कक्षा ६: सामाजिक विज्ञान (इतिहास)
#### पाठ: भोजन: संग्रह से उत्पादन तक (From Gathering to Growing Food)
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१. मुख्य परिभाषाएँ (Key Definitions)
- संग्राहक (Gatherers): वे लोग जो अपने भोजन (फल, जड़ें, और अन्य वन उपज) के लिए जंगलों के पौधों पर निर्भर रहते थे और भोजन इकट्ठा करते थे।
- आखेटक (Hunters): वे लोग जो जंगली जानवरों का शिकार करते थे। इन्हें 'आखेटक-संग्राहक' भी कहा जाता है।
- आरंभिक मानव (Early Humans): इतिहास के वे शुरुआती इंसान जो भोजन की तलाश में एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमते रहते थे।
- पुरातत्वविद् (Archaeologists): वे विद्वान जो अतीत में बनी और बची हुई वस्तुओं (औजार, बर्तन, हड्डियाँ आदि) का अध्ययन करते हैं।
- पालतू पशु (Domesticated Animals): वे जानवर जिन्हें इंसान अपने नियंत्रण में रखते थे और उनकी देखभाल करते थे (जैसे- कुत्ता, भेड़, बकरी)।
- कृषि (Agriculture): बीज बोकर फसल उगाने और पशुओं को पालने की प्रक्रिया।
- पशुपालन (Herding): जानवरों को पालने और उनकी देखभाल करने का कार्य।
- बस्तियाँ (Settlements): वे स्थान जहाँ लोग स्थायी रूप से मकान बनाकर रहने लगे।
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२. मुख्य अवधारणाएँ एवं बिंदु
- लोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर क्यों घूमते थे? (Why did they move?):
१. एक स्थान पर सारे पौधे और जानवर समाप्त हो जाने पर भोजन की तलाश में।
२. जानवरों के पीछे-पीछे (क्योंकि जानवर चारे की तलाश में एक जगह से दूसरी जगह जाते थे)।
३. मौसम के अनुसार अलग-अलग पौधों के फल खाने के लिए।
४. पानी की तलाश में (क्योंकि कई नदियाँ और झीलें मौसमी होती थीं)।
- आग की खोज (Discovery of Fire):
- कुरनूल गुफाओं में राख के अवशेष मिले हैं, जो यह दर्शाते हैं कि आरंभिक मानव आग जलाना सीख गए थे।
- आग का उपयोग: प्रकाश के लिए, मांस पकाने के लिए, और खतरनाक जानवरों को दूर भगाने के लिए।
- बदलती जलवायु (Changing Environment):
- लगभग १२,००० साल पहले दुनिया की जलवायु में बड़े बदलाव आए और गर्मी बढ़ने लगी।
- इसके परिणामस्वरुप घास वाले मैदान बनने लगे, जिससे हिरण, भेड़, बकरी जैसे जानवरों की संख्या बढ़ी जो घास खाते थे।
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३. कृषि और पशुपालन की शुरुआत
- खेती की शुरुआत:
- महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने धीरे-धीरे यह सीखा कि पौधे कहाँ उगते हैं, बीज कैसे अंकुरित होते हैं, और उनकी देखभाल कैसे करनी चाहिए।
- सबसे पहले उगाए जाने वाले अनाज: गेहूँ और जौ।
- सबसे पहले पाले गए जानवर: कुत्ता (जंगली जानवर), बाद में भेड़, बकरी और गाय।
- किसानों और पशुपालकों का जीवन (Life of Farmers and Herders):
- लोगों ने पौधों की देखभाल करनी शुरू की और उन्हें पानी दिया। इससे वे एक ही स्थान पर लंबे समय तक रुकने लगे।
- अनाज को सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने बड़े-बड़े बर्तन, टोकरियाँ बनाईं या जमीन में गड्ढे खोदे।
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४. पुरातत्वविदों की खोज (महत्त्वपूर्ण स्थल)
पुरातत्वविदों को शुरुआती कृषकों और पशुपालकों के साक्ष्य कई स्थानों पर मिले हैं:
- मेहरगढ़ (Mehrgarh):
- यह आधुनिक पाकिस्तान में स्थित है।
- यहाँ सबसे पहले जौ और गेहूँ उगाना तथा भेड़-बकरी पालना सीखा गया था।
- यहाँ चौकोर तथा आयताकार घरों के अवशेष मिले हैं।
- बुर्ज़होम (Burzahom):
- यह वर्तमान जम्मू-कश्मीर में है।
- यहाँ लोग 'गर्तवास' (जमीन के नीचे घर) बनाकर रहते थे।
- दाओजली हेडिंग (Daojali Hading):
- यह ब्रह्मपुत्र घाटी के पास (असम) है।
- यहाँ से जड़े और मूँदू (खरल और मूसल जैसे पत्थर) मिले हैं, जो अनाज पीसने के काम आते थे।
- अन्य पुरास्थल: चिरंद, हल्लूर, पयम्पलमी, भीमबेटका (पाषाण कालीन वास स्थल)।
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५. जनजातीय जीवन और संस्कृति
- रहन-सहन:
- लोग समूहों में रहते थे जिन्हें 'कबीला' कहा जाता था।
- वे गुफाओं और कंदराओं में चित्रकारी करते थे (उदाहरण: भीमबेटका की गुफाएँ)।
- वे पत्थरों के औजारों का उपयोग करते थे (इसे पाषाण युग कहा जाता है)।
- मृतकों के प्रति सम्मान:
- मेहरगढ़ जैसी जगहों पर मृतकों के साथ कुछ सामान (जैसे बकरी) भी दफनाए जाते थे, ताकि परलोक में भी भोजन मिल सके।
उत्तर (Answer): वे पौधों की देखभाल करने, उन्हें पानी देने, पक्षियों और जानवरों से बचाने तथा फसल काटने के लिए एक ही स्थान पर रहने लगे।