मुख्य सूत्र (Key Formulas)
कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान - हमारा बदलता हुआ संसार (Our Changing Earth) - त्वरित संशोधन नोट्स
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अध्याय परिचय (Chapter Introduction)
यह अध्याय पृथ्वी के अंदर और बाहर होने वाले परिवर्तनों के बारे में है। पृथ्वी की सतह हमेशा बदलती रहती है। यह परिवर्तन दो प्रकार की बलों के कारण होते हैं:
1. अंतर्जात बल (Endogenic Forces) - जो बल पृथ्वी के आंतरिक भाग में उत्पन्न होते हैं।
2. बहिर्जात बल (Exogenic Forces) - जो बल पृथ्वी की सतह पर उत्पन्न होते हैं।
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1. पृथ्वी की गतियाँ एवं बल (Earth Movements and Forces)
- अंतर्जात बल (Endogenic Forces):
- ये बल कभी अचानक (Sudden) गति उत्पन्न करते हैं और कभी धीमे (Diastrophic) गति उत्पन्न करते हैं।
- अचानक गति: भूकंप (Earthquake) और ज्वालामुखी (Volcano)। इनके कारण पृथ्वी की सतह पर भारी विनाश और परिवर्तन होता है।
- पर्पटीय गति (धीमी गति): पर्वत निर्माणकारी बल।
- बहिर्जात बल (Exogenic Forces):
- ये पृथ्वी की सतह पर काम करने वाले बल हैं।
- अपरदन (Erosion) और निक्षेप (Deposition): भू-दृश्य को लगातार घिसना और मलवे को कहीं और जमा करना।
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2. ज्वालामुखी (Volcanoes)
- परिभाषा: पृथ्वी कीपर्पटी (Crust) पर खुला एक ऐसा छिद्र होता है जिससे पिघला हुआ पदार्थ (मैग्मा) अचानक बाहर निकलता है।
- मैग्मा (Magma): पृथ्वी के आंतरिक भाग में पिघला हुआ चट्टानी पदार्थ।
- लावा (Lava): जब मैग्मा पृथ्वी की सतह पर पहुँच जाता है, तो उसे लावा कहते हैं।
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3. भूकंप (Earthquakes)
- परिभाषा: पृथ्वी के कंपन को भूकंप कहते हैं।
- उद्गम केंद्र (Focus): वह स्थान जहाँ से भूकंप की ऊर्जा या कंपन उत्पन्न होता है, उसे 'उद्गम केंद्र' कहते हैं।
- अधिकेंद्र (Epicentre): उद्गम केंद्र के ठीक ऊपर पृथ्वी की सतह पर स्थित स्थान को 'अधिकेंद्र' कहते हैं। सबसे अधिक हानि यहीं होती है।
- भूकंपीय तरंगें (Seismic Waves): भूकंप से निकलने वाली तरंगें तीन प्रकार की होती हैं - P तरंगें, S तरंगें और L (धरातलीय) तरंगें।
- मापक यंत्र (Seismograph): भूकंप को मापने के लिए जिस यंत्र का उपयोग किया जाता है, उसे सीस्मोग्राफ कहते हैं।
- रिक्टर स्केल (Richter Scale): भूकंप की तीव्रता इस स्केल पर मापी जाती है। (0 से 10 तक का पैमाना)।
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4. मुख्य भू-आकृतियाँ और बहिर्जात प्रक्रम (Major Landforms and Exogenic Processes)
नदी, पवन, हिमनद और समुद्री तरंग जैसे कारक पृथ्वी की सतह पर विभिन्न स्थलाकृतियों का निर्माण करते हैं:
- नदी के कार्य (Work of a River):
- जलप्रपात (Waterfall): जब नदी किसी खड़े ढाल वाली घाटी में गिरती है, तो जलप्रपात बनता है।
- विपरीत मोड़ या विसर्प (Meanders): नदी मैदानी क्षेत्र में प्रवेश करती है और बड़े मोड़ों पर बहती है, जिसे विसर्प कहते हैं।
- चाँप झील (Ox-bow Lake): विसर्प के लूप कट जाने से अलग बनी झील।
- बाढ़कृत मैदान (Floodplain): नदी के किनारों पर बाढ़ के कारण मिट्टी और अन्य पदार्थों का जमाव।
- तटबंध (Levees): नदी के उठे हुए किनारे।
- डेल्टा (Delta): नदी के मुने पर अवसादों का संग्रह (त्रिकोणीय आकृति)।
- समुद्री तरंग के कार्य (Work of Sea Waves):
- समुद्री गुफा (Sea Caves): तरंगों की लगातार टक्कर से चट्टानों में दरारें और गुफाएँ बनती हैं।
- तटबंध / मेहराब (Sea Arches): गुफाओं के बड़े होने पर केवल छत बचती है।
- स्टैक (Stack): जब मेहराब की छत भी टूट जाती है, तो दीवार जैसी आकृतियाँ बचती हैं जिन्हें स्टैक कहते हैं।
- समुद्री भृगु (Sea Cliff): समुद्र तट पर खड़ी चट्टानी दीवार।
- हिमनद के कार्य (Work of Glaciers):
- हिमनद (Glaciers): बर्फ की नदियाँ।
- मोरेन (Moraines): हिमनद द्वारा लाए गए पदार्थ (छोटे-बड़े पत्थर, रेत, तलछट) जब जमा होते हैं, तो उन्हें हिमनदौर या मोरेन कहते हैं।
- पवन के कार्य (Work of Wind):
- छत्रक चट्टानें (Mushroom Rocks): रेगिस्तान में पवन चट्टानों के निचले हिस्से को ज्यादा घिसती है और ऊपरी हिस्से को कम, जिससे छत्र (mushroom) जैसी आकृति बनती है।
- बालू टिब्बे (Sand Dunes): पवन द्वारा बालू को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाकर जमा करने से टीले बनते हैं।
- लोएस (Loess): जब महीन और हल्की बालू रेगिस्तान से दूर विस्तृत क्षेत्र में जमा हो जाती है, तो उसे लोएस कहते हैं (जैसे चीन में)।
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त्वरित याद रखने योग्य बिंदु (Key Revision Points)
- पृथ्वी की गतियाँ: अंतर्जात (Internal) और बहिर्जात (External)।
- अचानक संचलन: भूकंप और ज्वालामुखी।
- नदी द्वारा निर्मित आकृति: विसर्प, चापझील, डेल्टा।
- पवन द्वारा निर्मित आकृति: छत्रक चट्टान, बालू टिब्बे।
- भूकंप की तीव्रता मापने का यंत्र: रिक्टर पैमाना (Richter Scale)।
माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 हमारी बदलती पृथ्वी
स्थल मंडल प्लेटें
लिथोस्फेरिक प्लेटें
प्लेटों की धीमी गति
पिघले हुए मैग्मा का प्रभाव
पृथ्वी की गतियां
अंतर्जात बल (एंडोजेनिक फोर्सेस)
आकस्मिक बल
भूकम्प
ज्वालामूक़ी
भूस्खलन
पटल विरूपण बल
पर्वत निर्माणकारी बल
बहिर्जात बल (एक्सोजेनिक फोर्सेस)
अपरदन
निक्षेपण
भूकंप (अर्थक्वेक)
उद्गम केंद्र (फोकस)
अधिकेंद्र (एपिसेंटर)
भूकंपीय तरंगें
पी तरंगें
एस तरंगें
एल तरंगें
मापन यंत्र: सीस्मोग्राफ
पैमाना: रिक्टर स्केल
बचाव के उपाय
मुख्य भूआकृतियाँ (बहिर्जात बलों द्वारा)
नदी के कार्य
जलप्रपात
विसर्प
गोखुर झील
बाढ़कृत मैदान
तटबंध
डेल्टा
पवन के कार्य (मरुस्थल)
छत्रक या मशरूम रॉक
बालू टिब्बा (सैंड ड्यून्स)
लोएस
हिमनद के कार्य
ग्लेशियर
मोरैन (हिमनद ओढ़क)
समुद्री तरंगों के कार्य
समुद्र भृगु (सी-क्लिफ)
समुद्री गुफा
तटीय मेहराब
स्टैक
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
उत्तर (Answer): हिमोढ़ (Glacial moraines) पिघलते हिमनदों द्वारा छोड़े गए निक्षेप हैं, जिनमें छोटी-बड़ी चट्टानें, रेत और गाद शामिल होते हैं।
उत्तर (Answer): हिमनद बर्फ की नदियाँ हैं जो भूमि की सतह पर धीरे-धीरे चलती हैं, मिट्टी और पत्थरों को बुलडोज़ करके भूदृश्य का अपरदन करती हैं।
उत्तर (Answer): लोएस्स (Loess) महीन, चूर्ण जैसी रेत है जिसे हवा द्वारा लंबी दूरी तक ले जाया जाता है और चीन जैसे बड़े क्षेत्रों में जमा किया जाता है।
उत्तर (Answer): बालू टिब्बा (Sand dunes) रेत की कम पहाड़ी जैसी संरचनाएं हैं जो तब बनती हैं जब हवा रेत को उड़ाकर छोटे टीले के रूप में जमा करती है।
उत्तर (Answer): छत्रक चट्टानें मशरूम के आकार की चट्टानें होती हैं, जहाँ हवा चट्टान के निचले हिस्से को ऊपरी हिस्से की तुलना में अधिक काटती है।
उत्तर (Answer): समुद्री भृगु (Sea cliffs) तट के खिलाफ समुद्री लहरों की निरंतर टकराने की क्रिया द्वारा बनने वाले खड़े चट्टानी तट होते हैं।
उत्तर (Answer): डेल्टा (Delta) तब बनता है जब कोई नदी समुद्र के पास पहुँचती है और अपने मुहाने पर अपने अवसादों को जमा करती है, जिससे एक त्रिभुज आकार की भूमि बनती है।
उत्तर (Answer): तटबंध (Levees) नदी के तटों के साथ बने ऊंचे किनारे होते हैं जो तब बनते हैं जब नदी में बाढ़ आती है और वह अपने किनारों पर तलछट जमा करती है।
उत्तर (Answer): चापाकार झील (Ox-bow lake) एक कटी हुई झील है जो निरंतर अपरदन और निक्षेपण के कारण मुख्य नदी से विसर्प के कट जाने से बनती है।
उत्तर (Answer): जैसे ही नदी मैदान में प्रवेश करती है, वह बड़े मोड़ बनाते हुए मुड़ती है जिन्हें विसर्प (Meanders) कहा जाता है।
उत्तर (Answer): अपरदन (Erosion) जल, वायु और बर्फ जैसे विभिन्न कारकों द्वारा भूदृश्य का घिसाव है, जिससे चट्टान और मिट्टी के कणों का निष्कासन होता है।
उत्तर (Answer): भूकंप के परिमाण को रिएक्टर पैमाने (Richter scale) पर मापा जाता है। 7.0 या उससे अधिक तीव्रता के भूकंप को बहुत गंभीर माना जाता है।
उत्तर (Answer): भूकंप को सिस्मोग्राफ (Seismograph) नामक मशीन से मापा जाता है। यह भूकंप द्वारा उत्पन्न भूकंपीय तरंगों को रिकॉर्ड करता है।
उत्तर (Answer): अधिकेंद्र (Epicenter) सतह पर वह बिंदु है जो फोकस के ठीक ऊपर होता है। आमतौर पर सबसे अधिक नुकसान यहीं अनुभव किया जाता है।
उत्तर (Answer): भूपर्पटी में वह स्थान जहाँ भूकंप शुरू होता है, उद्गम केंद्र या फोकस (Focus) कहलाता है। यह भूकंपीय ऊर्जा का मूल स्रोत है।