द्वारा केवल शारीरिक आराधना की सुंदर वस्तु के रूप में देखे जाने के बजाय, एक अद्वितीय मन और आत्मा वाले व्यक्ति के रूप में पहचाने जाने की उसकी इच्छा को रेखांकित करता है.
उत्तर (Answer): अंतिम श्लोक में वृद्ध धार्मिक व्यक्ति द्वारा उद्धृत पाठ का 'फॉर ऐनी ग्रेगरी' कविता में अत्यधिक दार्शनिक महत्व है। यह नश्वर पुरुषों के त्रुटिपूर्ण, सतही प्रेम के विपरीत एक दिव्य दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। पाठ यह दावा करता है कि केवल भगवान ही किसी व्यक्ति से केवल उसके अपने लिए प्यार कर सकते हैं, सुनहरे बालों जैसी अस्थायी शारीरिक विशेषताओं से विचलित होने के बजाय उनकी आत्मा के भीतर गहराई से देख सकते हैं। यह संदर्भ कविता के विषय को एक साधारण रोमांटिक संवाद से एक गहरे आध्यात्मिक संवाद तक पहुँचाता है। यह पाठक को सिखाता है कि जहाँ मानवीय स्नेह अक्सर शारीरिक सुंदरता और बाहरी दिखावे से जुड़ा होता है, वहीं दिव्य प्रेम पूरी तरह से शुद्ध, बिना शर्त, शाश्वत होता है और पूरी तरह से मनुष्य के आंतरिक आध्यात्मिक सार पर केंद्रित होता है।
उत्तर (Answer): ऐनी ग्रेगरी और वक्ता के बीच आकर्षक संवाद के माध्यम से, कवि मानवीय रिश्तों और प्रेम की सतहीता के बारे में एक गहन दार्शनिक संदेश देता है। कवि इस बात पर प्रकाश डालता है कि सच्चा मानवीय प्रेम शायद ही कभी शुद्ध या बिना शर्त होता है क्योंकि लोग आध्यात्मिक गहराई के बजाय शारीरिक दिखावे, बाहरी सुंदरता और सतही लक्षणों से अत्यधिक जुनूनी होते हैं। जबकि मनुष्य त्रुटिपूर्ण होते हैं और बाहरी आकर्षण से आसानी से विचलित हो जाते हैं, कविता इसकी तुलना divine प्रेम से करती है, यह सुझाव देते हुए कि केवल भगवान में ही किसी मनुष्य से उसकी आंतरिक आत्मा के लिए प्यार करने की क्षमता होती है। अंततः, यह शारीरिक विशेषताओं से आगे देखने और व्यक्तियों को उनके सच्चे आंतरिक मूल्य और आध्यात्मिक पहचान के लिए महत्व देने की याद दिलाता है।
उत्तर (Answer): ऐनी ग्रेगरी अपने बालों का रंग बदलने की पेशकश करके यह साबित करने का प्रस्ताव रखती है कि उसे उसकी शारीरिक सुंदरता से कहीं अधिक महत्व दिया जाता है। वह सुझाव देती है कि वह अपनी पसंद के किसी भी समय अपने बालों को भूरे, काले या गाजर जैसे किसी अन्य रंग में आसानी से रंगवा सकती है। ऐसा करके, वह उन आकर्षक सुनहरे बालों को हटाना चाहती है जो पुरुषों को मोहित करते हैं और उन्हें उसकी ओर अलग तरह से देखने के लिए मजबूर करते हैं। उसका मानना है कि यदि उसके हड़ताल करने वाले सुनहरे बाल चले जाते हैं, तो वह यह परीक्षण कर सकती है कि क्या कोई पुरुष वास्तव में उसकी आंतरिक शख्सियत, विचारों और आत्मा के लिए उससे प्यार करने में सक्षम है, जिससे नश्वर प्रेम की सतही प्रकृति का पर्दाफाश होता है और वास्तविक प्रशंसा की मांग होती है।
उत्तर (Answer): वक्ता का दावा है कि कोई भी युवा पुरुष ऐनी ग्रेगरी से केवल उसके अपने लिए प्यार नहीं कर सकता क्योंकि मनुष्य स्वाभाविक रूप से शारीरिक सुंदरता और ठोस बाहरी आकर्षणों से आकर्षित होने के लिए अनुकूलित होते हैं। ऐनी के पास खूबसूरत, आकर्षक सुनहरे बाल हैं जो उसके चेहरे के चारों ओर एक प्राचीर की तरह काम करते हैं, जो तुरंत ध्यान आकर्षित करते हैं और उसके आंतरिक गुणों को overshadow करते हैं। युवा पुरुष अपनी रोमांटिक खोज में सतही होते हैं और आसानी से उसकी потряса शारीरिक उपस्थिति के प्रभाव में आ जाते हैं। चूँकि उसकी बाहरी सुंदरता इतनी प्रमुख और भारी है कि किसी भी नश्वर मनुष्य के लिए इससे आगे देखना और उसकी आंतरिक आत्मा, मन और सच्चे व्यक्तित्व की सराहना करना लगभग असंभव हो जाता है, जिसका अर्थ है कि वे उसके वास्तविक स्व के बजाय उसके रूप-रंग से प्यार करते हैं।
उत्तर (Answer): एक वृद्ध धार्मिक व्यक्ति द्वारा कविता में उल्लिखित धार्मिक ग्रंथ के अनुसार, भगवान का ही मनुष्यों के प्रति पूरी तरह से निस्वार्थ, बिना शर्त और आध्यात्मिक प्रेम होता है। ग्रंथ से पता चलता है कि भगवान किसी व्यक्ति की बाहरी सुंदरता, शारीरिक उपस्थिति या सुनहरे बालों, धन या स्थिति जैसी अस्थायी विशेषताओं को नहीं देखते हैं। इसके बजाय, भगवान सीधे मानव आत्मा के भीतर देखते हैं और व्यक्तियों से प्यार करते हैं कि वे अंदर से वास्तव में कौन हैं। नश्वर पुरुषों के विपरीत जो शारीरिक आकर्षण और सतही सुंदरता से आसानी से प्रभावित और अंधे हो जाते हैं, सर्वशक्तिमान प्रत्येक व्यक्ति की आंतरिक आत्मा और दिव्य सार को संजोता है, एक ऐसा प्रेम प्रदान करता है जो शुद्ध, शाश्वत, अपरिवर्तनीय और सांसारिक और शारीरिक आकर्षणों से पूरी तरह मुक्त होता है।
उत्तर (Answer): ऐनी ग्रेगरी यह बयान अपने जीवन में युवाओं से मिलने वाले प्यार की सतही प्रकृति को चुनौती देने के लिए देती है। उसे एहसास होता है कि लोग उसके सच्चे आंतरिक गुणों, चरित्र और आत्मा के बजाय केवल उसके आकर्षक सुनहरे बालों और शारीरिक उपस्थिति से आकर्षित होते हैं। अपने बालों को काले, भूरे या गाजर के रंग जैसे अलग-अलग रंगों में रंगने की पेशकश करके, वह यह परीक्षण करना चाहती है कि क्या पुरुष उससे बिना किसी शर्त के अंदरूनी तौर पर प्यार कर सकते हैं। उसे उम्मीद है कि उसके बाहरी स्वरूप को बदलने से शारीरिक बाधा दूर हो जाएगी, जिससे उसे ऐसा कोई व्यक्ति मिल सकेगा जो उसके सुंदर शारीरिक लक्षणों और बाहरी सुंदरता के प्रति केवल मुग्ध होने के बजाय उसके मन और हृदय को महत्व दे सके।
उत्तर (Answer): डब्लू.बी. येट्स की कविता 'फॉर ऐनी ग्रेगरी' में, युवक ऐनी ग्रेगरी की शारीरिक सुंदरता, विशेष रूप से उसके खूबसूरत सुनहरे बालों से गहराई से मोहित है। वह उससे कहता है कि वह उससे उसके सुंदर सुनहरे बालों के कारण प्यार करता है, न कि इस बात के लिए कि वह अंदर से कौन है। वह चाहता है कि वह अपने बालों का रंग बदलकर भूरा, काला या गाजर जैसा कोई अन्य रंग कर ले ताकि यह साबित हो सके कि उसकी आंतरिक शख्सियत और आत्मा के लिए उससे प्यार किया जाता है। उसका मानना है कि यदि पुरुष उससे शुद्ध रूप से प्यार करते हैं, तो उन्हें उसकी शारीरिक बनावट और आकर्षक बाहरी आवरण से आगे देखना चाहिए, विशेष रूप से उसके हड़ताली सुनहरे बालों से, जो किसी को भी उसके सच्चे आंतरिक स्व और आध्यात्मिक सुंदरता को देखने से रोकने वाले एक बड़े विकर्षण के रूप में कार्य करते हैं।