त्वरित रिवीजन नोट्स एवं सूत्र : परमाणु की संरचना (Class 11 Chemistry)
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1. परमाणु के मूलभूत कण (Fundamental Particles)
- इलेक्ट्रॉन ($e^-$):
- खोजकर्ता: जे.जे. थॉमसन
- आवेश: $-1.602 \times 10^{-19} \text{ C}$
- द्रव्यमान: $9.1 \times 10^{-31} \text{ kg} = 0.00054 \text{ amu}$
- प्रोटॉन ($p^+$):
- खोजकर्ता: ई. गोल्डस्टीन / रदरफोर्ड
- आवेश: $+1.602 \times 10^{-19} \text{ C}$
- द्रव्यमान: $1.672 \times 10^{-27} \text{ kg} = 1.00727 \text{ amu}$
- न्यूट्रॉन ($n^0$):
- खोजकर्ता: जेम्स चैडविक
- आवेश: $0$ (उदासीन)
- द्रव्यमान: $1.675 \times 10^{-27} \text{ kg} = 1.00866 \text{ amu}$
महत्वपूर्ण संबंध:
- परमाणु क्रमांक ($Z$): प्रोटॉन की संख्या = इलेक्ट्रॉन की संख्या (उदासीन परमाणु में)
- द्रव्यमान संख्या ($A$): प्रोटॉन की संख्या ($Z$) + न्यूट्रॉन की संख्या ($N$)
- न्यूट्रॉन की संख्या ($N$): $A - Z$
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2. तरंग एवं प्लांक का क्वांटम सिद्धांत (Wave & Quantum Theory)
$$c = \nu \cdot \lambda$$
(जहाँ $c = 3 \times 10^8 \text{ m/s}$ (प्रकाश की चाल), $\nu$ = आवृत्ति, $\lambda$ = तरंगदैर्ध्य)
- तरंग संख्या ($\bar{\nu}$):
$$\bar{\nu} = \frac{1}{\lambda} = \frac{\nu}{c}$$
- प्लांक का क्वांटम सिद्धांत:
$$E = h \cdot \nu = \frac{h \cdot c}{\lambda}$$
(प्लांक नियतांक $h = 6.626 \times 10^{-34} \text{ J}\cdot\text{s}$)
- प्रकाश वैद्युत प्रभाव (Photoelectric Effect):
$$E = W0 + K{max}$$
$$h\nu = h\nu_0 + \frac{1}{2} m v^2$$
(जहाँ $W0 = h\nu0$ देहली ऊर्जा / कार्य फलन है, और $\nu_0$ देहली आवृत्ति है)
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3. बोर का परमाणु मॉडल (Bohr's Atomic Model)
बोर का मॉडल केवल एक इलेक्ट्रॉन वाले निकायों (जैसे $\text{H}, \text{He}^+, \text{Li}^{2+}$) के लिए मान्य है।
- इलेक्ट्रॉन का कोणीय संवेग (Angular Momentum):
$$m v r = \frac{n h}{2 \pi} \quad (n = 1, 2, 3...)$$
- $n$-वें कक्षा की त्रिज्या ($r_n$):
$$r_n = \frac{0.529 \times n^2}{Z} \text{ \AA} = 52.9 \times \frac{n^2}{Z} \text{ pm}$$
- $n$-वें कक्षा में इलेक्ट्रॉन का वेग ($v_n$):
$$v_n = 2.18 \times 10^6 \times \frac{Z}{n} \text{ m/s}$$
- $n$-वें कक्षा की कुल ऊर्जा ($E_n$):
$$E_n = -13.6 \times \frac{Z^2}{n^2} \text{ eV/atom}$$
$$E_n = -2.18 \times 10^{-18} \times \frac{Z^2}{n^2} \text{ J/atom}$$
- उत्सर्जित/अवशोषित ऊर्जा ($\Delta E$):
$$\Delta E = E2 - E1 = h\nu$$
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4. हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम (Hydrogen Spectrum)
- रिडबर्ग सूत्र (Rydberg Formula):
$$\bar{\nu} = \frac{1}{\lambda} = RH \cdot Z^2 \left( \frac{1}{n1^2} - \frac{1}{n_2^2} \right)$$
(रिडबर्ग नियतांक $R_H = 109,677 \text{ cm}^{-1} \approx 1.097 \times 10^7 \text{ m}^{-1}$)
- स्पेक्ट्रमी श्रेणियाँ (Spectral Series):
| श्रेणी (Series) | $n1$ | $n2$ | स्पेक्ट्रम क्षेत्र (Region) |
| :--- | :--- | :--- | :--- |
| लाइमन (Lyman) | $1$ | $2, 3, 4...$ | पराबैंगनी (Ultraviolet) |
| बामर (Balmer) | $2$ | $3, 4, 5...$ | दृश्य क्षेत्र (Visible) |
| पाश्चन (Paschen) | $3$ | $4, 5, 6...$ | अवरक्त (Infrared) |
| ब्रैकेट (Brackett)| $4$ | $5, 6, 7...$ | अवरक्त (Infrared) |
| फुण्ड (Pfund) | $5$ | $6, 7, 8...$ | सुदूर अवरक्त (Far Infrared) |
- कुल स्पेक्ट्रमी रेखाओं की संख्या:
$$N = \frac{(n2 - n1)(n2 - n1 + 1)}{2}$$
(यदि इलेक्ट्रॉन $n$ स्तर से मूल अवस्था $n=1$ में आता है, तो रेखाएँ $= \frac{n(n-1)}{2}$)
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5. पदार्थ की द्वैत प्रकृति एवं अनिश्चितता का सिद्धांत
- दे-ब्रॉग्ली समीकरण (de Broglie Relation):
$$\lambda = \frac{h}{p} = \frac{h}{m \cdot v}$$
गतिज ऊर्जा ($K.E.$) के पदों में:
$$\lambda = \frac{h}{\sqrt{2 \cdot m \cdot K.E.}}$$
- हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता का सिद्धांत (Heisenberg's Uncertainty Principle):
$$\Delta x \cdot \Delta p \ge \frac{h}{4\pi}$$
$$\Delta x \cdot (m \cdot \Delta v) \ge \frac{h}{4\pi}$$
(जहाँ $\Delta x$ = स्थिति में अनिश्चितता, $\Delta v$ = वेग में अनिश्चितता)
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6. क्वांटम संख्याएँ (Quantum Numbers)
1. मुख्य क्वांटम संख्या ($n$):
- कोश (Shell) का आकार और ऊर्जा बताती है।
- मान: $n = 1, 2, 3, 4...$ (K, L, M, N...)
- किसी कोश में अधिकतम इलेक्ट्रॉन $= 2n^2$
2. द्विगंशी क्वांटम संख्या ($l$):
- उपकोश (Subshell) और कक्षक का आकार बताती है।
- मान: $l = 0 \text{ से } (n-1)$ तक।
- $l = 0 (s), 1 (p), 2 (d), 3 (f)$
3. चुंबकीय क्वांटम संख्या ($m_l$):
- त्रिविम में कक्षकों का विन्यास (Orientation) दर्शाती है।
- मान: $m_l = -l \text{ से } +l$ (शून्य सहित)। कुल मान $= 2l + 1$
4. चक्रण क्वांटम संख्या ($m_s$):
- इलेक्ट्रॉन के अपने अक्ष पर घूमने की दिशा बताती है।
- मान: $+\frac{1}{2}$ (दक्षिणावर्त) एवं $-\frac{1}{2}$ (वामावर्त)।
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7. इलेक्ट्रानिक विन्यास के नियम (Rules for Electronic Configuration)
- ऑफ़बाऊ का नियम (Aufbau Principle):
इलेक्ट्रॉन हमेशा न्यूनतम ऊर्जा वाले कक्षक में पहले प्रवेश करते हैं।
- ऊर्जा का बढ़ता क्रम: $1s < 2s < 2p < 3s < 3p < 4s < 3d < 4p < 5s < 4d ...$
- $(n+l)$ नियम: जिस कक्षक के लिए $(n+l)$ का मान कम होता है, उसकी ऊर्जा कम होती है। यदि $(n+l)$ समान हो, तो कम $n$ वाले कक्षक की ऊर्जा कम होती है।
- पाउली का अपवर्जन सिद्धांत (Pauli's Exclusion Principle):
किसी भी परमाणु में दो इलेक्ट्रॉनों के लिए चारों क्वांटम संख्याओं का मान एक समान नहीं हो सकता। (एक कक्षक में अधिकतम 2 विपरीत चक्रण वाले इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं)।
- हुंड का अधिकतम बहुलता का नियम (Hund's Rule):
समान ऊर्जा वाले कक्षकों ($p, d, f$) में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन (Pairing) तब तक नहीं होता जब तक कि प्रत्येक कक्षक में एक-एक इलेक्ट्रॉन न आ जाए।
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8. कक्षकों की आकृति एवं अपवाद
- कक्षकों की आकृति:
- $s$-कक्षक: गोलाकार (Spherical)
- $p$-कक्षक: डम्बलाकार (Dumbbell)
- $d$-कक्षक: द्विडम्बलाकार (Double Dumbbell)
- इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के अपवाद (Exceptions):
पूर्ण भरे ($d^{10}$) और अर्ध-भरे ($d^5$) कक्षक अधिक स्थायी होते हैं।
- क्रोमियम ($\text{Cr}, Z=24$): $[Ar] \, 3d^5 \, 4s^1$ (न कि $3d^4 \, 4s^2$)
- कॉपर ($\text{Cu}, Z=29$): $[Ar] \, 3d^{10} \, 4s^1$ (न कि $3d^9 \, 4s^2$)