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1. घातांक (Exponent): घातांक यह दर्शाता है कि किसी संख्या (आधार) को स्वयं से कितनी बार गुणा किया गया है।
उदाहरण के लिए: a^n में, a आधार (Base) है और n घातांक (Exponent) या घात है। इसे "a की घात n" पढ़ा जाता है।
2. विस्तृत रूप (Expanded Form): किसी संख्या को उसकी घातों के गुणनफल के रूप में लिखना।
उदाहरण: 64 = 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2 = 2^6
3. मानक रूप (Standard Form / Scientific Notation): किसी बड़ी संख्या को k × 10^n के रूप में लिखना, जहाँ 1 ≤ k < 10 और n एक पूर्णांक है।
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मान लीजिए कि a और b शून्यतर (Non-zero) परिमेय संख्याएँ हैं तथा m और n पूर्णांक हैं।
1. समान आधार वाले गुणा का नियम (Multiplying Powers with the Same Base):
a^m × a^n = a^(m + n)
(आधार समान होने पर घातें जुड़ जाती हैं।)
2. समान आधार वाले भाग का नियम (Dividing Powers with the Same Base):
a^m ÷ a^n = a^(m - n) (जहाँ m > n)
(आधार समान होने पर भाग करते समय घातें घट जाती हैं।)
3. घात की घात का नियम (Power of a Power):
(a^m)^n = a^(m × n)
(घात के ऊपर घात होने पर उनका आपस में गुणा हो जाता है।)
4. समान घात वाले गुणा का नियम (Multiplying Powers with the Same Exponents):
a^m × b^m = (a × b)^m
(घात समान होने पर आधारों का गुणा हो जाता है।)
5. समान घात वाले भाग का नियम (Dividing Powers with the Same Exponents):
a^m ÷ b^m = (a / b)^m
6. शून्य घात का नियम (Zero Exponent):
a^0 = 1
(किसी भी शून्यतर संख्या की घात शून्य होने पर उसका मान हमेशा 1 होता है।)
उदाहरण: 5^0 = 1, (-7)^0 = 1
7. ऋणात्मक घातांक (Negative Exponents):
a^(-m) = 1 / a^m
(ऋणात्मक घात को धनात्मक बनाने के लिए आधार का व्युत्क्रम (Reciprocal) लिया जाता है।)
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उदाहरण: (-1)^2 = 1
उदाहरण: (-1)^3 = -1