#### अध्याय 2: मात्रक और मापन (Units and Measurements) - त्वरित पुनरीक्षण नोट्स
---
विज्ञान के नियमों को व्यक्त किया जाता है, भौतिक राशियाँ कहलाती हैं।
पदों में व्यक्त नहीं किया जा सकता।
1. लंबाई (Length) - मीटर (m)
2. द्रव्यमान (Mass) - किलोग्राम (kg)
3. समय (Time) - सेकंड (s)
4. विद्युत धारा (Electric Current) - एम्بير (A)
5. ताप (Temperature) - केल्विन (K)
6. ज्योति तीव्रता (Luminous Intensity) - कैंडेला (cd)
7. पदार्थ की मात्रा (Amount of Substance) - मोल (mol)
1. समतल कोण (Plane Angle) - रेडियन (rad)
2. घन कोण (Solid Angle) - स्टेरेडियन (sr)
---
1. CGS पद्धति: सेंटीमीटर, ग्राम, सेकंड
2. FPS पद्धति: फुट, पाउंड, सेकंड
3. MKS पद्धति: मीटर, किलोग्राम, सेकंड
4. SI पद्धति (अंतर्राष्ट्रीय मात्रक पद्धति): यह वर्तमान में विश्व भर में मान्य है।
---
किसी भौतिक राशि की विमाएँ वे घातें (powers) हैं जो उस राशि को व्यक्त करने के लिए मूल राशियों पर चढ़ाई जाती हैं।
[M^0 L^1 T^-1][M^0 L^1 T^-2][M^1 L^1 T^-2][M^1 L^2 T^-2][M^1 L^2 T^-3][M^1 L^-1 T^-2][M^1 L^1 T^-1][M^-1 L^3 T^-2]---
1. समीकरण की सत्यता की जाँच करना (Homogeneity Principle):
समीकरण के दोनों पक्षों की विमाएँ समान होनी चाहिए। (LHS विमा = RHS विमा)
2. विभिन्न भौतिक राशियों के बीच संबंध स्थापित करना।
3. एक पद्धति के मात्रक को दूसरी पद्धति के मात्रक में बदलना:
सूत्र: n2 = n1 (M1 / M2)^a (L1 / L2)^b * (T1 / T2)^c
---
किसी माप में अनिश्चितता को त्रुटि कहते हैं।
Δai = amean - a_iΔamean = (|Δa1| + |Δa2| + ... + |Δan|) / n
Δa / amean = (Δamean) / a_mean
% Error = (Δamean / amean) * 100
#### त्रुटियों का संयोजन (Combination of Errors):
1. योग या अंतर में: यदि Z = A + B या Z = A - B, तो अधिकतम त्रुटि:
ΔZ = ± (ΔA + ΔB)
2. गुणा या भाग में: यदि Z = (A * B) या Z = A / B, तो अधिकतम भिन्नात्मक त्रुटि:
ΔZ / Z = (ΔA / A) + (ΔB / B)
3. घात के रूप में: यदि Z = (A^n * B^m) / C^p, तो:
ΔZ / Z = n(ΔA / A) + m(ΔB / B) + p(ΔC / C)
---
किसी माप में विश्वसनीय अंकों और पहली अनिश्चित अंक के योग को सार्थक अंक कहते हैं।
#### सार्थक अंक निकालने के नियम:
1. सभी अशून्य अंक सार्थक होते हैं (जैसे 138 में 3 सार्थक अंक हैं)।
2. दो अशून्य अंकों के बीच के सभी शून्य सार्थक होते हैं (जैसे 105 में 3 सार्थक अंक हैं)।
3. यदि संख्या 1 से छोटी है, तो दशमलव बिंदु के दाईं ओर और पहले अशून्य अंक के बाईं ओर के सभी शून्य अsार्थkov (non-significant) होते हैं
(जैसे 0.0045 में 2 सार्थक अंक हैं)।
4. सभी शून्य जो किसी संख्या के अंत में या दाईं ओर आते हैं (दशमलव के साथ), वे सार्थक होते हैं (जैसे 3.500 में 4 सार्थक अंक हैं)।
---
किसी भौतिक राशि के मान को 10 की उचित घात के रूप में व्यक्त करना कोटिमान कहलाता है। इसे 10^n के रूप में लिखा जाता है, जहाँ संख्या 0.5 से बड़ी या उसके बराबर तथा 5 से छोटी या उसके बराबर होती है।
स्पीड ऑफ़ लाइट = 3 × 10^8 m/s में कोटिमान 10^8 है।