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कार्बनिक रसायन: कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें

Subject: रसायन विज्ञान | Class: Class 11 | Syllabus Year: 2025-26
मुख्य सूत्र (Key Formulas)
कक्षा 11 रसायन विज्ञान

#### अध्याय: कार्बनिक रसायन - कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें (Organic Chemistry - Some Basic Principles and Techniques)

#### त्वरित पुनरीक्षण नोट्स (Quick Revision Notes)


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1. परिचय (Introduction)

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2. कार्बनिक यौगिकों का वर्गीकरण (Classification of Organic Compounds)

1. अचक्रीय या विवृत श्रृंखला यौगिक (Acyclic or Open Chain Compounds): इन्हें ऐलिफैटिक यौगिक भी कहते हैं। जैसे: ब्यूटेन (CH3-CH2-CH2-CH3)।

2. चक्रीय या संवृत श्रृंखला यौगिक (Cyclic or Closed Chain Compounds):


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3. नामकरण (Nomenclature - IUPAC System)

किसी भी कार्बनिक यौਗिक के IUPAC नाम में निम्नलिखित भाग होते हैं:

$$\text{पूर्णांग (Prefix)} + \text{मूल शब्द (Word Root)} + \text{प्राथमिक लग्न (Primary Suffix)} + \text{द्वित्तीयक लग्न (Secondary Suffix)}$$



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4. बंध विदलन (Fission of a Covalent Bond)

1. समांश विदलन (Homolytic Cleavage): जब सहसंयोजक बंध इस प्रकार टूटे कि प्रत्येक परमाणु को एक-एक इलेक्ट्रॉन मिले। इससे मुक्त मूलक (Free Radicals) बनते हैं।

$$\text{A-B} \rightarrow \text{A} \cdot + \text{B} \cdot$$

2. विषमांश विदलन (Heterolytic Cleavage): जब बंध इस प्रकार टूटे कि दोनों इलेक्ट्रॉन एक ही परमाणु पर चले जाएं। इससे आयन बनते हैं:


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5. कार्बनिक अभिक्रियाओं के अभिकर्मक (Reagents)

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6. इलेक्ट्रॉनिक प्रभाव (Electronic Effects in Organic Reactions)

1. प्रेरणिक प्रभाव (Inductive Effect - I Effect):


2. अनुनाद प्रभाव या मेसोमेरिक प्रभाव (Resonance or Mesomeric Effect - R/M Effect):


3. अतिसंयुग्मन (Hyperconjugation):


4. इलेक्ट्रोमेरिक प्रभाव (Electromeric Effect - E Effect):


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7. कार्बनिक यौगिकों का शोधन (Purification of Organic Compounds)

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8. गुणात्मक विश्लेषण (Qualitative Analysis)

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9. मात्रात्मक विश्लेषण (Quantitative Analysis)

1. ड्यूमा विधि (Dumas Method):

$$\% \text{ N} = \frac{28 \times V \times P \times 100}{22400 \times T \times \text{यौगिक का द्रव्यमान}}$$

2. जेडाल विधि (Kjeldahl's Method):

$$\% \text{ N} = \frac{1.4 \times M \times V}{\text{यौगिक का द्रव्यमान}}$$

(नोट: यह विधि पिरीडिन, नाइट्रो और एजो यौगिकों के लिए उपयुक्त नहीं है)


$$\% \text{ Halogen} = \frac{\text{Atomic wt. of Halogen } \times \text{wt. of AgX } \times 100}{\text{Mol. wt. of AgX } \times \text{wt. of compound}}$$


$$\% \text{ S} = \frac{32 \times \text{wt. of BaSO}_4 \times 100}{233 \times \text{wt. of compound}}$$


$$\% \text{ P} = \frac{31 \times \text{wt. of Mg}2\text{P}2\text{O}_7 \times 100}{222 \times \text{wt. of compound}}$$

माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 कार्बनिक रसायन – कुछ आधारभूत सिद्धान्त तथा तकनीकें
Overview
कार्बनिक रसायन का परिचय कार्बन की चतुःसंयोजकता श्रृंखलाखन (कैटिनेशन) का गुण कार्बनिक यौगिकों का वर्गीकरण विवृत श्रृंखला या ऐलिफैटिक यौगिक संवृत श्रृंखला या चक्रीय यौगिक ऐरोमैटिक यौगिक ऐलीसैक्लिक यौगिक नामकरण पद्धति (नॉमक्लेचर) सामान्य नाम पद्धति आईयूपीएसी (IUPAC) पद्धति मूल शब्द पूर्वलग्न (प्राथमिक और द्वितीयक) अनुलग्न (प्राथमिक और द्वितीयक) सहसंयोजक आबंध में इलेक्ट्रॉन विस्थापन प्रेरणिक प्रभाव (-I और +I प्रभाव) electromeric प्रभाव (+E और -E प्रभाव) अनुनाद प्रभाव (+R और -R प्रभाव) अतिसंयुग्मन (हाइपरकंज्यूगेशन) कार्बनिक अभिक्रियाओं की क्रिया-विधि विदलन (आबंध का टूटना) समांश विदलन (फ्री रेडिकल बनना) विषमांश विदलन (कार्बोकैटायन और कार्बेनायन) अभिकर्मक के प्रकार इलेक्ट्रोफाइल (इलेक्ट्रॉन-स्नेही) न्यूक्लियोफाइल (नाभिक-स्नेही) कार्बनिक यौगिकों का शोधन ऊर्ध्वपातन क्रिस्टलन आश्वन वर्णलेखन (क्रोमैटोग्राफी) गुणात्मक तथा मात्रात्मक विश्लेषण तत्वों का पहचानना कार्बन और हाइड्रोजन नाइट्रोजन, सल्फर, हैलोजन (लैग्नेस्ट परीक्षण) तत्वों का प्रतिशत निर्धारण (मात्रात्मक विश्लेषण)
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
Q1. $CH_3OCH_3$ और $C_2H_5OH$ द्वारा किस प्रकार की समावयवता प्रदर्शित की जाती है? 1 Marks
उत्तर (Answer): दोनों यौगिकों का आणविक सूत्र समान ($C_2H_6O$) है लेकिन क्रियात्मक समूह भिन्न हैं (ईथर और अल्कोहल)। अतः, वे क्रियात्मक समावयवता (functional isomerism) प्रदर्शित करते हैं।
Q2. निम्नलिखित में से कौन सा अणु अनुनाद (Resonance) प्रदर्शित करता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): बेंजीन ($C_6H_6$) वलय प्रणाली में $\pi$-इलेक्ट्रॉनों के विस्थानीकरण के कारण अनुनाद प्रदर्शित करता है, जिसे कई कैनोनिकल संरचनाओं द्वारा दर्शाया जाता है।
Q3. ध्रुवीय सहसंयोजक बंध की उपस्थिति के कारण कार्बन परमाणुओं की एक श्रृंखला के साथ इलेक्ट्रॉनों का स्थायी विस्थापन कहलाता है: 1 Marks
उत्तर (Answer): प्रेरणिक प्रभाव निकटवर्ती परमाणुओं की विद्युत ऋणात्मकता अंतर के कारण होने वाली $\sigma$-बंध के स्थायी ध्रुवीकरण को संदर्भित करता है, जो कार्बन श्रृंखला के साथ प्रसारित होता है।
Q4. $CH_3-CH_2-CO-CH_3$ के लिए सही IUPAC नाम है: 1 Marks
उत्तर (Answer): यौगिक में कार्बन-2 पर कीटोन समूह के साथ 4 कार्बन परमाणु होते हैं। इसलिए, IUPAC नाम ब्यूटेन-2-ोन है।
Q5. हैलोजन के आकलन की कैरियस विधि में, एक कार्बनिक यौगिक के $0.20\text{ g}$ ने $0.15\text{ g}$ $\text{AgBr}$ दिया। यौगिक में ब्रोमीन का प्रतिशत है: 1 Marks
उत्तर (Answer): ब्रोमीन का प्रतिशत = $(Br \text{ का परमाणु द्रव्यमान} / AgBr \text{ का आणविक द्रव्यमान}) \times (AgBr \text{ का द्रव्यमान} / \text{कार्बनिक यौगिक का द्रव्यमान}) \times 100 = (80 / 188) \times (0.15 / 0.20) \times 100 \approx 31.91\%$ है।
Q6. एक यौगिक का मूलानुपाती सूत्र $CH_2$ है और इसका आणविक द्रव्यमान $42\text{ g/mol}$ है। इसका आणविक सूत्र है: 1 Marks
उत्तर (Answer): $CH_2$ का मूलानुपाती सूत्र द्रव्यमान $= 12 + 2 = 14\text{ g/mol}$ है। $n = \text{आणविक द्रव्यमान} / \text{मूलानुपाती सूत्र द्रव्यमान} = 42 / 14 = 3$ है। आणविक सूत्र = $(CH_2) \times 3 = C_3H_6$ है।
Q7. निम्नलिखित में से कौन सा एक न्यूक्लियोफाइल (केंद्रक-स्नेही) है? 1 Marks
उत्तर (Answer): न्यूक्लियोफाइल वह अभिकर्मक है जो प्रतिक्रियाशील स्थल पर इलेक्ट्रॉन युग्म लाता है और इलेक्ट्रॉनों में समृद्ध होता है। अमोनिया ($NH_3$) के नाइट्रोजन पर इलेक्ट्रॉनों का एक लोन पेयर होता है, जिससे यह न्यूक्लियोफाइल बनता है।
Q8. निम्नलिखित में से कौन सा एक इलेक्ट्रॉफ़ाइल (इलेक्ट्रॉन-स्नेही) है? 1 Marks
उत्तर (Answer): इलेक्ट्रॉफ़ाइल एक इलेक्ट्रॉन-न्यून प्रजाति है। दिए गए विकल्पों में से, $NO_2^+$ (नाइट्रोनियम आयन) धनावेशित और इलेक्ट्रॉन-न्यून है, जो एक इलेक्ट्रॉफ़ाइल के रूप में कार्य करता है।
Q9. असंतृप्त प्रणाली से जुड़े एल्किल समूह के $\text{C-H}$ बंध के $\sigma$-इलेक्ट्रॉनों के विस्थापन की घटना कहलाती है: 1 Marks
उत्तर (Answer): अतिसंयुग्मन (Hyperconjugation) में असंतृप्त प्रणाली के किसी परमाणु या अप्रभाजित $p$-कक्षक वाले परमाणु से सीधे जुड़े एल्किल समूह के $\text{C-H}$ बंध के $\sigma$-इलेक्ट्रॉनों का विस्थापन शामिल होता है।
Q10. मुक्त मूलकों के स्थायित्व का सही क्रम है: 1 Marks
उत्तर (Answer): कार्बोकेटायन के समान, मुक्त मूलक अतिसंयुग्मन और एल्किल समूहों के प्रेरणिक प्रभाव से स्थायी होते हैं। इसलिए, तृतीयक मुक्त मूलक द्वितीयक से अधिक स्थायी होते हैं, जो प्राथमिक से अधिक स्थायी होते हैं।
Q11. किसी द्रव को उबालकर और फिर उसकी वाष्प को संघनन करके उसके गैर-वाष्पशील अशुद्धियों से अलग करने की प्रक्रिया कहलाती है: 1 Marks
उत्तर (Answer): आसवन (Distillation) किसी द्रव को वाष्प में बदलकर और फिर वाष्प को वापस द्रव में ठंडा करके गैर-वाष्पशील अशुद्धियों से शुद्ध करने की मानक विधि है।
Q12. निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक प्रकाशीय समावयवता प्रदर्शित करता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): प्रकाशीय समावयवता किरले (chiral) अणुओं द्वारा प्रदर्शित की जाती है, जिनमें समतल की समरूपता का अभाव होता है और जिनमें एक किरले कार्बन परमाणु (चार अलग-अलग समूहों से जुड़ा असममित कार्बन) होता है।
Q13. लैसेन निष्कर्ष (Lassaigne's extract) का परीक्षण ताजे बने आयरन(II) सल्फेट और तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ किसकी उपस्थिति का पता लगाने के लिए किया जाता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): कार्बनिक यौगिक में नाइट्रोजन का पता लैसेन परीक्षण द्वारा लगाया जाता है, जहाँ सोडियम संगलन निष्कर्ष को $FeSO_4$ और $H_2SO_4$ के साथ उपचारित करके फेरिक फेरोसायनाइड के निर्माण के कारण प्रूशियन नीला रंग प्राप्त किया जाता है।
Q14. ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित की जाती है: 1 Marks
उत्तर (Answer): ज्यामितीय समावयवता सामान्यतः ऐसे एल्कीनों द्वारा प्रदर्शित की जाती है जिनमें कार्बन-CARBON द्विआबंध के चारों ओर घूर्णन प्रतिबंधित होता है, बशर्ते दोनों कार्बन परमाणु दो भिन्न समूहों से जुड़े हों।
Q15. कार्बोक्जिलिक अम्लों में उपस्थित क्रियात्मक समूह है: 1 Marks
उत्तर (Answer): कार्बोक्जिलिक अम्लों में कार्बोक्सिल समूह $-COOH$ होता है, जो कार्बोनिल समूह और हाइड्रॉक्सिल समूह का संयोजन है।