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कणों के निकाय तथा घूर्णी गति

Subject: भौतिक विज्ञान | Class: Class 11 | Syllabus Year: 2025-26
मुख्य सूत्र (Key Formulas)

कक्षा 11 भौतिक विज्ञान - त्वरित रिवीजन नोट्स एवं सूत्र


अध्याय: कणों के निकाय तथा घूर्णी गति (System of Particles and Rotational Motion)


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1. द्रव्यमान केंद्र (Center of Mass - COM)


$$X{cm} = \frac{m1 x1 + m2 x2}{m1 + m_2}$$


$$\vec{R}{cm} = \frac{\sum{i=1}^{n} mi \vec{r}i}{M}$$

(जहाँ $M = \sum mi = m1 + m2 + ... + mn$ संपूर्ण निकाय का द्रव्यमान है)


$$\vec{v}{cm} = \frac{m1 \vec{v}1 + m2 \vec{v}2 + ...}{M} = \frac{\sum mi \vec{v}_i}{M}$$


$$\vec{a}{cm} = \frac{\sum mi \vec{a}i}{M} = \frac{\vec{F}{ext}}{M}$$



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2. सदिशों का सदिश गुणनफल (Vector / Cross Product)

$$\vec{A} \times \vec{B} = AB \sin\theta \, \hat{n}$$

(जहाँ $\theta$ दोनों सदिशों के बीच का कोण है तथा $\hat{n}$ दोनों के तल के लंबवत एकक सदिश है।)


1. $\vec{A} \times \vec{B} = -(\vec{B} \times \vec{A})$ (क्रम-विनिमेय नियम का पालन नहीं करता)

2. एकांक सदिशों के लिए:


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3. घूर्णी गति की मूलभूत राशियाँ (Rotational Motion Kinematics)

| राशि | परिभाषा / सूत्र | SI मात्रक |

| :--- | :--- | :--- |

| कोणीय विस्थापन ($\theta$) | $\theta = \frac{\text{चाप}}{\text{त्रिज्या}} = \frac{s}{r}$ | रेडियन (rad) |

| कोणीय वेग ($\omega$) | $\omega = \frac{d\theta}{dt}$ | rad/s |

| कोणीय त्वरण ($\alpha$) | $\alpha = \frac{d\omega}{dt} = \frac{d^2\theta}{dt^2}$ | rad/s² |



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4. बल आघूर्ण एवं कोणीय संवेग (Torque and Angular Momentum)

$$\vec{\tau} = \vec{r} \times \vec{F}$$

$$\tau = r F \sin\theta$$

(मात्रक: $N \cdot m$)


$$\vec{L} = \vec{r} \times \vec{p}$$

$$L = r p \sin\theta = I \omega$$

(मात्रक: $kg \cdot m^2/s$)


$$\vec{\tau} = \frac{d\vec{L}}{dt}$$


यदि किसी निकाय पर लगने वाला कुल बाह्य बल आघूर्ण शून्य हो ($\tau_{ext} = 0$), तो निकाय का कुल कोणीय संवेग नियत रहता है।

$$\vec{L} = I \omega = \text{नियतांक}$$

$$I1 \omega1 = I2 \omega2$$


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5. जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia - I)

$$I = \sum{i=1}^{n} mi r_i^2$$

(मात्रक: $kg \cdot m^2$)


$$I = M k^2 \implies k = \sqrt{\frac{I}{M}}$$


#### महत्वपूर्ण प्रमेय (Theorems of Moment of Inertia)


1. लंबवत अक्षों की प्रमेय (Perpendicular Axes Theorem):

केवल समतलीय पटल (2D) के लिए मान्य:

$$Iz = Ix + I_y$$

(जहाँ $x, y, z$ परस्पर लंबवत अक्ष हैं तथा $z$-अक्ष पटल के लंबवत है।)


2. समानांतर अक्षों की प्रमेय (Parallel Axes Theorem):

किसी भी पिंड के लिए मान्य:

$$I = I_{cm} + M h^2$$

(जहाँ $I_{cm}$ द्रव्यमान केंद्र से गुजरने वाली अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण है तथा $h$ दोनों समानांतर अक्षों के बीच की दूरी है।)


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6. प्रमुख वस्तुओं का जड़त्व आघूर्ण (Standard Moments of Inertia)

| वस्तु | घूर्णन अक्ष | जड़त्व आघूर्ण ($I$) |

| :--- | :--- | :--- |

| पतली छड़ (लेंथ $L$) | केंद्र से गुजरने वाली लंबवत अक्ष | $\frac{1}{12} M L^2$ |

| पतली छड़ (लेंथ $L$) | एक सिरे से गुजरने वाली लंबवत अक्ष | $\frac{1}{3} M L^2$ |

| वृत्ताकार वलय (Ring) | केंद्र से गुजरने वाली तल के लंबवत अक्ष | $M R^2$ |

| वृत्ताकार वलय (Ring) | व्यास (Diameter) | $\frac{1}{2} M R^2$ |

| वृत्ताकार डिस्क (Disc) | केंद्र से गुजरने वाली तल के लंबवत अक्ष | $\frac{1}{2} M R^2$ |

| वृत्ताकार डिस्क (Disc) | व्यास (Diameter) | $\frac{1}{4} M R^2$ |

| ठोस गोला (Solid Sphere) | व्यास (Diameter) | $\frac{2}{5} M R^2$ |

| खोखला गोला (Hollow Sphere)| व्यास (Diameter) | $\frac{2}{3} M R^2$ |

| ठोस बेलन (Solid Cylinder) | स्वयं की अक्ष | $\frac{1}{2} M R^2$ |


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7. घूर्णी गति के समीकरण (Equations of Rotational Motion)

समान कोणीय त्वरण ($\alpha = \text{नियतांक}$) के लिए:


1. $\omega = \omega_0 + \alpha t$

2. $\theta = \omega_0 t + \frac{1}{2} \alpha t^2$

3. $\omega^2 = \omega_0^2 + 2 \alpha \theta$


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8. स्थानांतरीय गति एवं घूर्णी गति में तुलना

| कार्य/राशि | स्थानांतरीय गति | घूर्णी गति |

| :--- | :--- | :--- |

| विस्थापन | $x$ | $\theta$ |

| वेग | $v$ | $\omega$ |

| त्वरण | $a$ | $\alpha$ |

| द्रव्यमान/जड़त्व | $m$ | जड़त्व आघूर्ण ($I$) |

| बल / बल आघूर्ण | $F = m a$ | $\tau = I \alpha$ |

| संवेग | $p = m v$ | $L = I \omega$ |

| गतिज ऊर्जा | $K = \frac{1}{2} m v^2$ | $K_{rot} = \frac{1}{2} I \omega^2$ |

| कार्य | $W = F \cdot x$ | $W = \tau \cdot \theta$ |

| शक्ति | $P = F \cdot v$ | $P = \tau \cdot \omega$ |


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9. लोटिनिक गति (Rolling Motion)

जब कोई पिंड बिना फिसलते हुए किसी सतह पर लुढ़कता है, तो उसकी गति को लोटिनिक गति कहते हैं। इसमें स्थानांतरीय गति एवं घूर्णी गति दोनों सम्मिलित होती हैं।


$$v_{cm} = R \omega$$


$$K{total} = K{trans} + K_{rot}$$

$$K{total} = \frac{1}{2} M v{cm}^2 + \frac{1}{2} I \omega^2$$

$$K{total} = \frac{1}{2} M v{cm}^2 \left( 1 + \frac{k^2}{R^2} \right)$$

(जहाँ $k$ घूर्णन त्रिज्या है।)


$$a = \frac{g \sin\theta}{1 + \frac{k^2}{R^2}}$$

माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 कणों के निकाय तथा घूर्णी गति
Overview
द्रव्यमान केंद्र (Center of Mass) परिभाषा: निकाय का वह बिंदु जहाँ उसका संपूर्ण द्रव्यमान केंद्रित माना जा सकता है दो-कण निकाय: $X{cm} = \frac{m1 x1 + m2 x2}{m1 + m_2}$ n-कणों का निकाय: $\vec{R}{cm} = \frac{\sum mi \vec{r}_i}{M}$ द्रव्यमान केंद्र की गति: $\vec{V}{cm} = \frac{d\vec{R}{cm}}{dt}$ रेखीय संवेग संरक्षण: यदि बाह्य बल $F_{ext} = 0$, तो निकाय का संवेग नियत रहता है घूर्णी गति के चर (Variables of Rotational Motion) दृढ़ पिंड (Rigid Body): कणों के बीच की दूरी सदैव अपरिवर्तित रहती है कोणीय विस्थापन ($\theta$): घूर्णन कोण (मात्रक: रेडियन) कोणीय वेग ($\omega$): $\omega = \frac{d\theta}{dt}$ कोणीय त्वरण ($\alpha$): $\alpha = \frac{d\omega}{dt}$ रेखीय एवं कोणीय संबंधों के सूत्र: रेखीय वेग: $v = r\omega$ स्पर्शरेखीय त्वरण: $a_t = r\alpha$ घूर्णन गति के समीकरण: $\omega = \omega_0 + \alpha t$ $\theta = \omega_0 t + \frac{1}{2}\alpha t^2$ $\omega^2 = \omega_0^2 + 2\alpha\theta$ बल आघूर्ण एवं कोणीय संवेग (Torque and Angular Momentum) बल आघूर्ण ($\tau$): पिंड को अक्ष के परितः घुमाने की प्रवृत्ति सूत्र: $\vec{\tau} = \vec{r} \times \vec{F} = r F \sin\theta$ कोणीय संवेग ($L$): रेखीय संवेग का आघूर्ण सूत्र: $\vec{L} = \vec{r} \times \vec{p} = I\omega$ संबंध: $\vec{\tau} = \frac{d\vec{L}}{dt}$ कोणीय संवेग संरक्षण का नियम: यदि $\tau_{ext} = 0$, तो $L = I\omega =$ नियतांक जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia - I) परिभाषा: घूर्णी गति में परिवर्तन का विरोध करने का गुण सूत्र: $I = \sum mi ri^2$ (मात्रक: $kg \cdot m^2$) घूर्णन त्रिज्या ($K$): $I = MK^2 \Rightarrow K = \sqrt{\frac{I}{M}}$ जड़त्व आघूर्ण की प्रमेय: समानांतर अक्षों की प्रमेय: $I = I_{cm} + Md^2$ लंबवत अक्षों की प्रमेय: $Iz = Ix + I_y$ प्रमुख आकृतियों का जड़त्व आघूर्ण: पतली वलय (Ring): $I = MR^2$ चकती (Disc): $I = \frac{1}{2}MR^2$ ठोस गोला (Solid Sphere): $I = \frac{2}{5}MR^2$ पतली छड़ (Thin Rod): $I = \frac{1}{12}ML^2$ (केंद्र से) घूर्णी गति की गतिकी (Dynamics of Rotational Motion) कार्य: $W = \tau \cdot \theta$ शक्ति: $P = \tau \cdot \omega$ घूर्णन गतिज ऊर्जा: $K_r = \frac{1}{2}I\omega^2$ लोटनिक गति (Rolling Motion) परिभाषा: स्थानांतरीय गति और घूर्णी गति का संयोजन शुद्ध लोटनिक गति की शर्त: $v_{cm} = R\omega$ कुल गतिज ऊर्जा: $K{total} = \frac{1}{2}M v{cm}^2 + \frac{1}{2} I \omega^2$ आनत तल पर त्वरण: $a = \frac{g \sin\theta}{1 + \frac{K^2}{R^2}}$
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
Q1. $1\text{ kg}$ और $3\text{ kg}$ द्रव्यमान के दो कण क्रमशः $(0,0)$ और $(4,0)\text{ m}$ की स्थितियों पर स्थित हैं। उनके द्रव्यमान केंद्र का $x$-निर्देशांक है: 1 Marks
उत्तर (Answer): द्रव्यमान केंद्र का $x$-निर्देशांक $X_{cm} = \frac{m_1 x_1 + m_2 x_2}{m_1 + m_2} = \frac{1(0) + 3(4)}{1 + 3} = \frac{12}{4} = 3\text{ m}$ होता है।
Q2. मूल बिंदु से स्थिति सदिश $\vec{r}$ पर स्थित, रेखीय संवेग $\vec{p}$ वाले एक कण के कोणीय संवेग $\vec{L}$ का परिमाण क्या है? 1 Marks
उत्तर (Answer): कोणीय संवेग सदिश $\vec{L} = \vec{r} \times \vec{p}$ होता है। इसका परिमाण $L = r p \sin\theta$ है, जहाँ $\theta$, $\vec{r}$ और $\vec{p}$ के बीच का कोण है।
Q3. कोणीय विस्थापन $\theta$ के माध्यम से किसी पिंड को घुमाने में एक नियत बल आघूर्ण $\tau$ द्वारा किया गया कार्य होता है: 1 Marks
उत्तर (Answer): घूर्णन गति में किया गया कार्य $W = \int \tau d\theta$ होता है। नियत बल आघूर्ण के लिए, $W = \tau \theta$।
Q4. समान द्रव्यमान और बाह्य त्रिज्या वाला एक ठोस बेलन और एक खोखला बेलन समान ऊंचाई से बिना फिसले नत समतल पर नीचे लुढ़कते हैं। कौन सा बेलन पहले नीचे पहुंचेगा? 1 Marks
उत्तर (Answer): नत समतल पर नीचे की ओर त्वरण $a = \frac{g \sin\theta}{1 + k^2/R^2}$ होता है। ठोस बेलन का $k^2/R^2$ अनुपात ($1/2$) खोखले बेलन ($1$) की तुलना में कम होता है, इसलिए इसका त्वरण अधिक होता है और यह पहले नीचे पहुँचता है।
Q5. किसी दृढ़ पिंड का जड़त्व आघूर्ण किस पर निर्भर करता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): जड़त्व आघूर्ण पिंड के द्रव्यमान, घूर्णन अक्ष के परितः द्रव्यमान के वितरण, तथा घूर्णन अक्ष की स्थिति/दिशा पर निर्भर करता है। यह कोणीय वेग पर निर्भर नहीं करता।
Q6. स्थिर समतल सतह पर बिना फिसले शुद्ध लोटनिक गति कर रहे किसी दृढ़ पिंड के लिए, भूमि के साथ संपर्क बिंदु का रेखीय वेग होता है: 1 Marks
उत्तर (Answer): बिना फिसले शुद्ध लोटनिक गति में, संपर्क बिंदु पर आगे का स्थानांतरीय वेग ($v_{cm}$) पीछे के स्पर्शीय वेग ($v = \omega R$) को निरस्त कर देता है, जिससे तात्क्षणिक परिणामी वेग शून्य होता है।
Q7. कोणीय संवेग की परिवर्तन दर द्वारा कौन सी भौतिक राशि परिभाषित की जाती है? 1 Marks
उत्तर (Answer): घूर्णन के लिए न्यूटन के दूसरे नियम के अनुसार, समय के सापेक्ष कोणीय संवेग में परिवर्तन की दर बाह्य बल आघूर्ण के बराबर होती है: $\tau_{ext} = \frac{dL}{dt}$।
Q8. द्रव्यमान $M$ और त्रिज्या $R$ वाली एक वृत्ताकार वलय (रिंग) का उसके केंद्र से गुजरने वाली तथा तल के लंबवत अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण होता है: 1 Marks
उत्तर (Answer): एक वलय (रिंग) के लिए, सभी कण केंद्रीय लंबवत अक्ष से $R$ दूरी पर स्थित होते हैं। अतः, $I = \sum m r^2 = M R^2$।
Q9. बल आघूर्ण $\tau$, जड़त्व आघूर्ण $I$, और कोणीय त्वरण $\alpha$ के बीच क्या संबंध है? 1 Marks
उत्तर (Answer): घूर्णन यांत्रिकी में, बल आघूर्ण को जड़त्व आघूर्ण और कोणीय त्वरण से $\tau = I\alpha$ द्वारा संबंधित किया जाता है, जो $F = ma$ का घूर्णन रूप है।
Q10. एक समान त्रिभुजाकार पटल का द्रव्यमान केंद्र कहाँ स्थित होता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): एक समान समतल त्रिभुजाकार वस्तु का द्रव्यमान केंद्र उसकी माध्यिकाओं के प्रतिच्छेदन बिंदु पर स्थित होता है, जिसे केंद्रक (सेंट्रॉइड) कहा जाता है।
Q11. कणों के किसी निकाय का द्रव्यमान केंद्र किस पर निर्भर नहीं करता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): द्रव्यमान केंद्र कणों के द्रव्यमान और उनकी सापेक्ष स्थितियों पर निर्भर करता है ($R_{cm} = \frac{\sum m_i r_i}{\sum m_i}$)। यह कणों पर लगने वाले बलों पर निर्भर नहीं करता है।
Q12. एक बैले डांसर घूर्णन करते समय अपने हाथों को फैलाती है और फिर उन्हें अपने शरीर के पास खींचती है। जब वह अपने हाथों को अंदर खींचती है तो उसके कोणीय वेग का क्या होता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): हाथों को अंदर खींचने से, द्रव्यमान घूर्णन अक्ष के निकट आ जाता है, जिससे उसका जड़त्व आघूर्ण ($I$) घट जाता है। चूकि कोणीय संवेग $L = I\omega$ संरक्षित रहता है, $I$ घटने से कोणीय वेग $\omega$ बढ़ जाता है।
Q13. समांतर अक्षों के प्रमेय के अनुसार, $I = I_{cm} + Mh^2$, जहाँ $h$ है: 1 Marks
उत्तर (Answer): समांतर अक्षों के प्रमेय में, $h$ द्रव्यमान केंद्र से गुजरने वाली अक्ष और समांतर अक्ष (जिसके परितः जड़त्व आघूर्ण ज्ञात करना है) के बीच की लंबवत दूरी को दर्शाता है।
Q14. किसी दृढ़ पिंड की घूर्णन गतिज ऊर्जा का सूत्र क्या है? 1 Marks
उत्तर (Answer): घूर्णन गतिज ऊर्जा को $K_{rot} = \frac{1}{2} I \omega^2$ द्वारा परिभाषित किया जाता है, जहाँ $I$ जड़त्व आघूर्ण और $\omega$ कोणीय वेग है।
Q15. द्रव्यमान $M$ और त्रिज्या $R$ वाले एक ठोस गोले का उसके व्यास के परितः जड़त्व आघूर्ण कितना होता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): एक समान ठोस गोले के लिए, इसके केंद्र से गुजरने वाले किसी भी अक्ष (व्यास) के परितः जड़त्व आघूर्ण $I = \frac{2}{5}MR^2$ होता है।