त्वरित पुनरावृत्ति नोट्स एवं सूत्र: पूर्ण संख्याएँ (Whole Numbers)
कक्षा: 6 | विषय: गणित | बोर्ड: MP बोर्ड
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1. मुख्य परिभाषाएँ (Basic Definitions)
- प्राकृत संख्याएँ (Natural Numbers):
गिनती के लिए उपयोग की जाने वाली सभी संख्याएँ प्राकृत संख्याएँ कहलाती हैं।
- उदाहरण:
1, 2, 3, 4, 5, ...
- सबसे छोटी प्राकृत संख्या =
1
- पूर्ण संख्याएँ (Whole Numbers):
यदि प्राकृत संख्याओं के समूह में शून्य (0) को भी शामिल कर लिया जाए, तो प्राप्त समूह को पूर्ण संख्याएँ कहते हैं।
- उदाहरण:
0, 1, 2, 3, 4, 5, ...
- सबसे छोटी पूर्ण संख्या =
0
- महत्वपूर्ण तथ्य: सभी प्राकृत संख्याएँ पूर्ण संख्याएँ होती हैं, लेकिन सभी पूर्ण संख्याएँ प्राकृत संख्याएँ नहीं होतीं।
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2. पूर्ववर्ती और परवर्ती (Predecessor and Successor)
- पूर्ववर्ती (Predecessor): किसी भी पूर्ण संख्या में से
1 घटाने पर उसकी पूर्ववर्ती संख्या प्राप्त होती है।
- सूत्र:
पूर्ववर्ती = संख्या - 1
- उदाहरण: 15 का पूर्ववर्ती =
15 - 1 = 14
- नोट: पूर्ण संख्या
0 का कोई पूर्ववर्ती नहीं होता है।
- परवर्ती (Successor): किसी भी पूर्ण संख्या में
1 जोड़ने पर उसकी परवर्ती संख्या प्राप्त होती है।
- सूत्र:
परवर्ती = संख्या + 1
- उदाहरण: 15 का परवर्ती =
15 + 1 = 16
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3. संख्या रेखा (Number Line)
- संख्या रेखा पर बिंदु
0 से शुरू होकर दाईं ओर समान दूरी पर संख्याएँ अंकित होती हैं।
- योग (Addition): संख्या रेखा पर जोड़ने के लिए दाईं ओर चलते हैं।
- घटाव (Subtraction): संख्या रेखा पर घटाने के लिए बाईं ओर चलते हैं।
- गुणन (Multiplication): शून्य से शुरू करके दाईं ओर समान दूरी की छलांगें लगाते हैं।
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4. पूर्ण संख्याओं के गुणधर्म (Properties of Whole Numbers)
#### A. संवृत गुण (Closure Property)
- योग के लिए: दो पूर्ण संख्याओं का योग हमेशा एक पूर्ण संख्या होता है।
- सूत्र:
a + b = पूर्ण संख्या
- गुणन के लिए: दो पूर्ण संख्याओं का गुणनफल हमेशा एक पूर्ण संख्या होता है।
- सूत्र:
a × b = पूर्ण संख्या
- नोट: घटाव और भाग के लिए संवृत गुण लागू नहीं होता।
#### B. क्रमविनिमेय गुण (Commutative Property)
- योग का क्रमविनिमेय नियम: संख्याओं का क्रम बदलने पर योगफल नहीं बदलता।
- सूत्र:
a + b = b + a
- गुणन का क्रमविनिमेय नियम: संख्याओं का क्रम बदलने पर गुणनफल नहीं बदलता।
- सूत्र:
a × b = b × a
- नोट: घटाव (
a - b ≠ b - a) और भाग (a ÷ b ≠ b ÷ a) में यह नियम लागू नहीं होता।
#### C. साहचर्य गुण (Associative Property)
- योग का साहचर्य नियम:
- सूत्र:
(a + b) + c = a + (b + c)
- गुणन का साहचर्य नियम:
- सूत्र:
(a × b) × c = a × (b × c)
#### D. वितरण नियम / बंटन गुण (Distributive Property)
- योग पर गुणन का वितरण:
- सूत्र:
a × (b + c) = (a × b) + (a × c)
- घटाव पर गुणन का वितरण:
- सूत्र:
a × (b - c) = (a × b) - (a × c)
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5. तत्समक अवयव (Identity Elements)
- योज्य तत्समक (Additive Identity):
0
- किसी पूर्ण संख्या में
0 जोड़ने पर वही संख्या प्राप्त होती है।
- सूत्र:
a + 0 = a
- गुणनात्मक तत्समक (Multiplicative Identity):
1
- किसी पूर्ण संख्या को
1 से गुणा करने पर वही संख्या प्राप्त होती है।
- सूत्र:
a × 1 = a
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6. शून्य (0) के विशेष गुण (Special Properties of Zero)
1. शून्य से गुणन: किसी संख्या को 0 से गुणा करने पर उत्तर 0 आता है।
2. शून्य से विभाजन: किसी पूर्ण संख्या को शून्य (0) से भाग देना परिभाषित नहीं (Not Defined) है।
- सूत्र:
a ÷ 0 = परिभाषित नहीं
3. शून्य में भाग: शून्य को किसी भी संख्या से भाग देने पर उत्तर 0 आता है।
- सूत्र:
0 ÷ a = 0 (जहाँ a ≠ 0)
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7. त्वरित याद रखने योग्य बिंदु (Quick Summary Points)
| संक्रिया (Operation) | संवृत (Closed)? | क्रमविनिमेय (Commutative)? | साहचर्य (Associative)? |
| :--- | :---: | :---: | :---: |
| योग (+) | हाँ | हाँ | हाँ |
| घटाव (-) | नहीं | नहीं | नहीं |
| गुणन (×) | हाँ | हाँ | हाँ |
| भाग (÷) | नहीं | नहीं | नहीं |
उत्तर (Answer): प्राकृत संख्याएँ 1, 2, 3, ... होती हैं और पूर्ण संख्याएँ 0, 1, 2, 3, ... होती हैं। प्रत्येक प्राकृत संख्या पूर्ण संख्या के समूह में होती है, इसलिए 'सभी प्राकृत संख्याएँ पूर्ण संख्याएँ हैं' सत्य कथन है।