---
... , -3, -2, -1, 0, 1, 2, 3, ... से दर्शाया जाता है।1, 2, 3, 4, ... (शून्य से बड़े)-1, -2, -3, -4, ... (शून्य से छोटे)---
0 होता है।0 के दाईं ओर धनात्मक पूर्णांक (+1, +2, +3...) होते हैं।0 के बाईं ओर ऋणात्मक पूर्णांक (-1, -2, -3...) होते हैं।---
1. समान चिह्न वाले पूर्णांक:
+) चिह्न लगाएं।(+5) + (+3) = +8-) चिह्न लगाएं।(-5) + (-3) = -82. विपरीत चिह्न वाले पूर्णांक:
(-7) + (+4) = -3(+9) + (-3) = +63. व्यवकलन (Subtraction):
a - (b) = a + (-b)8 - (-3) = 8 + 3 = 11---
दो पूर्णांकों का गुणा करते समय निम्नलिखित चिन्हों के नियमों का पालन किया जाता है:
1. धनात्मक पूर्णांक $\times$ धनात्मक पूर्णांक = धनात्मक पूर्णांक (+ $\times$ + = +)
(+4) \times (+3) = +122. ऋणात्मक पूर्णांक $\times$ ऋणात्मक पूर्णांक = धनात्मक पूर्णांक (- $\times$ - = +)
(-4) \times (-3) = +123. धनात्मक पूर्णांक $\times$ ऋणात्मक पूर्णांक = ऋणात्मक पूर्णांक (+ $\times$ - = -)
(+4) \times (-3) = -124. ऋणात्मक पूर्णांक $\times$ धनात्मक पूर्णांक = ऋणात्मक पूर्णांक (- $\times$ + = -)
(-4) \times (+3) = -12---
पूर्णांकों के भाग के नियम भी गुणन के नियमों जैसे ही होते हैं:
1. (+) \div (+) = (+) (धनात्मक को धनात्मक से भाग देने पर)
2. (-) \div (-) = (+) (ऋणात्मक को ऋणात्मक से भाग देने पर)
3. (+) \div (-) = (-) (धनात्मक को ऋणात्मक से भाग देने पर)
4. (-) \div (+) = (-) (ऋणात्मक को धनात्मक से भाग देने पर)
1 से भाग देने पर वही पूर्णांक प्राप्त होता है (a \div 1 = a)।0 से भाग देना परिभाषित नहीं है (a \div 0 अमान्य है)।0 को किसी भी पूर्णांक (शून्य को छोड़कर) से भाग देने पर 0 प्राप्त होता है (0 \div a = 0)।---
1. संवर्क गुण (Closure Property):
a + b एक पूर्णांक है)a - b एक पूर्णांक है)a \times b एक पूर्णांक है)2. क्रमविनिमेय गुण (Commutative Property):
a + b = b + a (उदाहरण: 2 + 3 = 3 + 2 = 5)a \times b = b \times a (उदाहरण: 2 \times 3 = 3 \times 2 = 6)3. साचर्ये गुण (Associative Property):
(a + b) + c = a + (b + c)(a \times b) \times c = a \times (b \times c)4. वितरण गुण (Distributive Property):
a \times (b + c) = (a \times b) + (a \times c)a \times (b - c) = (a \times b) - (a \times c)5. योजक तत्समक (Additive Identity):
0 को किसी पूर्णांक में जोड़ने पर वही पूर्णांक प्राप्त होता है।a + 0 = 0 + a = a (यहाँ 0 योजक तत्समक है)6. गुणात्मक तत्समक (Multiplicative Identity):
1 से गुणा करने पर वही पूर्णांक प्राप्त होता है।a \times 1 = 1 \times a = a (यहाँ 1 गुणात्मक तत्समक है)7. योजक प्रतिलोम (Additive Inverse):
a का योजक प्रतिलोम -a होता है, क्योंकि a + (-a) = 0।5 का योजक प्रतिलोम -5 है, और -7 का योजक प्रतिलोम +7 है।