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ठोसों के यांत्रिक गुण

Subject: भौतिक विज्ञान | Class: Class 11 | Syllabus Year: 2025-26
मुख्य सूत्र (Key Formulas)

कक्षा 11 भौतिक विज्ञान: त्वरित रिवीजन एवं सूत्र शीट

अध्याय: ठोसों के यांत्रिक गुण (Mechanical Properties of Solids)


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1. मूलभूत अवधारणाएँ (Basic Concepts)


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2. प्रतिबल (Stress)

वस्तु के एकांक क्षेत्रफल पर कार्य करने वाले आंतरिक पुनर्नयन बल (Restoring Force) को प्रतिबल कहते हैं।


$$\text{प्रतिबल} = \frac{\text{बल (F)}}{\text{क्षेत्रफल (A)}}$$



#### प्रतिबल के प्रकार:

1. अनुदैर्ध्य प्रतिबल (Longitudinal Stress): जब बल लंबाई के अनुदिश कार्य करता है।

2. आयतन / अभिलम्ब प्रतिबल (Volumetric / Normal Stress): जब बल सतह के लंबवत समान रूप से लगता है (आयतन में परिवर्तन)।

3. अपरूपण / कर्तन प्रतिबल (Shearing Stress): जब बल सतह के स्पर्शरेखीय (Tangential) लगता है (आकृति में परिवर्तन)।


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3. विकृति (Strain)

विमानों में होने वाले आपेक्षिक परिवर्तन को विकृति कहते हैं। यह एक विमाहीन और मात्रकहीन राशि है।


$$\text{विकृति} = \frac{\text{बीमा में परिवर्तन}}{\text{प्रारंभिक बीमा}}$$


#### विकृति के प्रकार:

1. अनुदैर्ध्य विकृति (Longitudinal Strain):

$$\text{विकृति} = \frac{\Delta L}{L}$$

2. आयतन विकृति (Volumetric Strain):

$$\text{विकृति} = \frac{\Delta V}{V}$$

3. अपरूपण विकृति (Shear Strain):

$$\theta = \frac{\Delta x}{L}$$


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4. हुक का नियम (Hooke's Law)

प्रत्यास्थता की सीमा के अंदर, प्रतिबल उसमें उत्पन्न विकृति के समानुपाती होता है।


$$\text{प्रतिबल} \propto \text{विकृति}$$


$$\frac{\text{प्रतिबल}}{\text{विकृति}} = E \quad (\text{प्रत्यास्थता गुणांक / Modulus of Elasticity})$$


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5. प्रत्यास्थता गुणांक के प्रकार (Moduli of Elasticity)

#### A. यंग प्रत्यास्थता गुणांक (Young's Modulus - $Y$)

केवल ठोसों के लिए लागू (लंबाई में परिवर्तन)।


$$Y = \frac{\text{अनुदैर्ध्य प्रतिबल}}{\text{अनुदैर्ध्य विकृति}} = \frac{F / A}{\Delta L / L} = \frac{F \cdot L}{A \cdot \Delta L}$$


यदि तार की त्रिज्या $r$ हो और $M$ द्रव्यमान लटकाया जाए:

$$Y = \frac{M \cdot g \cdot L}{\pi r^2 \cdot \Delta L}$$


#### B. आयतन प्रत्यास्थता गुणांक (Bulk Modulus - $B$ या $K$)

ठोस, द्रव और गैस तीनों के लिए लागू।


$$B = -\frac{\text{आयतन प्रतिबल}}{\text{आयतन विकृति}} = -\frac{\Delta P}{\Delta V / V} = -\frac{V \cdot \Delta P}{\Delta V}$$

(ऋणात्मक चिह्न दर्शाता है कि दाब बढ़ाने पर आयतन घटता है।)


$$k = \frac{1}{B} = -\frac{\Delta V}{V \cdot \Delta P}$$


#### C. दृढ़ता गुणांक / अपरूपण गुणांक (Shear Modulus - $\eta$)

केवल ठोसों के लिए लागू (आकृति में परिवर्तन)।


$$\eta = \frac{\text{अपरूपण प्रतिबल}}{\text{अपरूपण विकृति}} = \frac{F / A}{\theta} = \frac{F}{A \cdot \theta}$$


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6. पॉयसन अनुपात (Poisson's Ratio - $\sigma$)

जब किसी तार को खींचा जाता है, तो उसकी लंबाई बढ़ती है लेकिन व्यास घटता है।


$$\text{पाश्विक विकृति (Lateral Strain)} = -\frac{\Delta d}{d}$$


$$\text{अनुदैर्ध्य विकृति (Longitudinal Strain)} = \frac{\Delta L}{L}$$


$$\sigma = \frac{\text{पाश्विक विकृति}}{\text{अनुदैर्ध्य विकृति}} = -\frac{\Delta d / d}{\Delta L / L}$$



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7. प्रतिबल-विकृति वक्र (Stress-Strain Curve)


> विशेष नोट:

> * यदि D और E पास-पास हों $\rightarrow$ भंगुर पदार्थ (Brittle) (जैसे: कांच)।

> * यदि D और E दूर-दूर हों $\rightarrow$ तन्य/तपनीय पदार्थ (Ductile) (जैसे: तांबा, लोहा)।

> * रबर और धमनी के ऊतक $\rightarrow$ प्रत्यास्थ बहुलक (Elastomers) (इनके लिए हुक का नियम लागू नहीं होता)।


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8. खिंचे हुए तार में प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा (Elastic Potential Energy)

किसी तार को खींचने में किया गया कार्य उसमें स्थितिज ऊर्जा के रूप में संचित हो जाता है।


$$U = \frac{1}{2} \times \text{बल} \times \text{लंबाई में वृद्धि} = \frac{1}{2} F \cdot \Delta L$$


$$u = \frac{U}{\text{आयतन}} = \frac{1}{2} \times \text{प्रतिबल} \times \text{विकृति}$$

$$u = \frac{1}{2} \cdot Y \cdot (\text{विकृति})^2$$


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9. तापीय प्रतिबल (Thermal Stress)

यदि किसी छड़ के दोनों सिरों को दृढ़ आधारों से बाँधकर उसका ताप बढ़ाया जाए:



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10. परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण बिंदु (Quick Exam Tips)

1. इस्पात (Steel) रबर की तुलना में अधिक प्रत्यास्थ होता है: क्योंकि समान विकृति उत्पन्न करने के लिए इस्पात में रबर की तुलना में अधिक बल लगाना पड़ता है ($Y{\text{steel}} > Y{\text{rubber}}$)।

2. पुलों का निर्माण: पुलों के गर्डर 'I' आकार के बनाए जाते हैं ताकि कम भार में अधिक सामर्थ्य (नमन प्रतिबल से सुरक्षा) मिले।

3. पृथ्वी पर किसी पर्वत की अधिकतम ऊंचाई: लगभग $10 \text{ km}$ हो सकती है ($h \approx \frac{S}{\rho g}$, जहाँ $S$ चट्टान का भंजन प्रतिबल है)।

4. खोखला बेलन (Hollow Cylinder): समान द्रव्यमान और लंबाई के ठोस बेलन की तुलना में ऐंठन के लिए अधिक मजबूत होता है।

माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 ठोसों के यांत्रिक गुण
Overview
1. मूलभूत अवधारणाएँ प्रत्यास्थता (Elasticity) विरूपक बल हटाने पर मूल आकार में वापस आना उदाहरण: क्वार्ट्ज़, स्टील सुघट्यता / प्लास्टिकता (Plasticity) विरूपक बल हटाने पर मूल आकार में न लौटना उदाहरण: गीली मिट्टी, मोम 2. प्रतिबल (Stress) परिभाषा: प्रति एकांक क्षेत्रफल पर उत्पन्न आंतरिक पुनर्प्राप्ति बल सूत्र: प्रतिबल = बल / क्षेत्रफल ($F/A$) मात्रक एवं विमा: $N/m^2$ या पास्कल ($Pa$), $[ML^{-1}T^{-2}]$ प्रकार अनुदैर्ध्य प्रतिबल (तनाव एवं संपीडन) अभिलंब / आयतन प्रतिबल अपरूपण / स्पर्शीय प्रतिबल 3. विकृति (Strain) परिभाषा: विमा में परिवर्तन और प्रारंभिक विमा का अनुपात विशेषता: विमाहीन और मात्रकहीन राशि प्रकार अनुदैर्ध्य विकृति ($\Delta L / L$) आयतन विकृति ($\Delta V / V$) अपरूपण विकृति ($\theta$) 4. हुक का नियम (Hooke's Law) नियम: प्रत्यास्थता की सीमा के भीतर, प्रतिबल $\propto$ विकृति प्रत्यास्थता गुणांक $E = \text{प्रतिबल} / \text{विकृति}$ 5. प्रतिबल-विकृति वक्र (Stress-Strain Curve) समानुपातिक सीमा (Proportional Limit) हुक के नियम का पूर्ण पालन प्रत्यास्थ सीमा / पराभव बिंदु (Yield Point) बिना प्रतिबल बढ़ाए विकृति बढ़ना चरम तनन सामर्थ्य (Ultimate Tensile Strength) अधिकतम सहन योग्य प्रतिबल भंजन बिंदु (Breaking Point) तार का टूट जाना पदार्थों का वर्गीकरण तन्य पदार्थ (Ductile): भंजन बिंदु दूर होना (उदा. तांबा, लोहा) भंगुर पदार्थ (Brittle): भंजन बिंदु पास होना (उदा. काँच) प्रत्यास्थलक (Elastomers): अत्यधिक विकृति (उदा. रबर, महाधमनी) 6. प्रत्यास्थता गुणांक (Elastic Moduli) यंग प्रत्यास्थता गुणांक ($Y$) अनुदैर्ध्य प्रतिबल / अनुदैर्ध्य विकृति केवल ठोसों में संभव आयतन प्रत्यास्थता गुणांक ($B$ या $K$) आयतन प्रतिबल / आयतन विकृति ठोस, द्रव और गैस तीनों में संभव संपीड्यता (Compressibility) = $1 / B$ अपरूपण / दृढ़ता गुणांक ($\eta$) अपरूपण प्रतिबल / अपरूपण विकृति केवल ठोसों में संभव पॉइसन अनुपात ($\sigma$) पार्श्व विकृति / अनुदैर्ध्य विकृति सैद्धांतिक मान: $-1$ से $0.5$ व्यावहारिक मान: $0$ से $0.5$ 7. प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा (Elastic Potential Energy) खिंचे हुए तार में संचित कार्य कुल ऊर्जा = $1/2 \times \text{बल} \times \text{लंबाई में वृद्धि}$ एकांक आयतन की ऊर्जा (ऊर्जा घनत्व) = $1/2 \times \text{प्रतिबल} \times \text{विकृति}$ 8. व्यावहारिक अनुप्रयोग क्रेन में लोहे की रस्सी की मोटाई का निर्धारण पुलों के निर्माण में I-आकार के बीम (गर्डर) का उपयोग पृथ्वी पर पहाड़ों की अधिकतम ऊँचाई की सीमा (लगभग 10 किमी)
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
Q1. विरूपक बल हटा लेने के बाद वस्तु द्वारा अपनी प्रारंभिक आकृति को पुनः प्राप्त करने में लगने में हुए विलंब (देरी) की परिघटना को क्या कहते हैं? 1 Marks
उत्तर (Answer): विरूपक बल को पूरी तरह से हटा लेने के बाद अपनी मूल विमाओं को वापस पाने में होने वाले अस्थायी विलंब को **प्रत्यास्थ उत्तर-प्रभाव (elastic after-effect)** कहा जाता है।
Q2. विकृति एक प्रकार की राशि है: 1 Marks
उत्तर (Answer): विकृति विमा में परिवर्तन और प्रारंभिक विमा का अनुपात (जैसे $\Delta L / L$) होती है। दो समान भौतिक राशियों का अनुपात होने के कारण यह एक विमाहीन एवं मात्रकहीन राशि है।
Q3. दो तार A और B एक ही पदार्थ के बने हैं। तार A की लंबाई और त्रिज्या, तार B की तुलना में दोगुनी है। तार A तथा B के यंग गुणांक का अनुपात होगा: 1 Marks
उत्तर (Answer): यंग प्रत्यास्थता गुणांक केवल तार के पदार्थ पर निर्भर करता है, उसकी विमाओं (लंबाई या त्रिज्या) पर नहीं। चूंकि दोनों तार एक ही पदार्थ के बने हैं, इसलिए अनुपात $1:1$ होगा।
Q4. जब दोनों सिरों पर कसी हुई धातु की छड़ को ठंडा किया जाता है, तो उसमें तापीय प्रतिबल उत्पन्न होता है। यह तापीय प्रतिबल किसके अनुक्रमानुपाती होता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): तापीय प्रतिबल $\sigma = Y \alpha \Delta T$, जहाँ $Y$ यंग गुणांक है, $\alpha$ रेखीय प्रसार गुणांक है, और $\Delta T$ ताप में परिवर्तन है। अतः प्रतिबल $\propto \Delta T$।
Q5. पाशर्व विकृति और अनुदैर्घ्य विकृति के अनुपात को क्या कहते हैं? 1 Marks
उत्तर (Answer): प्रत्यास्थता सीमा के अंदर, पार्श्व विकृति और अनुदैर्घ्य विकृति के अनुपात को पॉइसन अनुपात ($\nu$) कहा जाता है।
Q6. प्रतिबल का विमीय सूत्र किसके विमीय सूत्र के समान होता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): प्रतिबल = $\frac{\text{बल}}{\text{क्षेत्रफल}}$, जिसका विमीय सूत्र $[\text{M}^1\text{L}^{-1}\text{T}^{-2}]$ होता है। दाब भी $\frac{\text{बल}}{\text{क्षेत्रफल}}$ होता है, अतः इसका विमीय सूत्र भी समान होता है।
Q7. किसी द्रव के लिए अपरूपण गुणांक (दृढ़ता गुणांक) का मान कितना होता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): द्रव स्पर्शीय/अपरूपण प्रतिबल को सहन नहीं कर सकते और आकृति परिवर्तन का कोई विरोध नहीं करते, इसलिए द्रवों के लिए अपरूपण गुणांक शून्य होता है।
Q8. वे पदार्थ जिन्हें खींचकर अत्यधिक विकृति उत्पन्न की जा सकती है (जैसे महाधमनी का ऊतक), कहलाते हैं: 1 Marks
उत्तर (Answer): महाधमनी के ऊतक, रबर आदि जैसे पदार्थ जिन्हें प्रत्यास्थता सीमा के भीतर अत्यधिक विकृत किया जा सकता है, **प्रत्यास्थलक (इलास्टोमर्स)** कहलाते हैं।
Q9. $10\text{ N}$ भार के अंतर्गत एक तार की लंबाई में $1\text{ mm}$ की वृद्धि होती है। तार को खींचने में किया गया कार्य होगा: 1 Marks
उत्तर (Answer): किया गया कार्य $W = \frac{1}{2} \times F \times \Delta L = \frac{1}{2} \times 10 \times (1 \times 10^{-3}\text{ m}) = 5 \times 10^{-3}\text{ J} = 0.005\text{ J}$।
Q10. यदि प्रारंभिक लंबाई $L$ और क्षेत्रफल $A$ वाला तार $F$ बल लगाने पर $\Delta L$ से बढ़ जाता है, तो यंग प्रत्यास्थता गुणांक $Y$ का व्यंजक क्या है? 1 Marks
उत्तर (Answer): यंग प्रत्यास्थता गुणांक $Y = \frac{\text{अनुदैर्घ्य प्रतिबल}}{\text{अनुदैर्घ्य विकृति}} = \frac{F/A}{\Delta L / L} = \frac{F \cdot L}{A \cdot \Delta L}$।
Q11. अनुदैर्घ्य विकृति केवल किसमें संभव है? 1 Marks
उत्तर (Answer): अनुदैर्घ्य विकृति में तनन या संपीडन प्रतिबल के तहत लंबाई में परिवर्तन शामिल है, जो केवल ठोसों में ही संभव है क्योंकि केवल ठोसों की ही निश्चित लंबाई और आकृति होती है।
Q12. किसी तार का त्रोटन प्रतिबल (भंजन प्रतिबल) किस पर निर्भर करता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): त्रोटन प्रतिबल तार के पदार्थ का एक अभिलाक्षणिक गुण है। यह केवल पदार्थ की प्रकृति पर निर्भर करता है तथा लंबाई या अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल पर निर्भर नहीं करता।
Q13. पॉइसन अनुपात ($\nu$) की सैद्धांतिक सीमाएं क्या हैं? 1 Marks
उत्तर (Answer): सैद्धांतिक रूप से पॉइसन अनुपात का मान $-1$ से $+0.5$ के बीच होता है। हालांकि, व्यवहार में इसका मान $0$ से $0.5$ के बीच होता है।
Q14. तरलों (द्रवों और गैसों) में केवल किस प्रकार का प्रत्यास्थता गुणांक होता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): तरलों की कोई निश्चित आकृति नहीं होती तथा वे अपरूपण प्रतिबल या अनुदैर्घ्य खिंचाव का सहन नहीं कर सकते, इसलिए इनमें केवल आयतन प्रत्यास्थता गुणांक होता है।
Q15. आयतन प्रत्यास्थता गुणांक के व्युत्क्रम को क्या कहते हैं? 1 Marks
उत्तर (Answer): संपीड्यता ($K$) को आयतन प्रत्यास्थता गुणांक ($B$) के व्युत्क्रम के रूप में परिभाषित किया जाता है। गणितीय रूप से, $K = \frac{1}{B}$।