---
$$X{cm} = \frac{m1 x1 + m2 x2}{m1 + m_2}$$
$$\vec{R}{cm} = \frac{\sum{i=1}^{n} mi \vec{r}i}{M}$$
(जहाँ $M = \sum mi = m1 + m2 + ... + mn$ संपूर्ण निकाय का द्रव्यमान है)
$$\vec{v}{cm} = \frac{m1 \vec{v}1 + m2 \vec{v}2 + ...}{M} = \frac{\sum mi \vec{v}_i}{M}$$
$$\vec{a}{cm} = \frac{\sum mi \vec{a}i}{M} = \frac{\vec{F}{ext}}{M}$$
---
$$\vec{A} \times \vec{B} = AB \sin\theta \, \hat{n}$$
(जहाँ $\theta$ दोनों सदिशों के बीच का कोण है तथा $\hat{n}$ दोनों के तल के लंबवत एकक सदिश है।)
1. $\vec{A} \times \vec{B} = -(\vec{B} \times \vec{A})$ (क्रम-विनिमेय नियम का पालन नहीं करता)
2. एकांक सदिशों के लिए:
---
| राशि | परिभाषा / सूत्र | SI मात्रक |
| :--- | :--- | :--- |
| कोणीय विस्थापन ($\theta$) | $\theta = \frac{\text{चाप}}{\text{त्रिज्या}} = \frac{s}{r}$ | रेडियन (rad) |
| कोणीय वेग ($\omega$) | $\omega = \frac{d\theta}{dt}$ | rad/s |
| कोणीय त्वरण ($\alpha$) | $\alpha = \frac{d\omega}{dt} = \frac{d^2\theta}{dt^2}$ | rad/s² |
---
$$\vec{\tau} = \vec{r} \times \vec{F}$$
$$\tau = r F \sin\theta$$
(मात्रक: $N \cdot m$)
$$\vec{L} = \vec{r} \times \vec{p}$$
$$L = r p \sin\theta = I \omega$$
(मात्रक: $kg \cdot m^2/s$)
$$\vec{\tau} = \frac{d\vec{L}}{dt}$$
यदि किसी निकाय पर लगने वाला कुल बाह्य बल आघूर्ण शून्य हो ($\tau_{ext} = 0$), तो निकाय का कुल कोणीय संवेग नियत रहता है।
$$\vec{L} = I \omega = \text{नियतांक}$$
$$I1 \omega1 = I2 \omega2$$
---
$$I = \sum{i=1}^{n} mi r_i^2$$
(मात्रक: $kg \cdot m^2$)
$$I = M k^2 \implies k = \sqrt{\frac{I}{M}}$$
#### महत्वपूर्ण प्रमेय (Theorems of Moment of Inertia)
1. लंबवत अक्षों की प्रमेय (Perpendicular Axes Theorem):
केवल समतलीय पटल (2D) के लिए मान्य:
$$Iz = Ix + I_y$$
(जहाँ $x, y, z$ परस्पर लंबवत अक्ष हैं तथा $z$-अक्ष पटल के लंबवत है।)
2. समानांतर अक्षों की प्रमेय (Parallel Axes Theorem):
किसी भी पिंड के लिए मान्य:
$$I = I_{cm} + M h^2$$
(जहाँ $I_{cm}$ द्रव्यमान केंद्र से गुजरने वाली अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण है तथा $h$ दोनों समानांतर अक्षों के बीच की दूरी है।)
---
| वस्तु | घूर्णन अक्ष | जड़त्व आघूर्ण ($I$) |
| :--- | :--- | :--- |
| पतली छड़ (लेंथ $L$) | केंद्र से गुजरने वाली लंबवत अक्ष | $\frac{1}{12} M L^2$ |
| पतली छड़ (लेंथ $L$) | एक सिरे से गुजरने वाली लंबवत अक्ष | $\frac{1}{3} M L^2$ |
| वृत्ताकार वलय (Ring) | केंद्र से गुजरने वाली तल के लंबवत अक्ष | $M R^2$ |
| वृत्ताकार वलय (Ring) | व्यास (Diameter) | $\frac{1}{2} M R^2$ |
| वृत्ताकार डिस्क (Disc) | केंद्र से गुजरने वाली तल के लंबवत अक्ष | $\frac{1}{2} M R^2$ |
| वृत्ताकार डिस्क (Disc) | व्यास (Diameter) | $\frac{1}{4} M R^2$ |
| ठोस गोला (Solid Sphere) | व्यास (Diameter) | $\frac{2}{5} M R^2$ |
| खोखला गोला (Hollow Sphere)| व्यास (Diameter) | $\frac{2}{3} M R^2$ |
| ठोस बेलन (Solid Cylinder) | स्वयं की अक्ष | $\frac{1}{2} M R^2$ |
---
समान कोणीय त्वरण ($\alpha = \text{नियतांक}$) के लिए:
1. $\omega = \omega_0 + \alpha t$
2. $\theta = \omega_0 t + \frac{1}{2} \alpha t^2$
3. $\omega^2 = \omega_0^2 + 2 \alpha \theta$
---
| कार्य/राशि | स्थानांतरीय गति | घूर्णी गति |
| :--- | :--- | :--- |
| विस्थापन | $x$ | $\theta$ |
| वेग | $v$ | $\omega$ |
| त्वरण | $a$ | $\alpha$ |
| द्रव्यमान/जड़त्व | $m$ | जड़त्व आघूर्ण ($I$) |
| बल / बल आघूर्ण | $F = m a$ | $\tau = I \alpha$ |
| संवेग | $p = m v$ | $L = I \omega$ |
| गतिज ऊर्जा | $K = \frac{1}{2} m v^2$ | $K_{rot} = \frac{1}{2} I \omega^2$ |
| कार्य | $W = F \cdot x$ | $W = \tau \cdot \theta$ |
| शक्ति | $P = F \cdot v$ | $P = \tau \cdot \omega$ |
---
जब कोई पिंड बिना फिसलते हुए किसी सतह पर लुढ़कता है, तो उसकी गति को लोटिनिक गति कहते हैं। इसमें स्थानांतरीय गति एवं घूर्णी गति दोनों सम्मिलित होती हैं।
$$v_{cm} = R \omega$$
$$K{total} = K{trans} + K_{rot}$$
$$K{total} = \frac{1}{2} M v{cm}^2 + \frac{1}{2} I \omega^2$$
$$K{total} = \frac{1}{2} M v{cm}^2 \left( 1 + \frac{k^2}{R^2} \right)$$
(जहाँ $k$ घूर्णन त्रिज्या है।)
$$a = \frac{g \sin\theta}{1 + \frac{k^2}{R^2}}$$