कक्षा 9 - विज्ञान
अध्याय 1: हमारे आस-पास के पदार्थ (Matter in Our Surroundings) - त्वरित पुनरीक्षण नोट्स
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### मुख्य अवधारणाएं और परिभाषाएं (Key Concepts & Definitions)
1. पदार्थ (Matter):
- वह हर वस्तु जो स्थान घेरती है और जिसका कुछ द्रव्यमान (mass) होता है, पदार्थ कहलाती है।
- पदार्थ छोटे-छोटे कणों से मिलकर बना होता है।
2. पदार्थ के कणों के अभिलाक्षणिक गुण (Characteristics of Particles of Matter):
- पदार्थ के कणों के बीच रिक्त स्थान (Spaces between particles) होता है।
- पदार्थ के कण निरंतर गतिशील (Continuous moving) होते हैं।
- पदार्थ के कण एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं (Particles attract each other)।
3. पदार्थ की अवस्थाएं (States of Matter):
- ठोस अवस्था (Solid State): निश्चित आकार, स्पष्ट सीमाएं और स्थिर आयतन होता है। संपीड्यता (compressibility) नगण्य होती है।
- द्रव अवस्था (Liquid State): निश्चित आकार नहीं होता, लेकिन निश्चित आयतन होता है। जिस बर्तन में रखे जाएं, उसी का आकार ले लेते हैं। इनमें बहाव होता है।
- गैसीय अवस्था (Gaseous State): न तो निश्चित आकार होता है और न ही निश्चित आयतन। ये अत्यधिक संपीड्य (compressible) होते हैं।
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### तापमान और मापन (Temperature and Measurement)
1. तापमान परिवर्तन के पैमाने:
- केल्विन (Kelvin) से सेल्सियस (Celsius):
°C = K - 273
- सेल्सियस (Celsius) से केल्विन (Kelvin):
K = °C + 273
- सामान्य कमरे का तापमान =
25 °C या 298 K
- जल का हिमानांक (Freezing Point) =
0 °C या 273 K
- जल का क्वथनांक (Boiling Point) =
100 °C या 373 K
2. गुप्त ऊष्मा (Latent Heat):
- संगलन की प्रसुप्त ऊष्मा (Latent Heat of Fusion): 1 kg ठोस को वायुमंडलीय दाब पर उसके गलनांक पर द्रव में बदलने के लिए जितनी ऊष्मीय ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
- वाष्पीकरण की प्रसुप्त ऊष्मा (Latent Heat of Vaporization): 1 kg द्रव को वायुमंडलीय दाब पर उसके क्वथनांक पर गैस में बदलने के लिए जितनी ऊष्मीय ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
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### अवस्था परिवर्तन (Change of State of Matter)
- संगलन (Fusion): ठोस से द्रव में परिवर्तन।
- वाष्पीकरण (Vaporization/Boiling): द्रव से गैस में परिवर्तन।
- संघनन (Condensation): गैस से द्रव में परिवर्तन।
- जमना (Solidification): द्रव से ठोस में परिवर्तन।
- उर्ध्वपातन (Sublimation): ठोस का सीधे गैस में (बिना द्रव में बदले) और गैस का सीधे ठोस में परिवर्तन। (उदाहरण: कपूर, अमोनियम क्लोराइड)।
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### वाष्पीकरण और इसे प्रभावित करने वाले कारक (Evaporation & Factors Affecting It)
1. वाष्पीकरण (Evaporation):
- क्वथनांक से कम तापमान पर द्रव के वाष्प में बदलने की प्रक्रिया को वाष्पीकरण कहते हैं। यह एक सतह की परिघटना (Surface phenomenon) है।
2. वाष्पीकरण को प्रभावित करने वाले कारक:
- सतह का क्षेत्रफल बढ़ने पर: वाष्पीकरण की दर बढ़ जाती है।
- तापमान में वृद्धि होने पर: अधिक कणों को पर्याप्त गतिज ऊर्जा मिलती है, जिससे वाष्पीकरण बढ़ता है।
- आर्द्रता (Humidity) घटने पर: हवा में जलवाष्प कम होने से वाष्पीकरण बढ़ता है।
- वायु की गति बढ़ने पर: तेज हवा से वाष्पीकरण की दर बढ़ती है।
3. वाष्पीकरण के कारण शीतल (Cooling caused by Evaporation):
- वाष्पीकरण के दौरान, द्रव के कण अपने आस-पास से ऊर्जा अवशोषित कर लेते हैं ताकि कम हुई ऊर्जा की क्षतिपूर्ति हो सके। इस प्रकार आस-पास की ऊर्जा के कम होने से ठंडक उत्पन्न होती है (जैसे एसीटोन या पेट्रोल डालने पर हथेली पर ठंडक महसूस होना)।