कक्षा 9 सामाजिक विज्ञान: भारत में खाद्य सुरक्षा - त्वरित संशोधन नोट्स
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अध्याय परिचय (Chapter Introduction)
खाद्य सुरक्षा का अर्थ है - सभी लोगों के लिए हमेशा भोजन की उपलब्धता, पहुँच और उसे प्राप्त करने की सामर्थ्य। किसी भी देश के लिए अपने नागरिकों को भूखों मरने से बचाना और पोषाहार उपलब्ध कराना खाद्य सुरक्षा के अंतर्गत आता है।
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मुख्य अवधारणाएँ और परिभाषाएँ (Key Concepts & Definitions)
1. खाद्य सुरक्षा (Food Security):
खाद्य सुरक्षा के तीन मुख्य आयाम हैं:
- उपलब्धता (Availability): देश में खाद्य उत्पादन, आयात और पिछले वर्षों के स्टॉक से है।
- पहुँच (Accessibility): इसका अर्थ है कि प्रत्येक व्यक्ति तक भोजन की पहुँच हो।
- सामर्थ्य (Affordability): इसका अर्थ है कि व्यक्ति के पास पर्याप्त और पौष्टिक भोजन खरीदने के लिए पर्याप्त धन हो।
2. खाद्य सुरक्षा क्यों आवश्यक है? (Why is Food Security Needed?):
- सूखे, बाढ़, बाढ़, सुनामी, अकाल या फसल खराब होने जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण खाद्य संकट उत्पन्न हो सकता है।
- भूख और कुपोषण से मुक्ति पाने के लिए।
3. भुखमरी के प्रकार (Types of Hunger):
- चिरकालिक भुखमरी (Chronic Hunger): यह अपर्याप्त आय और भोजन खरीदने में असमर्थता के कारण बार-बार होने वाली गरीबी का परिणाम है।
- मौसमी भुखमरी (Seasonal Hunger): यह कृषि या निर्माण जैसे कार्यों में वर्ष के कुछ विशेष मौसमों में काम न मिलने के कारण होती है (जैसे कृषि में बुवाई और कटाई के बीच का समय)।
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भारत में खाद्य सुरक्षा (Food Security in India)
1. हरित क्रांति (Green Revolution):
- 1960 के दशक के उत्तरार्ध में भारत में हरित क्रांति आई।
- इसके तहत गेहूँ और चावल के उत्पादन में भारी वृद्धि हुई, जिससे देश में अकाल की स्थिति पर नियंत्रण पाया गया।
2. भारतीय खाद्य सुरक्षा प्रणाली (Indian Food Security System):
भारत सरकार ने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुख्य रूप से दो स्तम्भ बनाए हैं:
- बफर स्टॉक (Buffer Stock): यह सरकार द्वारा (भारतीय खाद्य निगम - FCI के माध्यम से) खरीदा गया अनाज (मुख्य रूप से गेहूँ और चावल) का भंडार होता है।
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public Distribution System - PDS): सरकार द्वारा विनियमित इस प्रणाली के माध्यम से राशन की दुकानों से गरीब लोगों को बाजार से कम कीमत पर अनाज (जिसे निर्गम मूल्य कहा जाता है) उपलब्ध कराया जाता है।
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सरकार की प्रमुख खाद्य एवं गरीबी उन्मूलन योजनाएं (Key Government Schemes)
1. राशन कार्ड के प्रकार:
- अंत्योदय कार्ड: समाज के अति गरीबों के लिए।
- बीपीएल (BPL) कार्ड: गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों के लिए।
- एपीएल (APL) कार्ड: गरीबी रेखा से ऊपर वालों के लिए।
2. महत्वपूर्ण योजनाएं:
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS): देश भर में रियायती दरों पर अनाज उपलब्ध कराना।
- लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (TPDS): 1997 में शुरू की गई, जिसमें गरीबों पर विशेष ध्यान दिया गया।
- अंत्योदय अन्न योजना (AAY): वर्ष 2000 में शुरू की गई, जो 'गरीबों में भी अति गरीब' लोगों के लिए थी।
- अन्नपूर्णा योजना: वरिष्ठ नागरिकों (निराश्रित बुजुर्गों) के लिए।
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013: इसके तहत देश की लगभग 75% ग्रामीण और 50% शहरी आबादी को रियायती दरों पर खाद्यान्न प्राप्त करने का कानूनी अधिकार दिया गया है।
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खाद्य सुरक्षा में सहकारी समितियों की भूमिका (Role of Cooperatives in Food Security)
- भारत में, विशेषकर देश के दक्षिणी और पश्चिमी भागों में, सहकारी समितियाँ खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
- अमूल (Amul): गुजरात में दूध और दुग्ध उत्पादों के सहकारी आंदोलन का एक सफल उदाहरण है।
- मदर डेयरी: दिल्ली में उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर दूध उपलब्ध कराती है।
- महाराष्ट्र में एकेडमी ऑफ डेवलपमेंट साइंस (ADS) ने NGOs के माध्यम से अनाज बैंकों की स्थापना में सहायता की है।
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महत्वपूर्ण बिंदु (Exam Tips):
- FCI (Food Corporation of India) का पूरा नाम भारतीय खाद्य निगम है।
- बफर स्टॉक का मुख्य उद्देश्य संकट के समय और समाज के गरीब वर्गों के लिए खाद्यान्न उपलब्ध कराना है।
- न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) वह कीमत है जिस पर सरकार किसानों से फसल खरीदती है।