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रासायनिक आबंधन तथा आण्विक संरचना

Subject: रसायन विज्ञान | Class: Class 11 | Syllabus Year: 2025-26
मुख्य सूत्र (Key Formulas)

कक्षा 11 रसायन विज्ञान - त्वरित रिवीजन नोट्स एवं सूत्र

अध्याय: रासायनिक आबंधन तथा आण्विक संरचना (Chemical Bonding and Molecular Structure)


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1. मूलभूत अवधारणाएँ (Basic Concepts)


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2. औपचारिक आवेश (Formal Charge)

किसी बहुपरमाण्विक आयन या अणु में किसी परमाणु पर औपचारिक आवेश की गणना निम्नलिखित सूत्र से की जाती है:


$$\text{Formal Charge (FC)} = V - L - \frac{1}{2}S$$



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3. आयनिक आबंध एवं फ़ाजान का नियम (Ionic Bond & Fajans' Rule)

1. धनायन का आकार: धनायन जितना छोटा होगा, ध्रुवण क्षमता उतनी ही अधिक होगी (सहसंयोजक गुण अधिक)।

2. ऋणायन का आकार: ऋणायन जितना बड़ा होगा, ध्रुवणता उतनी ही अधिक होगी (सहसंयोजक गुण अधिक)।

3. धनायन पर आवेश: आवेश जितना अधिक होगा, सहसंयोजक गुण उतना ही अधिक होगा।


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4. द्विध्रुव आघूर्ण (Dipole Moment - $\mu$)

किसी ध्रुवीय अणु की ध्रुवीयता की माप को द्विध्रुव आघूर्ण कहते हैं।


$$\mu = q \times d$$



$$\text{प्रतिशत आयनिक गुण} = \left( \frac{\mu{\text{प्रयोगशाला}}}{\mu{\text{सैद्धांतिक}}} \right) \times 100$$


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5. VSEPR सिद्धांत (संयोजकता कोश इलेक्ट्रॉन युग्म प्रतिकर्षण सिद्धांत)

अणु की आकृति केंद्रीय परमाणु के संयोजकता कोश में उपस्थित इलेक्ट्रॉन युग्मों (आबंधी एवं एकाकी) के बीच प्रतिकर्षण पर निर्भर करती है।


$$\text{Lone Pair - Lone Pair (lp-lp)} > \text{Lone Pair - Bond Pair (lp-bp)} > \text{Bond Pair - Bond Pair (bp-bp)}$$


#### अणुओं की आकृतियाँ:


| आबंधी युग्म (bp) | एकाकी युग्म (lp) | संकरण | ज्यामिति (Geometry) | आकृति (Shape) | उदाहरण |

| :--- | :--- | :--- | :--- | :--- | :--- |

| 2 | 0 | $sp$ | रेखीय (Linear) | रेखीय | $BeCl2, CO2$ |

| 3 | 0 | $sp^2$ | त्रिकोणीय समतलीय | त्रिकोणीय समतलीय | $BF_3$ |

| 2 | 1 | $sp^2$ | त्रिकोणीय समतलीय | मुड़ी हुई (V-समान/Bent) | $SO2, PbCl2$ |

| 4 | 0 | $sp^3$ | चतुष्फलकीय (Tetrahedral) | चतुष्फलकीय | $CH_4$ |

| 3 | 1 | $sp^3$ | चतुष्फलकीय | पिरामिडी (Pyramidal) | $NH_3$ |

| 2 | 2 | $sp^3$ | चतुष्फलकीय | मुड़ी हुई (V-समान/Bent) | $H_2O$ |

| 5 | 0 | $sp^3d$ | त्रिकोणीय द्विपिरामिडी | त्रिकोणीय द्विपिरामिडी | $PCl_5$ |

| 4 | 1 | $sp^3d$ | त्रिकोणीय द्विपिरामिडी | सी-सॉ (See-saw) | $SF_4$ |

| 3 | 2 | $sp^3d$ | त्रिकोणीय द्विपिरामिडी | T-आकृति | $ClF_3$ |

| 6 | 0 | $sp^3d^2$ | अष्टफलकीय (Octahedral) | अष्टफलकीय | $SF_6$ |

| 5 | 1 | $sp^3d^2$ | अष्टफलकीय | वर्ग पिरामिडी | $BrF_5$ |

| 4 | 2 | $sp^3d^2$ | अष्टफलकीय | वर्ग समतलीय | $XeF_4$ |


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6. संकरण ज्ञात करने का आसान सूत्र (Hybridization Shortcut)

केंद्रीय परमाणु की संकरण अवस्था (H) ज्ञात करने का सूत्र:


$$H = \frac{1}{2} [V + M - C + A]$$



H का मान और संकरण:


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7. सिग्मा ($\sigma$) तथा पाई ($\pi$) आबंध


> महत्वपूर्ण बिंदु:

> * एकल आबंध (Single Bond) = $1\sigma$

> * द्वि-आबंध (Double Bond) = $1\sigma + 1\pi$

> * त्रि-आबंध (Triple Bond) = $1\sigma + 2\pi$


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8. आण्विक कक्षक सिद्धांत (Molecular Orbital Theory - MOT)

#### बंध क्रम (Bond Order):


$$\text{Bond Order (BO)} = \frac{1}{2} (Nb - Na)$$



#### महत्वपूर्ण निष्कर्ष:

1. यदि $Nb > Na$, तो $BO > 0$ $\rightarrow$ अणु स्थायी है।

2. यदि $Nb \leq Na$, तो $BO \leq 0$ $\rightarrow$ अणु असंतुलित है और अस्तित्व में नहीं होगा।

3. बंध लंबाई (Bond Length) $\propto \frac{1}{\text{Bond Order}}$

4. बंध ऊर्जा (Bond Energy) $\propto \text{Bond Order}$


#### इलेक्ट्रॉनिक विन्यास का क्रम:


$$\sigma 1s < \sigma^ 1s < \sigma 2s < \sigma^ 2s < (\pi 2px = \pi 2py) < \sigma 2pz < (\pi^ 2px = \pi^ 2py) < \sigma^* 2pz$$


$$\sigma 1s < \sigma^ 1s < \sigma 2s < \sigma^ 2s < \sigma 2pz < (\pi 2px = \pi 2py) < (\pi^ 2px = \pi^ 2py) < \sigma^* 2pz$$


#### चुंबकीय गुण (Magnetic Property):


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9. हाइड्रोजन आबंधन (Hydrogen Bonding)

जब हाइड्रोजन परमाणु किसी उच्च ऋणविद्युती परमाणु ($F, O, N$) से जुड़ा होता है, तो आबंध के इलेक्ट्रॉन ऋणविद्युती परमाणु की ओर आकर्षित हो जाते हैं, जिससे H पर आंशिक धनावेश ($\delta+$) आ जाता है।


#### प्रकार:

1. अंन्तर-आण्विक H-आबंध (Intermolecular H-bond): दो अलग-अलग अणुओं के बीच बनने वाला आबंध।

2. अंतरा-आण्विक H-आबंध (Intramolecular H-bond): एक ही अणु के भीतर विभिन्न समूहों के बीच बनने वाला आबंध।

माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 रासायनिक आबंधन एवं आण्विक संरचना
Overview
1. मूल अवधारणाएँ एवं अष्टक नियम रासायनिक आबंध: परमाणुओं को एक साथ बाँधकर रखने वाला आकर्षण बल लुईस अवधारणा: संयोजी इलेक्ट्रॉनों को बिंदुओं के रूप में दर्शाना अष्टक नियम: परमाणु 8 इलेक्ट्रॉन प्राप्त कर स्थायित्व हासिल करते हैं अष्टक नियम की सीमाएँ: अपूर्ण अष्टक (उदा. $\text{LiCl}$, $\text{BeH}2$, $\text{BF}3$) प्रसारित अष्टक (उदा. $\text{PF}5$, $\text{SF}6$) विषम इलेक्ट्रॉन अणु (उदा. $\text{NO}$, $\text{NO}_2$) 2. रासायनिक आबंधों के प्रकार आयनिक या वैद्युत संयोजक आबंध: इलेक्ट्रॉनों के पूर्ण स्थानांतरण से निर्मित धनायन और ऋणायन के बीच स्थिरवैद्युत आकर्षण जालक ऊर्जा पर निर्भरता सहसंयोजक आबंध: इलेक्ट्रॉनों की समान साझेदारी से निर्मित एकल, द्वि एवं त्रि-आबंध उप-सहसंयोजक आबंध: साझेदारी का इलेक्ट्रॉन युग्म केवल एक ही परमाणु द्वारा दिया जाता है (उदा. $\text{NH}_4^+$) 3. आबंध प्राचल (Bond Parameters) आबंध लंबाई: आबंधित परमाणुओं के नाभिकों के बीच की साम्यावस्था दूरी आबंध कोण: आबंधी इलेक्ट्रॉन युग्म वाले कक्षक के बीच का कोण आबंध एंथैल्पी: 1 मोल आबंध को तोड़ने के लिए आवश्यक ऊर्जा आबंध कोटि: दो परमाणुओं के बीच आबंधों की संख्या ध्रुवीयता एवं द्विध्रुव आघूर्ण: ध्रुवीय आबंध: विद्युत-ऋणात्मकता में अंतर के कारण (उदा. $\text{HCl}$) अध्रुवीय आबंध: समान परमाणुओं के बीच (उदा. $\text{H}2$, $\text{Cl}2$) फजान का नियम: आयनिक आबंध में सहसंयोजक लक्षण की व्याख्या 4. संयोजकता कोश इलेक्ट्रॉन युग्म प्रतिकर्षण सिद्धांत (VSEPR) मूल आधार: केंद्रीय परमाणु के इलेक्ट्रॉन युग्म एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं प्रतिकर्षण का क्रम: एकाकी युग्म - एकाकी युग्म > एकाकी युग्म - आबंधी युग्म > आबंधी युग्म - आबंधी युग्म अणुओं की आकृतियाँ: $\text{AB}2$: रेखीय (उदा. $\text{BeCl}2$) $\text{AB}3$: समतल त्रिकोणीय (उदा. $\text{BF}3$) $\text{AB}4$: चतुष्फलकीय (उदा. $\text{CH}4$) $\text{AB}5$: त्रिकोणीय द्विपिरामिडी (उदा. $\text{PF}5$) $\text{AB}6$: अष्टफलकीय (उदा. $\text{SF}6$) 5. संयोजकता आबंध सिद्धांत (VBT) एवं संकरण VBT अवधारणा: परमाण्विक कक्षकों के अतिव्यापन पर आधारित अतिव्यापन के प्रकार: सिग्मा ($\sigma$) आबंध: अक्षीय अतिव्यापन (अधिक मजबूत) पाई ($\pi$) आबंध: पार्श्वीय अतिव्यापन (दुर्बल) संकरण (Hybridization): समान ऊर्जा वाले कक्षकों का आपस में मिलकर नए समान कक्षक बनाना प्रकार: $\text{sp}$: रेखीय (उदा. $\text{C}2\text{H}2$) $\text{sp}^2$: त्रिकोणीय समतल (उदा. $\text{C}2\text{H}4$) $\text{sp}^3$: चतुष्फलकीय (उदा. $\text{CH}4$, $\text{NH}3$, $\text{H}_2\text{O}$) $\text{sp}^3\text{d}$: त्रिकोणीय द्विपिरामिडी (उदा. $\text{PF}_5$) $\text{sp}^3\text{d}^2$: अष्टफलकीय (उदा. $\text{SF}_6$) 6. आण्विक कक्षक सिद्धांत (MOT) मुख्य बिंदु: परमाणु कक्षक मिलकर आण्विक कक्षक (MO) बनाते हैं आण्विक कक्षक के प्रकार: आबंधी आण्विक कक्षक (BMO): कम ऊर्जा, अधिक स्थायित्व विपरीत-आबंधी आण्विक कक्षक (ABMO): अधिक ऊर्जा, कम स्थायित्व आबंध कोटि सूत्र: $\text{Bond Order} = \frac{Nb - Na}{2}$ चुंबकीय गुण: अनुचुंबकीय: अयुग्मित इलेक्ट्रॉन की उपस्थिति (उदा. $\text{O}_2$) प्रतिचुंबकीय: सभी इलेक्ट्रॉन युग्मित (उदा. $\text{N}_2$) 7. हाइड्रोजन आबंधन (Hydrogen Bonding) कारण: $\text{H}$-परमाणु का उच्च ऋणविद्युती तत्व ($\text{F, O, N}$) से जुड़ा होना प्रकार: अंतर-आण्विक: दो अलग-अलग अणुओं के बीच (उदा. $\text{H}_2\text{O}$, $\text{HF}$) अंतः-आण्विक: एक ही अणु के अंदर (उदा. ऑर्थो-नाइट्रोफीनॉल) प्रभाव: क्वथनांक में वृद्धि, जल में विलेयता
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
Q1. निम्नलिखित अणुओं में से किसकी ज्यामिति रेखीय (Linear) नहीं है? 1 Marks
उत्तर (Answer): $SO_2$ में सल्फर परमाणु पर 2 बंध युग्म और 1 एकांकी युग्म के साथ $sp^2$ संकरण होता है, जिससे इसकी संरचना रेखीय न होकर मुड़ी हुई (कोणीय) होती है।
Q2. निम्नलिखित में से किस अणु का द्विध्रुव आघूर्ण (Dipole Moment) सबसे अधिक है? 1 Marks
उत्तर (Answer): $NH_3$ में, एकांकी युग्म के कारण कक्षक द्विध्रुव और तीनों N-H बंधों के द्विध्रुव एक ही दिशा में कार्य करते हैं तथा एक-दूसरे को सुदृढ़ करते हैं। इसलिए $NH_3$ का द्विध्रुव आघूर्ण $NF_3$, $BF_3$ और $CCl_4$ से अधिक होता है।
Q3. जल ($H_2O$) अणु में ऑक्सीजन परमाणु का संकरण क्या है? 1 Marks
उत्तर (Answer): जल में केंद्रीय ऑक्सीजन परमाणु 2 सिग्मा बंध बनाता है और उसके पास 2 एकांकी युग्म होते हैं। कुल स्टेरिक संख्या = 2 + 2 = 4, जो $sp^3$ संकरण को दर्शाती है।
Q4. $H_2O$ अणु का मुड़ा हुआ (Bent) या V-आकार किसकी उपस्थिति के कारण होता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): $H_2O$ में ऑक्सीजन परमाणु पर H परमाणुओं के साथ 2 बंध युग्म तथा 2 एकांकी युग्म होते हैं। एकांकी युग्मों के प्रतिकर्षण के कारण इसका आदर्श चतुष्फलकीय कोण घटकर 104.5° हो जाता है और आकृति मुड़ी हुई (V-आकार) हो जाती है।
Q5. जैसे-जैसे बंध कोटि (Bond Order) बढ़ती है, बंध लंबाई सामान्यतः: 1 Marks
उत्तर (Answer): बंध कोटि, बंध लंबाई के व्युत्क्रमानुपाती होती है। उच्च बंध कोटि का अर्थ है परमाणुओं के बीच मजबूत आकर्षण बल, जिससे बंध लंबाई घटती है।
Q6. निम्नलिखित में से किस अणु की आकृति वर्ग समतलीय (Square Planar) है? 1 Marks
उत्तर (Answer): $XeF_4$ में 4 बंध युग्म और 2 एकांकी युग्म ($sp^3d^2$ संकरण) होते हैं। एकांकी युग्म अक्षीय स्थितियों पर होते हैं, जिससे वर्ग समतलीय आकृति बनती है।
Q7. ओजोन अणु ($O_3$) में केंद्रीय ऑक्सीजन परमाणु पर औपचारिक आवेश (Formal Charge) क्या है? 1 Marks
उत्तर (Answer): औपचारिक आवेश = संयोजी इलेक्ट्रॉन - एकांकी इलेक्ट्रॉन - 1/2(बंधी इलेक्ट्रॉन)। केंद्रीय ऑक्सीजन के लिए = $6 - 2 - \frac{1}{2}(6) = +1$।
Q8. फजान के नियमों (Fajan's Rules) के अनुसार, आयनिक बंध में सहसंयोजक लक्षण किसके द्वारा सुगम होता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): छोटे धनायन की उच्च ध्रुवण क्षमता तथा बड़े ऋणायन की उच्च ध्रुवणीयता आयनिक यौगिक में सहसंयोजक लक्षण के विकास को सुगम बनाती है।
Q9. निम्नलिखित में से कौन सी प्रजाति $CO$ की सम-इलेक्ट्रॉनी (Isoelectronic) है? 1 Marks
उत्तर (Answer): $CO$ में कुल इलेक्ट्रॉन = $6 + 8 = 14$। $N_2$ में कुल इलेक्ट्रॉन = $7 + 7 = 14$। अतः $CO$ और $N_2$ सम-इलेक्ट्रॉनी हैं।
Q10. एक अकेला जल का अणु अधिकतम कितने हाइड्रोजन बंध बना सकता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): एक अकेला $H_2O$ अणु अधिकतम 4 हाइड्रोजन बंध बना सकता है: दो अपने हाइड्रोजन परमाणुओं के माध्यम से और दो अपने ऑक्सीजन परमाणु पर उपस्थित एकांकी युग्मों के माध्यम से।
Q11. VSEPR सिद्धांत के अनुसार $ClF_3$ की आण्विक ज्यामिति क्या है? 1 Marks
उत्तर (Answer): $ClF_3$ में केंद्रीय क्लोरीन परमाणु पर 3 बंध युग्म और 2 एकांकी युग्म होते हैं। एकांकी युग्म प्रतिकर्षण के कारण इसकी आकृति T-आकार (T-shaped) की होती है।
Q12. अंतःअणुक हाइड्रोजन बंध (Intramolecular Hydrogen Bond) निम्नलिखित में से किस यौगिक में पाया जाता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): o-नाइट्रोफिनॉल में, $-OH$ समूह और $-NO_2$ समूह एक ही अणु के पास-पास वाले कार्बन परमाणुओं पर उपस्थित होते हैं, जिससे आंतरिक हाइड्रोजन बंध बनता है।
Q13. $SF_6$ के सल्फर परमाणु में कौन से संकरित कक्षक (Hybrid Orbitals) शामिल होते हैं? 1 Marks
उत्तर (Answer): $SF_6$ में सल्फर परमाणु अपने 6 संयोजी इलेक्ट्रॉनों का उपयोग करके फ्लोरीन के साथ 6 एकल बंध बनाता है, जिसमें $sp^3d^2$ संकरण (अष्टफलकीय ज्यामिति) होता है।
Q14. इथाइन ($C_2H_2$) अणु में उपस्थित कुल $\sigma$ (सिग्मा) और $\pi$ (पाई) बंधों की संख्या है: 1 Marks
उत्तर (Answer): इथाइन की संरचना $H-C\equiv C-H$ है। इसमें 3 $\sigma$ बंध (दो C-H तथा एक C-C) और 2 $\pi$ बंध ($C\equiv C$ में) होते हैं।
Q15. $N_2$ अणु की बंध कोटि (Bond Order) क्या है? 1 Marks
उत्तर (Answer): $N_2$ के लिए, $N_b = 10$ और $N_a = 4$ होता है। बंध कोटि = $\frac{N_b - N_a}{2} = \frac{10 - 4}{2} = 3$ होती है। इसमें एक त्रि-बंध उपस्थित होता है।