कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान - त्वरित पुनरावृत्ति नोट्स
अध्याय: हमारी पृथ्वी के अंदर (Inside Our Earth)
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मुख्य बिंदु और परिभाषाएँ
- पृथ्वी (Earth): पृथ्वी हमारा गृह आवास है। यह निरंतर परिवर्तन से गुजरती है - इसके अंदर और बाहर दोनों जगह।
- शैल (Rocks): पृथ्वी की पपड़ी बनाने वाले किसी भी प्राकृतिक पिंड को शैल कहते हैं। शैल विभिन्न रंग, आकार और गठन के हो सकते हैं।
- खनिज (Minerals): शैल विभिन्न खनिजों से बने होते हैं। खनिज प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले पदार्थ हैं जिनका निश्चित भौतिक गुणधर्म और निश्चित रासायनिक मिश्रण होता है।
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1. पृथ्वी की आंतरिक संरचना (Interior of the Earth)
प्याज की तरह, पृथ्वी भी एक के ऊपर एक संकेंद्रित परतों से बनी है। इसे मुख्य रूप से तीन परतों में विभाजित किया गया है:
#### (क) पपड़ी या भूपर्पटी (Crust)
- यह पृथ्वी की सबसे बाहरी परत है।
- यह सभी परतों में सबसे पतली है।
- महाद्वीपीय संहति (Continental mass) में इसकी मोटाई लगभग 35 किमी और महासागरों की सतह पर केवल 5 किमी है।
- मुख्य खनिज घटक:
- सियाल (Sial): सिलिका और एल्यूमिना (महाद्वीपीय पपड़ी)।
- सीमा (Sima): सिलिका और मैग्नीशियम (महासागरीय पपड़ी)।
#### (ख) मैंटल (Mantle)
- यह भूपर्पटी के ठीक नीचे स्थित परत है।
- यह भूपर्पटी के नीचे लगभग 2900 किमी की गहराई तक फैली हुई है।
#### (ग) क्रोड (Core)
- यह पृथ्वी की सबसे आंतरिक परत है।
- इसकी त्रिज्या लगभग 3500 किमी है।
- यह मुख्य रूप से निकल और लोहे की बनी होती है।
- इसे निफे (Nife) कहा जाता है (Ni - निकल, Fe - फेरस यानी लोहा)।
- यहाँ का तापमान और दाब बहुत अधिक होता है।
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2. शैल एवं उनके प्रकार (Rocks and Types of Rocks)
पृथ्वी की भूपर्पटी बनाने वाले शैल मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं:
#### (क) आग्नेय शैल (Igneous Rocks)
- जब द्रवित मैग्मा ठंडा होकर ठोस हो जाता है, तब आग्नेय शैल बनते हैं।
- इन्हें प्राथमिक शैल (Primary Rocks) भी कहते हैं।
- दो प्रकार:
1. अंतर्भेदी शैल (Intrusive Rocks): जब मैग्मा पृथ्वी की भूपर्पटी के अंदर गहराई में ठंडा होता है (उदा. ग्रेनाइट)।
2. बहर्भेदी शैल (Extrusive Rocks): जब पिघला हुआ लावा पृथ्वी की सतह पर आता है और तेजी से ठंडा होकर ठोस बनता है (उदा. basalt - दक्कन का पठार इसी से बना है)।
#### (ख) अवसादी शैल (Sedimentary Rocks)
- शैल लुढ़ककर, चटककर एक-दूसरे से टकराकर छोटे टुकड़ों में टूट जाते हैं। इन छोटे टुकड़ों को अवसाद (Sediments) कहते हैं।
- ये अवसाद हवा, जल आदि द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँचाए जाते हैं और जमा कर दिए जाते हैं।
- ये दबे हुए संपीड़ित और कठोर होकर शैल की परतें बनाते हैं।
- इनमें पौधे, जानवर और अन्य सूक्ष्मजीवों के जीवाश्म (Fossils) हो सकते हैं।
- उदाहरण: बलुआ पत्थर (Sandstone)।
#### (ग) कायांतरित शैल (Metamorphic Rocks)
- आग्नेय और अवसादी शैल अत्यधिक ताप और दाब के कारण कायांतरित (रूपांतरित) शेल में बदल सकते हैं।
- उदाहरण:
- चिकनी मिट्टी -> स्लेट में बदल जाती है।
- चूना पत्थर -> संगमरमर में बदल जाता है।
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3. शैल चक्र (Rock Cycle)
- एक प्रकार का शैल निश्चित परिस्थितियों में चक्रीय तरीके से दूसरे शैल में बदल जाता है।
- प्रक्रिया:
- द्रवित मैग्मा ठंडा होकर आग्नेय शैल बनता है।
- आग्नेय शैल छोटे टुकड़ों में टूटकर अवसादी शैल बनाते हैं।
- ताप और दाब के कारण ये दोनों शैल कायांतरित शैल में बदल जाते हैं।
- अत्यधिक ताप और दाब के कारण कायांतरित शैल पिघलकर फिर से द्रवित मैग्मा बन जाते हैं।
- यह मैग्मा फिर से ठंडा होकर आग्नेय शैल बन जाता है।
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परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
1. पृथ्वी के आयतन का केवल 1% हिस्सा ही भूपर्पटी है, 84% मैंटल है और 15% हिस्सा क्रोड है।
2. पृथ्वी की त्रिज्या 6370 किलोमीटर है।
3. विश्व की सबसे गहरी खान दक्षिण अफ्रीका में है, जो लगभग 4 किलोमीटर गहरी है।
4. जीवाश्म (Fossils): शैल की परतों में दबे हुए मृत पौधों और जंतुओं के अवशेषों को जीवाश्म कहते हैं।